उरांव लोकजीवन, लोककथाथा, लोकसाहित्‍य एवं उरांव इतिहास

यह फोटो लातेहार जिले के महुआ टांड़ प्रखंड के अन्तर्गत बुढ़ा नदी ऊर्फ पचगी ख़ाड़ नदी, बोहटा नदी एवं ओरंगा नदी, सुगाबांध स्थान पर मिलकर सोन एवं गंगा में जाकर मिलती है। इसी तरह ओड़ंगा अंड़िया, कांस, परास, बंकी नदी दक्षिणी कोयल नदी के रूप में कारो एवं शंख नदी एक साथ बहते हुए राउरकेला इस्पात नगर के वेद व्यास स्थान के पास ब्राह्मणी नदी से मिल जाती है। तथ्य है कि उरांव समुदाय का विकास, उतरी कोयल एवं दक्षिणी कोयल नदी घाटी के किनारे विकसित किया है। इससे संबंधित बातों को ध्यान देने के लिए इससे संबंधित लेख विचार पढ़ें और आनंद लें।

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