Opinion
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ब्रिटिश शासन का प्रभाव आदिवासियों के जीवन और संस्कृति पर – एक नजर

छोटानागपुर पठार (वर्तमान झारखंड और आस-पास के क्षेत्रों) में ब्रिटिश शासन का प्रभाव आदिवासियों के जीवन और संस्कृति पर गहरा और दीर्घकालिक रहा। इसने उनके आर्थिक जीवन, भूमि-संबंध, सामाजिक ढाँचे और सांस्कृतिक पहचान को गहराई से प्रभावित किया। इसके कुछ प्रमुख पहलुओं पर प्रभाव: 1. पारंपरिक भूमि व्यवस्था का विघटन • ब्रिटिश शासन से…
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देवनागरी लिपि का आधार : एक चर्चा
यह विडियो दिनांक 30.01.2025 दिन बृहस्पतिवार को शूट किया गया है। यह विडियो कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा के वेद विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ विनय कुमार मिश्रा एवं कुड़ुख़ तोलोंग सिकि लिपि के सर्जक डॉ नारायण उरांव सैन्दा के बीच हुई बातचीत का अंश है। इस बातचीत में देवनागरी लिपि का आधार विषय पर…
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झारखण्ड के गुमला शहर के नामकरण की अवधारणा

पुरखर बाःचका रअ़नर – कुद्दोय ना बेद्दोय, ओक्कोय ना ख़क्खोय अर्थात घुमोगे (ढूँढ़ोगे) तो खोजोगे (पाओगे), बैठोगे यानी संगत में बैठोगे तो ज्ञान हासिल करोगे। तथ्य है कि झारखण्ड राज्य में गुमला नामक एक जिला है, जिसका मुख्यालय गुमला है। गुमला जिला के गुमला शहर का नामकरण की अवधारणा के बारे में कई बुजूर्ग अलग-अलग…
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छिन्न-भिन्न होती आदिवासियत

“आदिवासियत” शब्द का मतलब आदिवासी जीवनशैली, संस्कृति, परंपराओं, और जीवन मूल्यों से है जिसे आदिवासी समुदय अपने आत्मीयता में संरक्षित रखते हैं। यह उन समुदायों की पहचान और धरोहर को संदर्भित करता है जो प्राचीन काल से अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक और सामाजिक संरचनाओं के साथ जुड़े हुए हैं। यूनेस्को (UNESCO) के अनुसार आदिवासियत को निम्नलिखित…
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क्या हेमन्त सरकार आदिवासी भाषाओं के साथ भेदभाव पूर्ण रवैया रखती है?

रांची: झारखंड के आदिवासी चाहते हैं कि उनके बच्चों को अंग्रेजी, हिन्दी के अलावा अपनी मातृभाषा (आदिवासी) भी पढ़ना अनिवार्य किया जाए। जबकि झारखंड सरकार के शिक्षा विभाग ने एक अधिसूचना जारी करके आदिवासी समाज में उबाल जा दिया है। इस बाबत आदिवासियों की चर्चित स्वयंसेवी संस्था ‘अद्दी अखड़ा (अद्दी कुंड़ुख चा:ला धुमकुडि़या पड़हा अखड़ा)’…
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आदिवासी समाज में सच और झूठ के बीच ईर्ष्या द्वेष की दीवार

ईर्ष्या द्वेष और मैजिकल माइंडसेट आदिवासी समाज और खासकर संताल समाज में इतना ज्यादा है कि भले सच्चाई दब जाए ? समाज मिट जाए ? मगर हम किसी को उसकी मेहनत, मेरिट और सफलता का श्रेय नहीं देंगे ? क्यों देंगे ? क्योंकि श्रेय देने से उसका नाम होगा, समाज को एक नेतृत्व मिल सकता…
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जो हाल पाकिस्तान की जनता का है वही हाल आदिवासी का भी है

जो रिजर्वेशन विकास के लिए दिया गया उसे हम अपना बैसाखी मान बैठें है। आखिर एक कहावत है जब फ्री का पेट भरने के लिए मिल ही जाता है तो फिर दिमाग में इनोवेशन, व्यापार और नया हुनर सीखने के लिए दिमाग क्यों लगाएं। जो रिजर्वेशन समाज को विकसित करने में खर्च होना था उसे…
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‘विहिप का बयान अमर्यादित एवं मानसिक शोषण का प्रतीक’

दिनांक 19.11.2021 को विश्व हिन्दु परिषद के प्रांत मंत्री डॉ. बिरेन्द्र साहु द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा गया कि हिन्दुओं का 16 संस्कार को आदिवासी भी मानते हैं‚ तो अलग से सरना धर्म कोड क्यों ॽ उन्होंने यह कहा कि संविधान में जनजाति समुदाय को हिंदू धर्म की श्रेणी के अंतर्गत रखा गया है।…
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हिंदू धर्म के 16 संस्कारों की परंपरा का पालन आदिवासी भी करते हैं फिर सरना धर्म कोड क्यों?

रांची: आदिवासी नेता डॉ करमा उरावं के बयान पर हमलावर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) व सहयोगी संस्थाओं ने सरना धर्म कोड की मांग के खिलाफ मोर्चा खोला है। उनका कहना है कि आदिवासी या जनजातीय समाज को अलग धर्म कोड की कोई आवश्यक्ता ही नहीं। वे तो हिंदू हैं। ‘सरना’ केवल पूजा स्थल को कहा…
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कुँड़ुख़ तोलोंग सिकि (लिपि) पर उठते सवाल : एक परिचर्चा

जैसा कि हम सभी को जानते हैं कि – कुँड़ुख़ भाषा की लिपि, तोलोंग सिकि है। झारखण्ड सरकार द्वारा इस लिपि को वर्ष 2003 में कुंड़ुख़ भाषा की लिपि स्वीकार करते हुए केन्द्र सरकार को अनुसंशित किया गया है। साथ ही प. बंगाल में कुँड़ुख़ भाषा को 2018 से 8वीं राजकीय का दर्जा प्राप्तग है।…
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- दिवंगत रूपी सोरेन को दी श्रद्धांजलि: केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और अन्य नेताओं ने सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात कर प्रकट की संवेदनाएंनेमरा (रामगढ़): मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित पैतृक आवास पर जनप्रतिनिधियों और नेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार (9 अक्टूबर 2026) को केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ, मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर, विधायक डॉ. नीरा यादव, विधायक श्रीमती ममता देवी तथा पूर्व विधायक श्री लंबोदर महतो ने… Read more: दिवंगत रूपी सोरेन को दी श्रद्धांजलि: केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और अन्य नेताओं ने सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात कर प्रकट की संवेदनाएं
- झामुमो परिवार को गहरा झटका: दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी और CM हेमंत की मां रूपी सोरेन नहीं रहींरांची। झारखंड के राजनीतिक परिदृश्य और झामुमो (JMM) परिवार के लिए बुधवार का दिन बेहद दुखद खबर लेकर आया। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और झारखंड आंदोलन के महानायक ‘दिशोम गुरु’ स्वर्गीय शिबू सोरेन की धर्मपत्नी रूपी सोरेन का निधन हो गया है। उन्होंने रांची स्थित हिल व्यू अस्पताल में इलाज के दौरान… Read more: झामुमो परिवार को गहरा झटका: दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी और CM हेमंत की मां रूपी सोरेन नहीं रहीं
- सदियों पुरानी मौखिक परंपराओं को ग्रंथ में ढालता उरांव समाजआदिवासी समाज के नियम-कानून, रीति-रिवाज, अनुष्ठान, आदि सदियों से मौखिक प्रक्रिया से चलते रहे हैं। अब जब पूरा समाज बदल रहा है। ऑफिस-कोर्ट आदि की जटिल प्रक्रिया किसी काम के निष्पादन में ज्यादा वक्त लेती रही हैं। जाहिर है इससे त्वरित न्यायिक प्रक्रिया और समाधान इससे प्रभावित होती रही है। ऐसे में उरांव समाज संभवत:… Read more: सदियों पुरानी मौखिक परंपराओं को ग्रंथ में ढालता उरांव समाज
- एशियन गेम्स में ‘गोल्ड’ जीतकर लौटीं झारखंड की बेटियां, सीएम हेमंत सोरेन ने किया सम्मानितरांची: एशियन गेम्स 2026 में स्वर्णिम इतिहास रचने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की झारखंडी खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया तथा मिठाई… Read more: एशियन गेम्स में ‘गोल्ड’ जीतकर लौटीं झारखंड की बेटियां, सीएम हेमंत सोरेन ने किया सम्मानित
- बारिश में बढ़ा सांपों का खौफ, 2 महीने में 250 से अधिक रेस्क्यू; 30 मिनट में पहुंचेगी वन विभाग की टीममानसून की शुरुआत के साथ ही देवघर जिले के रिहायशी इलाकों में सांपों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। पहाड़ी और वनांचल क्षेत्र होने के कारण बारिश में बिलों में पानी भरने के बाद सांप सूखी और गर्म जगह की तलाश में घरों के आंगन, किचन और बेडरूम तक पहुंच रहे हैं। इस खतरे से… Read more: बारिश में बढ़ा सांपों का खौफ, 2 महीने में 250 से अधिक रेस्क्यू; 30 मिनट में पहुंचेगी वन विभाग की टीम