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प्राकृतिक आस्था और आदिवासी अध्यात्म का प्रतीक “सरना”

“सरना” शब्द आज पूरी दुनिया जानती है| इस शब्द के गहराई और शुरुवात में जाएँ तो शायद ही ये शब्द किसी आदिवासी भाषा में मिले, लेकिन आदिवासी समुदायों और गैर आदिवासी समुदायों के संवादों से उभरने वाले शब्दों को गौर करें तो आप पाएंगे की ‘सरना’ शब्द यहीं कहीं से उत्पन्न हुआ है| ‘सरना’, सिर्फ…
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कुँड़ख़र ही कुड़ा-मोःख़ा सिखिरना अरा सिखाबअ़ना

कुँड़ख़र ही कुड़ा-मोःख़ा सिखिरना अरा सिखाबअ़नाबअ़नर – हुल्लो परिया नु कुँड़ुख़ पुरखर टोड़ंग-परता अरा नाल-झरिया अबड़ा गने रअ़नुम नमन बछाबाःचर। आ बेड़ा नु कन्दा-ख़ंजपा गुट्ठिन बेगर बीःतकम मोःख़ा लगियर। अहड़न हूँ ख़ेःनम मोःख़ा लगियर। कूल गे कीःड़ा लग्गो दिम अरा जिया गे अम्म ओनका लग्गो दिम। अवंगे कूल-कीःड़ा अरा अम्म ओनकन मेटाबआ गे टोड़ंग परता…
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कुंड़ुख़ भाषा में पहेलियों का प्रयोग

कुंड़ुख़ भाषा में पहेलियों का प्रयोग बखुबी होता है। बच्चों के लिए यह बौदि्धक एवं भाषा विकास का एक अनोखा तरीका है जिसे समाज में बच्चों को सिखलाया जाता है। आइये इसे जाने :–कुँड़ुख़ कत्थाu बुझवईल (उराँव भाषा में पहेलियाँ)1. एन्देर अमख़ी नानी, अम्म सिम्बी नत्ती, एन्दरा हिके ? – इंज्जो अमख़ी। 2. अतख़ा खसखस, ख़ंजपा…
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महिलाओं को बैशाखी नहीं समाज का स्तंम्भ समझें

आदिवासी मातृशक्ति अपने बच्चे को अपना ‘दूध’ नहीं बल्कि अपना ‘रक्त’ का स्तन पान करवाती है ताकि खून में उबाल रहे यही उबाल समाज के प्रति जुनून पैदा कर बिरसा बनाती हैं। झारखंड की मातृशक्ति का कोख इतनी शक्तिशाली है कि हर सदी में एक जननायक पैदा की हैं। आज मेरे मातृशक्ति को ये अह्वान…
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संस्कृति को बचाने के लिए ज़रूरी है भाषा को बचाना – जसिंता केरकेट्टा

किसी भी समाज की संस्कृति के बचे रहने के लिए उसकी अपनी भाषा का बचा होना ज़रूरी है। भाषा के बिना कैसे अपनी संस्कृति को बचाने की बात हो सकती है? भाषा अपनी संस्कृति को अभिव्यक्त करने का माध्यम तो होती ही है, वह एक शक्तिशाली सांस्कृतिक हथियार भी होती है। किसी समाज को ख़त्म…
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नयी शिक्षा नीति और मातृभाषाएं

महात्मा गांधी ने 20 अक्टूबर, 1917 को गुजरात के भड़ौच में एक शिक्षा सम्मेलन में कहा था – “विदेशी भाषा द्वारा शिक्षा पाने में दिमाग पर जो बोझ पड़ता है, वह असह्य है। यह बोझ हमारे बच्चे उठा तो सकते हैं, लेकिन उसकी कीमत हमें चुकानी पड़ती है, वे दूसरा बोझ उठाने लायक नहीं रह…
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गुमला, घाघरा के पुटो तिलसीरी में तैयार है कुड़ुख-अंग्रेजी स्कूल

गुमला जिला (झारखंड) के घाघरा प्रखंड के पुटो स्थिति तिलसिरी ग्राम में तैयार हो गया है कुड़ुख-अंग्रेजी स्कूल। स्कूल का निर्माण लिटीवीर फाउण्डेशन फॉर एज्युकेशन, एग्रीकल्चर, तिलसीरी, घाघरा द्वारा किया गया है। तिलसीरी गाँव में स्थिति इस स्कूल के लिए स्व. जहाँजिया ऊराँव, तिलसीरी के परिवार ने करीबन 8 एकड़ जमीन दान में दिया है।…
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नई सोच के साथ विश्व आदिवासी दिवस: 9 अगस्त 2021 का अनुपालन

” झारखंड बचेगा तो बृहद झारखंड और भारत के आदिवासी बचेंगे। अतः अब बृहद झारखंड बनाने की सोच से ज्यादा जरूरी है बृहद झारखंड अर्थात बंगाल, बिहार, उड़ीसा, आसाम, छत्तीसगढ़ और झारखंड आदि के आदिवासियों को मिलकर झारखंड को बचाने और समृद्ध करने का संकल्प और कार्य योजना बनाकर मैदान में उतर जाने का। चूँकि…
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सय बिमल टोप्पो की चाय बगान पर कुँड़ुख़ कविता तोलोंग सिकि एवं देवनागरी लिपि में

जुलूस ही मुंधवारे केरकन ख़इक्खकन गा डण्डा. नीःदी कूल चिचयारकन इन्कलाब ही डण्डी किर्र बरच एःरदन एड़पा नू मल्ला से गा मण्डी. राशन मल्ला तनखा मल्ला, मल्ला तो बोनस ओन्ना मल्ला अत्तना मल्ला मंजा सरबनास. ख़द्द चीं’ख़ी, मुक्का चीं’ख़ी‚ एःरर कट्टू नीःदी एन्दरा ईदिम तली बगनियर ही असल आजादी ?.. लॉक आउट मइया तंगियो तितिल बितिल पईरिम पईरी बगान ता भें’रे…
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सय बिमल टोप्पो की कुँड़ुख़ कविता तोलोंग सिकि एवं देवनागरी लिपि में

हाथी हाथी ! हाथी ! हाथी ! इदा हाथी, अदा हाथी इसन हाथी असन हाथी सगरे दुनिया नू हाथी मुंधवारे हाथी, ख़ोख़ा हाथी पईरी न पुतबारी हाथी टोड़ंग नू हाथी, पद्दा नू हूं हाथी लुका ओदआ, फटका चो’ड़ताअ़आ ब’आ – हटो बबा, बुढ़ा बबा पीछे हटो गनेस बबा. (गणेश) हाथीहाथी ! हाथी ! हाथी !इदा हाथी, अदा हाथीइसन हाथी असन हाथी सगरे दुनिया…
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- झारखंड में आदिवासी अधिकारों को लेकर ‘महाजुटान’: परिसीमन के नाम पर ST आरक्षण और राजनीतिक हिस्सेदारी घटाने की साजिश का आरोपरांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित मोरहाबादी मैदान में आयोजित भव्य ‘आदिवासी एकता महाजुटान’ में राज्य के जनजातीय समाज के संवैधानिक अधिकारों, जल-जंगल-जमीन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर केंद्र सरकार तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ हुंकार भरी गई। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और आदिवासी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि… Read more: झारखंड में आदिवासी अधिकारों को लेकर ‘महाजुटान’: परिसीमन के नाम पर ST आरक्षण और राजनीतिक हिस्सेदारी घटाने की साजिश का आरोप
- विश्व आदिवासी दिवस: जल, जंगल और जमीन के संरक्षकों के गौरव का दिन, झारखंड में उमड़ा उल्लासरांची (9 अगस्त, 2026): आज पूरे देश और दुनिया में ‘विश्व आदिवासी दिवस’ (International Day of the World’s Indigenous Peoples) पारंपरिक उत्साह और गौरव के साथ मनाया जा रहा है। मूल निवासियों के अधिकारों, उनकी समृद्ध संस्कृति और जल, जंगल, जमीन के संरक्षण में उनके योगदान को याद करने का यह एक ऐतिहासिक अवसर है।… Read more: विश्व आदिवासी दिवस: जल, जंगल और जमीन के संरक्षकों के गौरव का दिन, झारखंड में उमड़ा उल्लास
- Kurukh Times Web Magazine Issue 05कुंड़ुख टाइम्स का वेब मैगजिन अंक 05 प्रकाशित हो गया है। नीचे पीडीएफ में पढ़े और डाउनलोड करें।
- Kurukh Times Web Magazine Issue 03कुंड़ुखटाइम्स का वेब मैगजिन अंक 03 प्रकाशित हो गया है। इसे नीचे पीडीएफ में पढ़ सकते हैं चाहें तो डाउनलोड भी कर सकते हैं।
- Kurukh Times Magazine Issue 02कुंड़खटाइम्स का वेब मैगेजिन अंक 2 प्रकाशित हो गया है। इसे नीचे पीडीएफ में पढ़ सकते हैं और चाहें तो डाउनलोड भी कर सकते हैं।