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ख़द्दी परब (सरहुल त्योहार)

नमहँय देा भारत नू अकय बग्गे भख़ा कछनखरऊ अरा नने किसिम गहि संस्कृति खोड़हा नू मेसेरका रअ़र्इ। हुल्लो परिया तिम इसन नने रकम जइतर तंगआ-तंगआ भख़ा-संस्कृति, परम्परा अरा विवासन अङिय’अर संग्गे-संग्गे रअ़ते बरआ लगनर। र्इवन्दा बेड़ा नू अकय किय्या-मर्इय्या मंज्जा। एका-एका जइतर गहि भख़ा-संस्कृति, इतिङख़ीरी गहि कगद नूम रर्इह केरा, पहें एका-एका खोड़हा गहि आ:लर,…
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सिरजन-बिरजन गही ख़ीरी (सृष्टि कथा)
बअ़नर – एका बारी धरमेस मेरख़ा अरा ख़े़ख़लन कमचस आ बारी सँवसे ख़ेख़ेल अम्म ती निन्दका रहचा अरा गोट्टे नु उ:ख़ा दिम उ:ख़ा रहचा। इबड़न ए:रर धरमेस गे दव मल लग्गिया केंधेल, ख़ने आस बी:ड़ी कमचस। बी:ड़ी कमचका ख़ो:ख़ा उरमी बेड़ा बिल्ली रआ हेल्लरा। आद हुँ धरमेस गे द:व मल लग्गिया केंधेल, ख़ने आस उ:ख़ा…
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कुँड़ख़र ही सोहरई परब

हुल्लो परिया ता कत्था तली। टोड़ंग-परता मजही नू ओण्टे पद्दा रहचा। आ पद्दा ता उरमी, आलर-ते:लर, अड्डो-मेक्खो, ओ:ड़ा-ख़ो:ख़ा, जिया-जउँत दव कुना उज्जा-बिज्जा लगिया। बअ़नर – आल जिया उरमी उल्ला ओण्टे बेसेम मल रअ़र्इ। एका तरती एन्देर ता:का बरचा का अन्ति धरमे ही छया-भया। अनभनियाँ, रा:जी की:ड़ा मंज्जा। केरमे-केरमे आलर, नन्ना-नन्ना आ:लोन तमहँय कूल गे लवआ-पिटा…
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पद्दा ता देबी अयंग
बअ़नर हुल्लो परिया नु ओण्टा कुँडुख़ बे:लस तंगआ बेलख़ा नु दव कुना रा:जी-पा:टी चलाबअ़आ लगियस। एड़पा-पल्ली, बेलख़ा, आ:लर अरा सँवसे जिया-जँऊत बे:लस गही बेलख़ा नु निचोत रअ़आ लगिया। एन्ने बेलख़ा रा:जी नु बे:लासिन अम्मबर ने:का हुँ ससर्इत मल रहचा। बे:लस रा:जी चलाबअ़ओ बा:री गा डिढ़गर मना लगियस पंहेस एड़पा उला कलपारआ लगियस। आस गही एड़पा…
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बारहो भार्इ असुरर अरा तेरहो भार्इ लोधरर
बअ़नर, अद्दी परिया नु बारहो भार्इ असुरर अरा तेरहो भार्इ लोधरर, उल्ला-मा:ख़ा पन्ना कमआ गे कूट्ठिन धुकआ लगियर। आर गही कूट्ठि धुकना ती मोजख़ा (धुआँ) मेरख़ा नु अरगा लगिया। अदिन धरमेस गही घोड़ो हंखराज-पंखराज सहआ पोल्ला दरा ओनना-मो:ख़नन अम्बिया चिच्चा। हंखराज-पंखराज घोड़ो गही दसन ए:रर धरमेस गे दव मल लग्गिया केंधेल, ख़ने आस ढिचवन मना…
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पो:क अरा पेट्टो
ओन्टा डअ्उ पोक रहचा। आद तंगआ ख़द्द ख़र्रा गने सोंगरा परता ता झबरा बड़ा मन्न ही पा:दा गुसन रअ्आ लगिया। आद नितकिम, उल्ला बा:री बेद्दा मो:ख़ा का:ला लगिया दरा किर्रर की ख़द्दर गने रअ्आ लगिया। आ बड़ा ए:ख़ नुम ओन्टे हाथी हुँ बसा नंज्जकी रहचा। आद भर्इर उल्ला अजगो-इजगो कुद्दा-नुंग्गा की सथारआ गे बड़ा…
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ए:ड़ा ख़द्द अरा हुण्डरा (बकरी का बच्चा और हुण्डार)
ओन्टे ए:ड़ा रहचा। अदी ही एँ:ड़ गोटंग ख़द्द (पठरू) रहचा। अबड़द तंग्गियो गने रआ लगिया। एँ:ड़ो ख़द्द संगे-संगे कुद्दा-नुंग्गा लगिया। उंदुल तंग्गियो एँ:ड़ो पठरून बाचा – इन्ना ए:न डहुड़ा ओन्दोरआ परता तरा काला लगेन। नीम मड़ा नुम रअ्के, बहरी अमके उरखा। एन्ने आनर ए:ड़ा डहुड़ा बेद्दा परता तरा चला केरा। ए:ड़ा ही टुनिया ख़द्द अजम…
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सिरजन-बिरजन गही ख़ीरी (कुँड़ुख़) : उत्पत्ति का इतिहास
बअ़नर – एका बारी धरमेस मेरख़ा अरा ख़े़ख़लन कमचस आ बारी सँवसे ख़ेख़ेल अम्म ती निन्दका रहचा अरा गोट्टे नु उ:ख़ा दिम उ:ख़ा रहचा। इबड़न ए:रर धरमेस गे दव मल लग्गिया केंधेल, ख़ने आस बी:ड़ी कमचस। बी:ड़ी कमचका ख़ो:ख़ा उरमी बेड़ा बिल्ली रआ हेल्लरा। आद हुँ धरमेस गे द:व मल लग्गिया केंधेल, ख़ने आस उ:ख़ा…
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आदि परंपराओं के संवाहक आदिवासियों के प्रति पूरा विश्व ऋणी : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

विश्व आदिवासी दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का संदेश: 21 वीं सदी का दौर है, हर ओर विकास की बात की जा रही है। मानव सभ्यताओं को जीवित रखने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। ऐसे में सभ्यता और संस्कृति के संरक्षण की सूई हमारे आदिवासी समाज की ओर घूम ही जाती है। उसकी…
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Children survive after migration of parents from Jharkhand

‘अयंग’ के संग (जनजातीय भाषा कुड़ख में अयंक का मतलब होता है, मां) जी नहीं, यह किसी बच्चों का जेल या सरकारी बाल सुधार गृह नहीं.. यह झारखंड के सुदूर गांव का स्कूल है। इसकी साजसज्जा या संसाधन के अभाव पर मत जाइये। इस स्कूल को चलाने की सोच और संचालकों की मानवीय संवेदना गौर…
Latest Posts
- विश्व आदिवासी दिवस: जल, जंगल और जमीन के संरक्षकों के गौरव का दिन, झारखंड में उमड़ा उल्लासरांची (9 अगस्त, 2026): आज पूरे देश और दुनिया में ‘विश्व आदिवासी दिवस’ (International Day of the World’s Indigenous Peoples) पारंपरिक उत्साह और गौरव के साथ मनाया जा रहा है। मूल निवासियों के अधिकारों, उनकी समृद्ध संस्कृति और जल, जंगल, जमीन के संरक्षण में उनके योगदान को याद करने का यह एक ऐतिहासिक अवसर है।… Read more: विश्व आदिवासी दिवस: जल, जंगल और जमीन के संरक्षकों के गौरव का दिन, झारखंड में उमड़ा उल्लास
- Kurukh Times Web Magazine Issue 05कुंड़ुख टाइम्स का वेब मैगजिन अंक 05 प्रकाशित हो गया है। नीचे पीडीएफ में पढ़े और डाउनलोड करें।
- Kurukh Times Web Magazine Issue 03कुंड़ुखटाइम्स का वेब मैगजिन अंक 03 प्रकाशित हो गया है। इसे नीचे पीडीएफ में पढ़ सकते हैं चाहें तो डाउनलोड भी कर सकते हैं।
- Kurukh Times Magazine Issue 02कुंड़खटाइम्स का वेब मैगेजिन अंक 2 प्रकाशित हो गया है। इसे नीचे पीडीएफ में पढ़ सकते हैं और चाहें तो डाउनलोड भी कर सकते हैं।
- Kurukh Times Web Magazine Issue 1कुंड़ुख टाइम्स त्रैमासिक वेब पत्रिका का पहला अंक प्रकाशित हो गया है। नीचे पूरा अंक पढ़ सकते हैं और चाहें तो डाउनलोड भी कर सकते हैं।