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Articles by authors
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बारहो भार्इ असुरर अरा तेरहो भार्इ लोधरर
बअ़नर, अद्दी परिया नु बारहो भार्इ असुरर अरा तेरहो भार्इ लोधरर, उल्ला-मा:ख़ा पन्ना कमआ गे कूट्ठिन धुकआ लगियर। आर गही कूट्ठि धुकना ती मोजख़ा (धुआँ) मेरख़ा नु अरगा लगिया। अदिन धरमेस गही घोड़ो हंखराज-पंखराज सहआ पोल्ला दरा ओनना-मो:ख़नन अम्बिया चिच्चा। हंखराज-पंखराज घोड़ो गही दसन ए:रर धरमेस गे दव मल लग्गिया केंधेल, ख़ने आस ढिचवन मना…
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ए:ड़ा ख़द्द अरा हुण्डरा (बकरी का बच्चा और हुण्डार)
ओन्टे ए:ड़ा रहचा। अदी ही एँ:ड़ गोटंग ख़द्द (पठरू) रहचा। अबड़द तंग्गियो गने रआ लगिया। एँ:ड़ो ख़द्द संगे-संगे कुद्दा-नुंग्गा लगिया। उंदुल तंग्गियो एँ:ड़ो पठरून बाचा – इन्ना ए:न डहुड़ा ओन्दोरआ परता तरा काला लगेन। नीम मड़ा नुम रअ्के, बहरी अमके उरखा। एन्ने आनर ए:ड़ा डहुड़ा बेद्दा परता तरा चला केरा। ए:ड़ा ही टुनिया ख़द्द अजम…
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सिरजन-बिरजन गही ख़ीरी (कुँड़ुख़) : उत्पत्ति का इतिहास
बअ़नर – एका बारी धरमेस मेरख़ा अरा ख़े़ख़लन कमचस आ बारी सँवसे ख़ेख़ेल अम्म ती निन्दका रहचा अरा गोट्टे नु उ:ख़ा दिम उ:ख़ा रहचा। इबड़न ए:रर धरमेस गे दव मल लग्गिया केंधेल, ख़ने आस बी:ड़ी कमचस। बी:ड़ी कमचका ख़ो:ख़ा उरमी बेड़ा बिल्ली रआ हेल्लरा। आद हुँ धरमेस गे द:व मल लग्गिया केंधेल, ख़ने आस उ:ख़ा…
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आदि परंपराओं के संवाहक आदिवासियों के प्रति पूरा विश्व ऋणी : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

विश्व आदिवासी दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का संदेश: 21 वीं सदी का दौर है, हर ओर विकास की बात की जा रही है। मानव सभ्यताओं को जीवित रखने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। ऐसे में सभ्यता और संस्कृति के संरक्षण की सूई हमारे आदिवासी समाज की ओर घूम ही जाती है। उसकी…
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खाप पंचायत न बने आदिवासी समाज

अपने बुनियादी मूल्यों के खिलाफ जाकर आदिवासी समाज अन्य जाति, धर्म या बिरादरी में विवाह करने वाली अपनी महिलाओं के प्रति क्रूरतापूर्ण व्यवहार करने लगा है। इस प्रवृत्ति के पीछे कौन है? क्या हैं इसके कारण? नीतिशा खलखो इन सवालों को उठा रही हैं आजकल आदिवासी समाज को अपनी महिलाओं का अन्य जाति, धर्म या…
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कोरोना असर : झारखंड के आदिवासी किसान बदहाल हैं

एक जानकारी के मुताबिक़, वे सब्ज़ियों की कम क़ीमतों को स्वीकार करने के लिए इसलिए मजबूर हैं, क्योंकि अगर ये सब्ज़ियां नहीं बिकती हैं, तो उनके पास अपनी इन फसलों को कीटों और बीमारियों से बचाने का कोई और रास्ता नहीं होगा। ग्रामीण भारत के जन-जीवन पर COVID-19 से जुड़ी नीतियों के पड़ने वाले…
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आदिवासी शिक्षा और मातृभाषा : एक चर्चा (-डॉ नारायण उरावं)

‘‘शिक्षा और आदिवासी भाषा‘‘ एक गंभीर और संवेदनाील विषय है। इस विषय पर न तो समाज गंभीर है, न ही सरकार। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था सीधे तौर पर सरकार से संबंधित है और सरकार के पास भारतीय परिदृश्य में बहुत सारी जिम्मेदारियाँ है, जिसमें सर्वजन को समान अवसर प्रदान करने जैसी कठिन चुनौतियाँ हैं। ठीक इसके…
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आदिवासी जीवन-दर्शन और कुड़ुख़ भाषा की तोलोंग लिपि

झारखण्ड अलग प्रांत आन्दोलन के दौरान हम छात्र नेताओं के जेहन में हमेाा ही एक प्रन उठता था – क्या, नये राज्य में हम अपनी भाशा-संस्कृति को सुरक्षित रख पाएंगे ? इसके लिए क्या-क्या कदम उठाने होंगे ? इसी क्रम में विचार आया – संस्कृति को बचाने के लिए भाशा़ को बचाना जरूरी है और…
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- झारखंड में आदिवासी अधिकारों को लेकर ‘महाजुटान’: परिसीमन के नाम पर ST आरक्षण और राजनीतिक हिस्सेदारी घटाने की साजिश का आरोपरांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित मोरहाबादी मैदान में आयोजित भव्य ‘आदिवासी एकता महाजुटान’ में राज्य के जनजातीय समाज के संवैधानिक अधिकारों, जल-जंगल-जमीन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर केंद्र सरकार तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ हुंकार भरी गई। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और आदिवासी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि… Read more: झारखंड में आदिवासी अधिकारों को लेकर ‘महाजुटान’: परिसीमन के नाम पर ST आरक्षण और राजनीतिक हिस्सेदारी घटाने की साजिश का आरोप
- विश्व आदिवासी दिवस: जल, जंगल और जमीन के संरक्षकों के गौरव का दिन, झारखंड में उमड़ा उल्लासरांची (9 अगस्त, 2026): आज पूरे देश और दुनिया में ‘विश्व आदिवासी दिवस’ (International Day of the World’s Indigenous Peoples) पारंपरिक उत्साह और गौरव के साथ मनाया जा रहा है। मूल निवासियों के अधिकारों, उनकी समृद्ध संस्कृति और जल, जंगल, जमीन के संरक्षण में उनके योगदान को याद करने का यह एक ऐतिहासिक अवसर है।… Read more: विश्व आदिवासी दिवस: जल, जंगल और जमीन के संरक्षकों के गौरव का दिन, झारखंड में उमड़ा उल्लास
- Kurukh Times Web Magazine Issue 05कुंड़ुख टाइम्स का वेब मैगजिन अंक 05 प्रकाशित हो गया है। नीचे पीडीएफ में पढ़े और डाउनलोड करें।
- Kurukh Times Web Magazine Issue 03कुंड़ुखटाइम्स का वेब मैगजिन अंक 03 प्रकाशित हो गया है। इसे नीचे पीडीएफ में पढ़ सकते हैं चाहें तो डाउनलोड भी कर सकते हैं।
- Kurukh Times Magazine Issue 02कुंड़खटाइम्स का वेब मैगेजिन अंक 2 प्रकाशित हो गया है। इसे नीचे पीडीएफ में पढ़ सकते हैं और चाहें तो डाउनलोड भी कर सकते हैं।