Folklore
Tribal Life, History, Rituals, etc.
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संचु ख़ेस्स रचित पांच कुँड़ुख़ कविताएँ

श्री संचु ख़ेस्स द्वारा रचित पांच कुँड़ुख़ कविताएँ‚ तोलोंग सिकि एवं देवनागरी में (फोटो में‚ कविता पाठ करते हुए श्री संच्चु ख़ेस्स) say sancu xes, bAlurGAt, wakCiN winAjpur (pafbaMgAl) hi tu:zkA paMce kaqQdaN|di Gi qoloX siki arA wevnAgri nu qarjumA श्री संचु ख़ेस्स द्वारा रचित पांच कुँड़ुख़ कविताएँ‚ तोलोंग सिकि एवं देवनागरी में (फोटो में‚ कविता पाठ करते…
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तोलोंग सिकि तोड़पाब (वर्णमाला) पर कुँड़ुख़ बाल कविता
तोलोंग सिकि तोड़पाब (वर्णमाला) पर श्री बिमल टोप्पो की कुँड़ुख़ बाल कविता का देवनागरी एवं तोलोंग सिकि में लिप्यान्तरण तोलोंग सिकि तोड़पाब (वर्णमाला) पर श्री बिमल टोप्पो की कुँड़ुख़ बाल कविता का देवनागरी एवं तोलोंग सिकि में लिप्यान्तरण तोलोंग सिकि तोड़पाब (वर्णमाला) पर श्री बिमल टोप्पो की कुँड़ुख़ बाल कविता का देवनागरी एवं तोलोंग सिकि…
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ग्रामीण मौसम पूर्वानुमान के अनुसार – रथ यात्रा से करमा तक अच्छी वर्षा होगी

विगत 7 वर्षों से ग्रामीण लोकज्ञान के अनुसार मौसम पूर्वानुमान कर रहे थाना – सिसई, जिला – गुमला (झारखण्ड ) के सैन्दा् एवं सियांग गाँव के निवासी गजेन्द्रा उराँव (65 वर्ष, फोटो में बायें) तथा श्री बुधराम उराँव (70 वर्ष, फोटो में दायें) द्वारा घर में रखा हुआ पिछले वर्ष का धान (बीज वाला धान)…
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यहां गाकर सिखाते हैं कुड़ुख (आदिवासी भाषा) मातृभाषा!

यह विडियो, कार्तिक उरांव आदिवासी कुड़ुख् विद्यालय, मंगलो, सिसई, गुमला में चल रहे कुंड़ुख् हिन्दीआ विद्यालय की कक्षा का है. इस कक्षा में कुंड़ुख् गीत एवं कविताओं को मौसमी राग में गाकर पढ़ाया जाता है. पढ़ाई के इस तरीके से गांव स्तकर में गीत नृत्य़ को फिर से जागृत करने में मदद मिलेगी. साधारणतया ऐसा…
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ख़द्दी परब (सरहुल त्योहार)

नमहँय देश भारत नू अकय बग्गे भख़ा कछनखरऊ अरा नने किसिम गहि संस्कृति खोड़हा नू मेसेरका रअ़र्इ। हुल्लो परिया तिम इसन नने रकम जइतर तंगआ-तंगआ भख़ा-संस्कृति, परम्परा अरा विश्वासन अङिय’अर संग्गे-संग्गे रअ़ते बरआ लगनर। र्इवन्दा बेड़ा नू अकय किय्या-मर्इय्या मंज्जा। एका-एका जइतर गहि भख़ा-संस्कृति, इतिङख़ीरी गहि कगद नूम रर्इह केरा, पहें एका-एका खोड़हा गहि आ:लर,…
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धुमकुडि़या दिवस 2012 : एक स्वागत गीत

यह विडियो ग्राम सैन्दा, थाना सिसर्इ, जिला गुमला में धुमकुड़िया दिवस का है। यह आयोजन डॉ0 नारायण उराँव ‘सैन्दा’ द्वारा परम्परागत सामाजिक संस्था ‘धुमकुड़िया’ को पुनर्जीवित करने के उदेश्य से दिनांक 14 जनवरी 2012 को किया गया था। इस आयोजन का उदेश्य कुड़ुख़ भाशा-संस्कृति को संरक्षण तथा संवर्द्धन करना है। साथ ही मातृभाशा के माध्यम…
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मीठे बोल बचपन के : आदिवासी समाज में भाषा का रियाज़ बचपन से ही शुरू होता है

यह विडियो लिटिबीर कुड़ुख़ एकेडमी, तिलसिरी, घाघरा, गुमला का है। कोरोना लॉकडाउन के चलते बच्चे घर में ही परम्परागत गीत सीख रहे हैं। 2रा विडियो में वही बच्चे अंगरेजी कविता याद कर रहे हैं। इस विद्यालय में कुड़ुख़ भाशा-संस्कृति के माध्यम से अंगरेजी एवं हिन्दी की उंचार्इ तक पहुँचने के उदेश्य से संचालित है।
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Tribal society of jharkhand & their community music

झारखंड का आदिवासी समाज और भाव विभोर करनेवाले उनके कोरस संगीत! .. जरूर सुनिये..
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झारखंड के लोक संगीत का आनंद लीजिए!

झारखंड के लोक संगीत का आनंद लीजिए! Enjoy the folk music of Jharkhand!
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करम परब गही ख़ीरी (करम त्योहार की कहानी)

बअ़नर – हुल्लो परिया नु ओरोत कुँड़ुख़ बे:लस ही रा:जी नु ओंगओल अनभनियाँ रा:जी कीड़ा मंज्जा। चेंप-झड़ी मल पुर्इंका ती खितीपुती मल मना लगिया। तूसा-झरिया, खाड़-ख़ोसरा, कूबी-पोखारी उरमी ख़ाया लगिया। मन्न-मास ही खं़जपा हूँ नठारआ हेल्लरा। ओना-मोख़ा गे मल ख़खरना ती टोड़ंग-परता ता अड़ख़ा-चे:खे़ल अरा बोकला गुट्ठीन मो:ख़र, आलर एकअम बेसे उल्ला खेपआ लगियर। चान-चान,…
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- झारखंड में आदिवासी अधिकारों को लेकर ‘महाजुटान’: परिसीमन के नाम पर ST आरक्षण और राजनीतिक हिस्सेदारी घटाने की साजिश का आरोपरांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित मोरहाबादी मैदान में आयोजित भव्य ‘आदिवासी एकता महाजुटान’ में राज्य के जनजातीय समाज के संवैधानिक अधिकारों, जल-जंगल-जमीन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर केंद्र सरकार तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ हुंकार भरी गई। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और आदिवासी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि… Read more: झारखंड में आदिवासी अधिकारों को लेकर ‘महाजुटान’: परिसीमन के नाम पर ST आरक्षण और राजनीतिक हिस्सेदारी घटाने की साजिश का आरोप
- विश्व आदिवासी दिवस: जल, जंगल और जमीन के संरक्षकों के गौरव का दिन, झारखंड में उमड़ा उल्लासरांची (9 अगस्त, 2026): आज पूरे देश और दुनिया में ‘विश्व आदिवासी दिवस’ (International Day of the World’s Indigenous Peoples) पारंपरिक उत्साह और गौरव के साथ मनाया जा रहा है। मूल निवासियों के अधिकारों, उनकी समृद्ध संस्कृति और जल, जंगल, जमीन के संरक्षण में उनके योगदान को याद करने का यह एक ऐतिहासिक अवसर है।… Read more: विश्व आदिवासी दिवस: जल, जंगल और जमीन के संरक्षकों के गौरव का दिन, झारखंड में उमड़ा उल्लास
- Kurukh Times Web Magazine Issue 05कुंड़ुख टाइम्स का वेब मैगजिन अंक 05 प्रकाशित हो गया है। नीचे पीडीएफ में पढ़े और डाउनलोड करें।
- Kurukh Times Web Magazine Issue 03कुंड़ुखटाइम्स का वेब मैगजिन अंक 03 प्रकाशित हो गया है। इसे नीचे पीडीएफ में पढ़ सकते हैं चाहें तो डाउनलोड भी कर सकते हैं।
- Kurukh Times Magazine Issue 02कुंड़खटाइम्स का वेब मैगेजिन अंक 2 प्रकाशित हो गया है। इसे नीचे पीडीएफ में पढ़ सकते हैं और चाहें तो डाउनलोड भी कर सकते हैं।