Folklore

Tribal Life, History, Rituals, etc.

  • एंग सईहा : एक कविता कुंड़ुख में..

    एंग सईहा : एक कविता कुंड़ुख में..

    एंग सईहा  अक्कु नीन गेच्छम ओक्कर ओत्ख़ीम रअ़दी,ह’ई एन अख़एन निंग्गन,का नीन नेख़य तीम ईदरिम मला बअ़दी।होरमर ती नुड़दी ससईतन,अरा सहआगे सीखरआ लगदी छछेम रअर नीन।एन्देरगे का ईद मुक्कर गहि मेद जे तली ।मे:द ता हुरमी गोट बदलारना हूं ओंटे-ओंटे नुंजनन अख़तिई।इन्ना नीन इवंदा कोंहा परदकी एन्देर अख़ओय नीन  एन्दरा- एन्दरा सहचकी होतंग,सन्नी पूंप ती अयंग छांव…

    Read More

  • ग्रामीण मौसम भविष्‍य-वक्‍ता का पूर्वानुमान 2024

    विगत 10 साल से ग्रामीण इलाकों में प्रक़ति की वस्‍तुओं को देखकर मौसम पूर्वानुमान करने वाले 65 वर्षीय श्री गजेन्‍द्र उरांव ने साल 2024 का  मौसम पूर्वानुमान बतलाया है। उन्‍होंने कहा कि इस साल 2024 में बरखा तीनों पाली में होगा । इससे फसल अच्‍छी होगी।  ग्रामीण मौसम पूर्वानुमान कर्ता द्वारा बरखा को तीन भाग…

    Read More

  • दव ख़ंजपा जिनगी घी : कुंड़ुख कविता

    दव ख़ंजपा जिनगी घी : कुंड़ुख कविता

    यह कुंड़ुख़ कविता, झारखंड पुलिस सेवा में कार्यरत एक उरांव व्यक्ति की है। उन्होंने अपने समाज के लोगों के दिल को छू लेने वाली कविता लिखी है। यह देवनागरी एवं तोलोंग सिकि, दो लिपि में पठनीय है। आइये आगे देखें और पढ़ें – दव ख़ंजपा जिनगी घी 1. जोंख़ मंजकन बेंज्‍जा मंज्‍जा, धर्मेस घी दया ती,एंगदा बगर मंज्‍जर,…

    Read More

  • फग्गु परब अरा डिण्‍डा सिम्‍बाली गही कुंडु़ख़  पुरखा ख़ीरी

    फग्गु परब अरा डिण्‍डा सिम्‍बाली गही कुंडु़ख़  पुरखा ख़ीरी

    (फगुवा परब एवं सेमल पेड़ की पौराणिक  उरांव लोक-कथा) : बअ़नर हुल्लो परिया नु कुँडुख़ खोंड़हा ओंगओल अकय ससईत नु रहचा। ओण्टा सोनो गिधि (WHITE VULTURE) आल जियन केरमे-केरमे पिटा-मुंज्जा लगिया। आद आःलर गही उगता-पगसिन ओन्टे कोहाँ ले सरा-हरा सिम्बाली मन्न नु खोता कमआ लगिया अरा आःलारिन नेप्पा-नेप्पा खोता मइय्याँ पिटा-मोख़ा लगिया। आद 12 चान नू…

    Read More

  • कुल्‍ली (बेड़ो, रांची) धुमकुडि़या में नृत्‍य-संगीत

    यह विडियो धुमकुड़िया,  कुल्ली, बेड़ो, रांची का है। इस धुमकुड़िया में उरांव समाज का गीत संगीत, नाच गान के साथ कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि की पढ़ाई लिखाई होती है। इस भाषा लिपि पढ़ाई लिखाई योजना को टाटा स्टील फाउण्डेशन जमशेदपुर एवं अद्दी अखड़ा रांची के संयुक्त क्रियान्वयन में तकनीकी मदद किया जाता है। इस धुमकुड़िया…

    Read More

  • पारम्परिक मौसम विज्ञानी द्वारा मानसून का पूर्वानुमान : 2023 के लिए

    पारम्परिक मौसम विज्ञानी द्वारा मानसून का पूर्वानुमान : 2023 के लिए

    गुमला : जिला, सिसई : थाना के सैन्दा ग्राम निवासी श्री गजेन्द्र उराँव, पिता स्व0 डुक्का उरांव, उम्र 67 वर्ष द्वारा दिनांक 28 मई 2023, दिन रविवार को बिशुनपुर (गुमला) में वर्ष 2023 का मानसून पूर्वानुमान किया गया। श्री गजेन्द्र उरांव विगत 10 वर्षों से लगातार परम्परागत तरीके से बोये जाने वाले धान के बीज…

    Read More

  • उरांव समाज में सम्‍बन्‍ध विच्‍छेद की प्रक्रिया : एक लोकगीत में

    यह विडियो 17 मई 2023  को शूट किया गया है। इस विडियो में गायिका श्री मती सुशीला टोप्पो, पति श्री रन्थु उरांव द्वारा अपने गीत में परम्परागत उरांव समाज में प्रचलित वैयक्तिक प्रेम के चलते अपने वैवाहिक संबंध तोड़ने के लिए एक बहन अपने भाई से निवेदन करती है। भाई कहता है – जाओ बहन…

    Read More

  • Learning KURUKH [Tribal Language] through Rhymes Recitation in Rural Jharkhand I

    Learning KURUKH [Tribal Language] through Rhymes Recitation in Rural Jharkhand I

    पूरा वीडियो यहां देखें: https://youtu.be/AU5W3dAqQgQ  इस वीडियो में गाये जा रहे गीत के बोल- दादी-नानी अपने चरवाहे पोते से कहती है कि –  ओ इधर-उधर नजर करने वाले बच्‍चे, तुम किस प्रकार गाय-बैल चरा रहे हो, तुम्‍हारी बकरी भाग गयी और सियार का चारा बन गई। ओ इधर-उधर नजर करने वाले बच्‍चे, तुम घर-द्वार खेलने…

    Read More

  • गीत से सीख : झारखंड के गांवों में आदिवासी भाषा कुंड़ुख सीखने की अदा..

    गीत से सीख : झारखंड के गांवों में आदिवासी भाषा कुंड़ुख सीखने की अदा..

    ये विडियो झारखंड प्रदेश के गुमला जिला अंतर्गत सिसई प्रखंड के सैन्‍दा गांव में चल रहे धुमकुडि़या के बच्‍चों को भाषा सिखलाये जाने की कक्षाओं का अंश है। ये सभी वीडियो दिसम्‍बर 2022 में शूट किये गये थे। इस तरह की कक्षाओं के आयोजन के जरिये संध्‍या में बच्‍चों को Kurukh भाषा एवं तोलोंग सिकि,…

    Read More

Latest Posts