Folklore
Tribal Life, History, Rituals, etc.
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वर्षा अच्छी होगी इस साल : गजेन्द्र उरांव

यह विडियो आदिवासी समाज से अर्जित ज्ञान के तरीके से मौसम भविष्यवाणी कर्ता श्री गजेन्द्र उरांव, उम्र 64 वर्ष, ग्राम सैन्दा, थाना सिसई जिला गुमला द्वारा दिनांक 24.05.2026 को शूट किया गया साक्षात्कार है। इस प्रकार का मौसम भविष्यवाणी, बाबा गजेन्द्र उरांव द्वारा विगत 12 वर्षों से किया जा रहा है। बाबा गजेन्द्र उरांव धान…
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उरांव लोकजीवन, लोककथाथा, लोकसाहित्य एवं उरांव इतिहास

यह फोटो लातेहार जिले के महुआ टांड़ प्रखंड के अन्तर्गत बुढ़ा नदी ऊर्फ पचगी ख़ाड़ नदी, बोहटा नदी एवं ओरंगा नदी, सुगाबांध स्थान पर मिलकर सोन एवं गंगा में जाकर मिलती है। इसी तरह ओड़ंगा अंड़िया, कांस, परास, बंकी नदी दक्षिणी कोयल नदी के रूप में कारो एवं शंख नदी एक साथ बहते हुए राउरकेला…
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युकेजी की बच्ची ने कुंड़ुख भाषा व तोलोंग सिकि में गीत गाया

यह विडियो दिनांक २४ अक्टूबर २०२५ को शूट किया हुआ, थाना – सिसई, जिला – गुमला, झारखंड के अन्तर्गत सोहदरी उरांव पब्लिक स्कूल, शिवनाथपुर डहुटोली का है। यहां पर, बच्चे स्कूल की पढ़ाई के साथ कुड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि, लिपि में पढ़ते-लिखते हैं। इस विडियो में UKG एक बच्ची द्वारा कुड़ुख़ भाषा गीत गाकर…
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झारखंड के शिवनाथपुर गांव (सिसई) में कुड़ंख यानी तोलोंग सिकि भाषा में गणित का पहाड़ा याद करते बच्चे

यह विडियो दिनांक २१ अक्टूबर २०२५ को शूट किया हुआ ग्राम शिवनाथपुर, थाना – सिसई, जिला – गुमला, झारखंड के धुमकुड़िया का है। यहां पर, बच्चे स्कूल की पढ़ाई के साथ कुड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि, लिपि में पढ़ते-लिखते हैं। इस विडियो में एक बच्चे द्वारा 1 से 5 तक का पहाड़ा, कुड़ुख़ भाषा में…
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चौंकाने वाली भविष्यवाणी है आदिवासी मौसम पूर्वानुमान कर्ता की
यह विडियो दिनांक 25.05.2025 को शूट किया गया आदिवासी मौसम विज्ञानी श्री गजेन्द्र उरांव उम्र 63 वर्ष ग्राम सैन्दा थाना सिसई जिला गुमला निवासी की है। मौसम पूर्वानुमान के बारे में उनका पूर्वानुमान विगत 12 वर्षों से सटीक रहा है। पिछले वर्ष 2024 में उन्होंने मौसम पूर्वानुमान में कहा था 2024 में वर्षा तीनों खण्ड…
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Sarhul: A Celebration of Spring, Heritage, and Dravidian Roots

Sarhul: Introduction: Sarhul is a vibrant spring festival celebrated in Jharkhand, marking the beginning of the new year. Observed for three days, starting from the third day of the Chaitra month, it holds deep significance for the Kurukh / Oraon speaking Dravidian community. The name “Sarhul” likely originates from the Tamil word “Cālam” (சாலம்), which refers…
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अंतर्राष्ट्रीय साहित्य उत्सव 2023 भोपाल, में पढ़ी गई कुंड़ुख (उरांव) कविताएं

डॉ नारायण उरांव ‘सैन्दा’ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय साहित्य उत्सव 2023 भोपाल, में पढ़ी गई कुंड़ुख (उरांव) – हिन्दी अनुवाद कविताएं
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फागु सेंदेरा की मुण्डारी लोककथा

फागुन का महीना खत्म होने ही वाला है, होलिका दहन एवं उसके दूसरे दिन होली का त्योहार भारत के लगभग हर हिस्से में बहुत ही उल्लास और जोश के साथ मनाया जाता है, किंतु यदि मुंडा जनजाति( होडो) की आदिम परंपरा एवं लोक कथाओं पर नजर डाले तो फागू नेग एवं सेंदरा की परंपरा दिखाई…
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गुमला मान्दर के संबंध में कुड़ुख़ (उरांव) भाषा में लोकगीत 2

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मान्दर के संबंध में कुड़ुख़ (उरांव) भाषा में लोकगीत

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- उरांव लोकजीवन, लोककथाथा, लोकसाहित्य एवं उरांव इतिहासयह फोटो लातेहार जिले के महुआ टांड़ प्रखंड के अन्तर्गत बुढ़ा नदी ऊर्फ पचगी ख़ाड़ नदी, बोहटा नदी एवं ओरंगा नदी, सुगाबांध स्थान पर मिलकर सोन एवं गंगा में जाकर मिलती है। इसी तरह ओड़ंगा अंड़िया, कांस, परास, बंकी नदी दक्षिणी कोयल नदी के रूप में कारो एवं शंख नदी एक साथ बहते हुए राउरकेला… Read more: उरांव लोकजीवन, लोककथाथा, लोकसाहित्य एवं उरांव इतिहास
- KURUX PHONETIC READER कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिएयह पुस्तक KURUX PHONETIC READER के नाम से मई 1985 में CIIL MYSORE द्वारा प्रकाशित हुआ है। इसका प्रथम संस्करण का समय, 40 वर्ष एवं 10 महीने से अधिक है। आदिवासी भाषा में शोध कर रहे शोधकर्ताओं द्वारा इस पुस्तक की मांग को देखते हुए कुड़ुख़ भाषा विज्ञान की इस आधार स्तंभ पुस्तक को सामान्य… Read more: KURUX PHONETIC READER कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिए
- जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस संपन्नदिनांक 01.04.2026, दिन बुधवार को जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस फादर कामिल बुल्के पथ रांची में स्थित सत्यभारती के सभागार में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर नए अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चयन किया गया। समारोह में रांची विश्वविद्यालय के नागपुरी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. वीरेंद्र महतो को मंच का अध्यक्ष… Read more: जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस संपन्न
- कुड़ुख़ टाइम्स का 17वां अंक प्रकाशित हुआकुड़ुख़ टाइम्स का 17वां अंक आप पाठकों के सामने है। यह अंक अपने नये स्वरूप में आप पाठकों के लिए रोचक होगा। कुड़ुख़ संस्कृति एवं नेगचार को असम के डिब्रूगढ़ क्षेत्र में रहने वाले उरांव लोगों को जानिए। साथ ही तमिल-भाषी डॉ स्टीफन जी द्वारा इतिहास के पन्नों पर शोध परक लेख देखने को मिलेगा।… Read more: कुड़ुख़ टाइम्स का 17वां अंक प्रकाशित हुआ