admin

  • जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा विभाग के नये भवन से लोगों में आशा का संचार

    जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा विभाग के नये भवन से लोगों में आशा का संचार

    रांची: आदिवासी एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग, रांची विश्वविद्यालय के नये परिसर भवन का उद्घाटन राज्यपाल द्रौपदी मु्र्मू द्वारा 13 दिसंबर को किया गया। इस प्रसंग में स्‍थानीय बौद्धिक तबके में उत्‍साह एवं आशा का माहौल देखा जा रहा है। लोगों को आशा है कि अब नई नियुक्तियाँ भी होंगी, ताकि छात्रों की पढ़ाई सुचारु रुप

    Read More

  • आदिवासी शिक्षा परंपरा को बचाने की कोशिश है धुमकुड़िया 2020

    आदिवासी शिक्षा परंपरा को बचाने की कोशिश है धुमकुड़िया 2020

    सरना यूथ वेलफेयर ग्रूप और आदर्श आदिवासी विकास सरना समिति के संयुक्त तत्वावधान में बीर बुधु भगत आदिवासी हॉस्टेल, हातमा  में ‘धुमकुड़िया-2020’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हर वर्ष इन संस्थाओं द्वारा आयोजित किया जाता है। कार्यक्रम के तहत पिछले चार दिनों तक वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के द्वारा  देश भर से युवा जुड़े। उन्‍होंने विभिन्न

    Read More

  • धुमकुड़िया में फिर दीया जला रहे हैं

    धुमकुड़िया में फिर दीया जला रहे हैं

    जंगल में तीर, धुनष, टंगिया अखड़ा में मांदर, नगाड़ा, ढोल,ढांक, बांसुरी, ठेसका, भेंर धुमकुड़िया के आंगन में बसुला, दउली, कुल्हाड़ी से बनाते हल,तीर धनुष,बलुवा, कुदाल का बेंट, बुनते कभी मछली के जाल, कभी बनाते गुलेल, कभी ढेलवाँस, दिमाग के टोकरी में,दउरी में इससे अधिक सजा लेते थे – बहुत कुछ हमारे आजा आजी, नाना नानी,

    Read More

  • उपन्‍यासकार रणेन्‍द्र से पत्रकार किसलय की लंबी बातचीत

    उपन्‍यासकार रणेन्‍द्र से पत्रकार किसलय की लंबी बातचीत

    श्रीलाल शुक्‍ल स्‍मृति इफ्फको सम्‍मान के लिए चुने गए साहित्‍यकार रणेन्‍द्र (निदेशक, डॉ रामदयाल मुन्‍डा जनजातीय कल्‍याण एवं शोध संस्‍थान, रांची) से पत्रकार किसलय की लंबी बातचीत की झलकियां यहां देखिये/सुनिये। पूरी बातचीत यहां सुन सकते हैं: https://youtu.be/95SDG6ExRCA

    Read More

  • गणचिह्ववाद या टोटम प्रथा

    गणचिह्ववाद या टोटम प्रथा

    Totem गणचिह्ववाद या टोटम प्रथा (totemism) किसी समाज के उस विश्‍वास को कहतें हैं जिसमें मनुष्‍यों का किसी जानवर, वृक्ष, पौधे या अन्य आत्मा से सम्बन्ध माना जाए। ‘टोटम’ दृाब्द ओजिब्वे (Ojibwe) नामक मूल अमरीकी आदिवासी कबीले की भाशा के ओतोतेमन (ototeman) से लिया गया है, जिसका मतलब अपना भार्इ-बहन रिश्‍तेदार है। इसका मूल शब्द

    Read More

  • कुंड़ुखटाइम्स डॉट कॉम तथा कुँड़ुख पाठ्य पुस्तकों का लोकार्पण

    कुंड़ुखटाइम्स डॉट कॉम तथा कुँड़ुख पाठ्य पुस्तकों का लोकार्पण

    डॉ रामदयाल मुण्डा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान, झारखंड़ सरकार एवं कुंड़ुख भाषा, संस्कृति, परंपरा, लिपि के संरक्षण व संवर्द्धन के लिए समर्पित संस्था अद्दी कुंड़ुख चाःला धुमकुड़िया, पड़हा अखड़ा (अद्दी अखड़ा) रांची के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार, 18 दिसंबर 2020 को डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ सत्यनारायण मुण्डा के मुख्य आतिथ्य में संस्थान

    Read More

  • डॉ निर्मल मिंज का संदेश : KurukhTimes.com के लोकार्पण के अवसर पर

    डॉ निर्मल मिंज का संदेश : KurukhTimes.com के लोकार्पण के अवसर पर

    जाने माने शिक्षाविद् व आदिवासी चिंतक डॉ निर्मल मिंज ने KurukhTimes.com के लोकार्पण के अवसर पर अपना शुभकामना संदेश रिकार्ड करवाया है। आप भी सुनें..

    Read More

  • Tribal society of jharkhand & their community music

    Tribal society of jharkhand & their community music

    झारखंड का आदिवासी समाज और भाव विभोर करनेवाले उनके कोरस संगीत! .. जरूर सुनिये..

    Read More

  • आदिवासियों के सवालों पर चुप्पी क्यों?

    आदिवासियों के सवालों पर चुप्पी क्यों?

    भारत जैसे महादेश में आज आदिवासियत पर विमर्श अपरिहार्य है। वास्तव में यह केवल अस्मिता अथवा अधिकारों का मसला मात्र नहीं है – आदिवासियत की प्रासंगिकता उन तमाम संदर्भों से भी है, जो आदिवासी समाज के संपन्नता से विपन्नता तक के संक्षिप्त इतिहास में आज कहीं जाहिर-अजाहिर तौर पर दर्ज हैं। सरकारों के लिये आदिवासियत

    Read More

  • प्रकृति और पर्यावरण के लिए क्या महत्व रखता है आदिवासियों का सरना धर्म

    प्रकृति और पर्यावरण के लिए क्या महत्व रखता है आदिवासियों का सरना धर्म

    देश में लंबे समय से आदिवासी समाज अपनी अलग धार्मिक पहचान की मांग करता आया है। झारखंड इस मांग का केंद्र रहा है और हाल के दिनों में यहां इस मांग ने जोर भी पकड़ा है। यही वजह है कि झारखंड के गठन के बाद पहली बार राज्य सरकार आदिवासियों के लिए अलग से धर्मावलंबी

    Read More

Latest Posts