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  • झारखंड आंदोलन की देन है तोलोंग सिकि लिपि

    झारखंड आंदोलन की देन है तोलोंग सिकि लिपि

    तोलोंग सिकि कुड़ुख आदिवासी भाषा की लिपि की विकास यात्रा ने एक नयी पीढ़ी तक का सफर तय कर लिया है । 28 वर्षों यह सफर एक कठिन यात्रा की तरह पूरी हुई है। आज भी यह सफर अपनी मंजिल पूरी नहीं कर पाया है परंतु तोलोंग सिकि को आधुनिक भाषा लिपि के रूप में सामाजिक मान्यता…

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  • भाषा, मानव विकास के लिए अनमोल रत्न   

    भाषा, मानव विकास के लिए अनमोल रत्न   

    ईशा से हजारों सालों पूर्व में भी मानव सभ्यता थी और र्इसा के बाद 2018 र्इ के बीत जाने के बाद भी मानव समुदाय और समाज का विकास के बीच एक अत्यन्त ही गम्भीर और ज्वलंत भय सा बना हुआ है। पूरी दुनियाँ विकास की बात से जुड़ी हुर्इ हैं। कर्इ देा विकसित हो गए…

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  • बरा घोखदत का – कुंडुखर गहि, एज्जरना एकासे परदा उंगी?

    बरा घोखदत का – कुंडुखर गहि, एज्जरना एकासे परदा उंगी?

    हमारी सामाजिक एकता टूट रही है क्योंकि – 1.आज हमारी पड़हा,धुमकड़िया,अखड़ा, चाला-टोंका, पंचा, मदाइत, कोहा-बेंज्जा,कुंडी आदि की समृद्ध परंपरा छिन्न-भिन्न हो गई है. फलतः,समाज के सभी लोगों को जोड़े ऱखने की जो एकजुट, मजबूत पुरखा परंपरा कायम थी, वह कड़ी व सामाजिक एकजुटता की लय कहीं टूट गई लगती है.ऐसी हालत में अब हम क्या कर…

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  • कुँड़ख़र ही कुड़ा-मो:ख़ा सिखिरना अरा सिखाबअ़ना

    कुँड़ख़र ही कुड़ा-मो:ख़ा सिखिरना अरा सिखाबअ़ना

    बअ़नर – हुल्लो परिया नु नमहय पुरखर टोड़ंग-परता अरा नाल-झरिया अबड़ा गने रअ़नुम नमन बछाबा:चर। आ बेड़ा नु कन्दा-ख़ंजपा गुट्ठिन बेगर बी:तकम मो:ख़ा लगियर। अहड़न हूँ ख़े:नम मो:ख़ा लगियर। कूल गे की:ड़ा लग्गो दिम अरा जिया गे अम्म ओनका लग्गो दिम। अवंगे कूल-की:ड़ा अरा अम्म ओनकन मेटाबआ गे टोड़ंग परता ता ख़ंजपन मो:ख़र दरा झरिया…

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  • मुक्का सेन्दरा अरा खुटी जगाबअ़ना

    मुक्का सेन्दरा अरा खुटी जगाबअ़ना

    ईन्नेलता मुक्का सेन्दरा (जनी शिकार) कुँड़ख़र ही मजही ती बहरी उरखर जेतआ छोटानागपुरिया पेल्लर अरा मुक्कर गही जितंकार परब बेसे मंज्जा केरा। र्इ मुक्का सेन्दरा 12 बछर नु ओंगओल मनी। केरका 2017 चान नु मुक्का सेन्दरा मंज्जा। आ चान बर्इसाक पुनर्इ गूटी नु पद्दा गइनका मुक्का सेन्दरा बे:चतारा। पद्दा का दृाहर, पढ़ुवा का मल पढ़ुवा,…

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  • धरमुस बिट्ठी केरस (एक इतिहास)  

    देवनाथ सायस गही समधियान कुकड़ो पद्दा रहचा। तंगदन ओन्दर’आ गे गोल्लस धरमुसिन बिट्ठी धरचस। र्इ चान पर्इयाँ उरूख़कन्ती आस तंगदा गने पुरी सहर तिरिथ काला गे मनमनरस। धरमुस मून्द गोटंग अउर कुँड़खा़रिन बिद्दयस। देवनाथ गोल्लस गहि तिरिथ उरूखना उल्ला पतरा ए:रर की टिपिरकी रहचा। अँवती धरमुस तड़तड़ाय के कुकड़ो पद्दा केरस। पालकी नुं बिजोली बींड़िन…

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  • बरहो भाई असुरर दरा तेरहो भाई लोधरर

    बअ़नर, अद्दी परिया नु बारहो भार्इ असुरर अरा तेरहो भार्इ लोधरर, उल्ला-मा:ख़ा पन्ना कमआ गे कूट्ठिन धुकआ लगियर। आर गही कूट्ठि धुकना ती मोजख़ा (धुआँ) मेरख़ा नु अरगा लगिया। अदिन धरमेस गही घोड़ो हंखराज-पंखराज सहआ पोल्ला दरा ओनना-मो:ख़नन अम्बिया चिच्चा। हंखराज-पंखराज घोड़ो गही दसन ए:रर धरमेस गे दव मल लग्गिया केंधेल, ख़ने आस ढिचवन मना…

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  • फग्गु परब ही ख़ीरी/धुमकुड़िया ही मुंधता ख़ीरी (फग्गु पर्व तथा धुमकुड़िया के आरंभ की कुँड़ुख़ लोक-कथा)

    बअ्नर हुल्लो परिया नु कुँडु.ख़ खोंड़हा अकय ससर्इत नु रहचा। ओण्टा सोनो गिधि (ॅीपजम अनसजनतम) आल जियन केरमे-केरमे पिटा-मुंज्जा लगिया। आद आ:लर गही उगता-पगसिन ओन्टे कोहाँ ले सरा-हरा सिम्बाली मन्न नु खोता कमआ लगिया अरा आ:लारिन नेप्पा-नेप्पा खोता मइय्याँ पिटा-मोख़ा लगिया। एका-एका से उल्ला कट्टा लगिया अन्नेम नितकिम ओरोत आल जिया खोंडहा ती नठारआ लगियर।…

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  •   लिटीबीर अरा टटख़ा खोरका ता एड़ेथ कण्डो

    लिटीबीर अरा टटख़ा खोरका ता एड़ेथ कण्डो, गही बखनी झारखण्ड रा:जी ता जिला गुमला, थाना घाघरा, पत्रालय पुटो, पद्दा तिलसिरी गेड़े टोला ता सियाँ नु मंज्ज-केरका तली। इसता अड्डा अक्कु एड़ेथ कण्डो ही ना:मे ती जगआ लगी। अन्ने गा र्इद पुरखा परिया तिम जगोतर रअ़र्इ, पँहेस जोक्क उल्ला गे इदी गही हुदा अरबरकी रहचा। अक्कु…

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  • पद्दा ता देबी अयंग

    बअ़नर हुल्लो परिया नु ओण्टा कुँडुख़ बे:लस तंगआ बेलख़ा नु दव कुना रा:जी-पा:टी चलाबअ़आ लगियस। एड़पा-पल्ली, बेलख़ा, आ:लर अरा सँवसे जिया-जँऊत बे:लस गही बेलख़ा नु निचोत रअ़आ लगिया। एन्ने बेलख़ा रा:जी नु बे:लासिन अम्मबर ने:का हुँ ससर्इत मल रहचा। बे:लस रा:जी चलाबअ़ओ बा:री गा डिढ़गर मना लगियस पंहेस एड़पा उला कलपारआ लगियस। आस गही एड़पा…

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