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सांस्कृतिक कार्यक्रम : 5 दिवसीय आवासीय, कुड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि लिपि प्रशिक्षण

यह विडियो, दिनांक 22.10.2024 दिन मंगलवार को ट्राइबल कल्चर सेन्टर, सोनाली, जमशेदपुर में शूट किया गया है। इस पारंपरिक गीत-नृत्य मंडली, टाटा स्टील फाउंडेशन, जमशेदपुर एवं अद्दी कुड़ुख़ चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा, रांची के संयुक्त तत्वावधान में संचालित एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट के अंतर्गत 5 दिवसीय आवासीय, कुड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि लिपि प्रशिक्षण आयोजित किया…
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कुंड़ुख भाषा – तोलोंग सिकि लिपि पर राष्ट्रीय सेमिनार का दूसरा दिन

दिनांक 02 एवं 03 अक्टुवर 2024 को कुड़ुख़ भाषा की दशा एवं दिशा विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार, कुड़ुख़ भाषा एवं सांस्कृतिक पुनरूत्थान केन्द, बम्हनी गुमला में सम्पन्न हुआ। इस सेमिनार में दिनांक 03 अक्टुवर 2024 किये गये प्रस्तुति में से कुड़ख़ भाषा तोलोंग सिकि और उरांव समाज की भूमिका विषय किए गए प्रस्तुति…
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बम्हनी, गुमला में कुड़ुख़ भाषा की दशा एवं दिशा विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार शुरू

दिनांक- 02 अक्टूबर 2024, दिन- बुधवार को गुमला जिले के कुँड़ुख भाषा एवं सांस्कृतिक पुनरूत्थान केन्द्र, बम्हनी में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार की शुरुआत हुई। प्रथम दिन की सेमिनार की अध्यक्षता कुँड़ुख विभागाध्यक्ष, डॉ नारायण भगत द्वारा किया गया। मंच संचालन कमल उरांव द्वारा किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के पुर्व…
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टाटा फाउन्डेशन द्वारा संचालित तोलोंग सिकि सह कुंड़ुख भाषा शिक्षण केंद्र बलसोता के बच्चों का शैक्षिक भ्रमण संपन्न

आज दिनांक 02/09/2024 को टाटा स्टील फाउन्डेशन द्वारा संचालित तोलोंग सिकि सह कुंड़ुख भाषा शिक्षण केंद्र आशा आदिवासी विद्यालय बलसोता सरना टोली भण्डरा के बच्चों को शैक्षिक भ्रमण के लिए 130 बच्चे और 15 शिक्षण-कर्मी सुबह 8 बजे दो बस में रवाना हुए। साथ में मंदर और झांझ के साथ करम और जतरा गीतो में…
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कुँड़ुख भाषा और पुथी जतरा से साहित्य की विकास की अधिक संभावना: महादेव टोप्पो

दिनांक 28/09/2024 को सुबह 10.00 बजे से 2.00 बजे तक विश्वविद्यालय कुँड़ुख विभाग, रांची विश्वविद्यालय, रांची के परिसर में ‘कुँड़ुख व्याकरणिक शब्दावली एवं शब्द रचना’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई। इस कार्यशाला में कुँड़ुख शब्द एवं व्याकरण को लेकर गहन चर्चा की गई। बैठक में में यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में…
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पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले झारखंड के तीन आदिवासी हस्तियों को राष्ट्रीय सम्मान

देश और दुनिया में प्राकृतिक और सामाजिक पर्यावरण के बढ़ते संकट पर विचार करने और इसके समाधान के उपायों को साझा करने के लिए रांची प्रेस क्लब में 29 सितंबर 2024 को सावित्रीबाई सेवा फाउंडेशन पुणे के मदद से पर्यावरण संरक्षण के मसीहा अनुपम मिश्र के याद में गोदावरी देवी फाउंडेशन, रांची की ओर से…
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स्व. डॉ निर्मल मिंज की पत्नी परक्लेता मेरियन मिंज नहीं रहीं!

जीईएल के प्रथम बिशम स्व. डॉ निर्मल मिंज की पत्नी परक्लेता मेरियन मिंज नहीं रहीं। 15 सितंबर 2024, रविवार को संध्या साढे छह बजे उनका निधन हो गया। अंतिम संस्कार आज दिनांक 16 सितंबर 2024 को दोपहर 3 बजे जीईएल चर्च कब्रिस्तान (डिबडीह, रांची) में आयोजित किया जाएगा। अंतिम संस्कार कार्यक्रम को ज़ूम मीटिंग के…
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बसिया के स्कुली शिक्षकों ने तोलोंग सिकि के प्रभावी शिक्षण पर लिया प्रशिक्षण

दिनांक- 08/09/2024, दिन- रविवार को बसिया के स्कुली शिक्षकों ने अद्दी कुँडुख चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा, संस्था के चिरौंदी स्थित कार्यालय में आकर एक दिवसीय प्रशिक्षण ली। यह प्रशिक्षण प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की शिक्षा के लिए विशेष कुँड़ुख भाषा और तोलोंग सिकि लिपि पर हूई। अन्य विषय जैसे गणित, बाल कविताएं (चिंचो डण्डी), धुमकुड़िया…
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सैन्दा गांव की करम कहानी

प्रस्तुत फोटो ग्राम सैन्दा, थाना सिसई, जिला गुमला (झारखंड) के करम परब पूजा-पाठ के बाद विसर्जन के समय का है। गांव के युवक-युवती भादो एकादशी को श्रद्धा भक्ति के साथ करम पेड़ की तीन डाली को लाकर गांव के पहान को सौंपते हैं। गांव के पहान, करम की डाली को श्रद्धा पूर्वक अखड़ा के बीच…
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धूमकुड़िया जमटोली बेड़ो में सीता तिर्की द्वारा बच्चों को सिखाने का प्रयास

यह विडियो दिनांक 22.08.2024 दिन वृहस्पतिवार को कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि शिक्षण केन्द्र जामटोली, बेड़ो में चल रहे केन्द्र का विडियो है। यहां टाटा स्टील फाउंडेशन जमशदेपुर तथा अद्दी कुंड़ुख़ चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा, रांची द्वारा कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि शिक्षण केन्द्र, जामटोली में चलाया जा रहा है। छोटे बच्चे पारम्परिक रूप से मौसमी राग…
Latest Posts
- कुड़ुख़ भाषा आंदोलन के अग्रदूत व लापुंग के समाजसेवी एवं सरन उरांव को अंतिम विदाईरांची/लापुंग, 16 जून 2026। लापुंग थाना क्षेत्र के माड़ी दरमी टोली निवासी एवं कुड़ुख़ भाषा-संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित वरिष्ठ समाजसेवी श्री सरन उरांव का 77 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे श्री उरांव ने 14 जून 2026 की सुबह 7 बजे अंतिम सांस ली। उन्हें 15… Read more: कुड़ुख़ भाषा आंदोलन के अग्रदूत व लापुंग के समाजसेवी एवं सरन उरांव को अंतिम विदाई
- वर्षा अच्छी होगी इस साल : गजेन्द्र उरांवयह विडियो आदिवासी समाज से अर्जित ज्ञान के तरीके से मौसम भविष्यवाणी कर्ता श्री गजेन्द्र उरांव, उम्र 64 वर्ष, ग्राम सैन्दा, थाना सिसई जिला गुमला द्वारा दिनांक 24.05.2026 को शूट किया गया साक्षात्कार है। इस प्रकार का मौसम भविष्यवाणी, बाबा गजेन्द्र उरांव द्वारा विगत 12 वर्षों से किया जा रहा है। बाबा गजेन्द्र उरांव धान… Read more: वर्षा अच्छी होगी इस साल : गजेन्द्र उरांव
- उरांव लोकजीवन, लोककथाथा, लोकसाहित्य एवं उरांव इतिहासयह फोटो लातेहार जिले के महुआ टांड़ प्रखंड के अन्तर्गत बुढ़ा नदी ऊर्फ पचगी ख़ाड़ नदी, बोहटा नदी एवं ओरंगा नदी, सुगाबांध स्थान पर मिलकर सोन एवं गंगा में जाकर मिलती है। इसी तरह ओड़ंगा अंड़िया, कांस, परास, बंकी नदी दक्षिणी कोयल नदी के रूप में कारो एवं शंख नदी एक साथ बहते हुए राउरकेला… Read more: उरांव लोकजीवन, लोककथाथा, लोकसाहित्य एवं उरांव इतिहास
- KURUX PHONETIC READER कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिएयह पुस्तक KURUX PHONETIC READER के नाम से मई 1985 में CIIL MYSORE द्वारा प्रकाशित हुआ है। इसका प्रथम संस्करण का समय, 40 वर्ष एवं 10 महीने से अधिक है। आदिवासी भाषा में शोध कर रहे शोधकर्ताओं द्वारा इस पुस्तक की मांग को देखते हुए कुड़ुख़ भाषा विज्ञान की इस आधार स्तंभ पुस्तक को सामान्य… Read more: KURUX PHONETIC READER कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिए
- जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस संपन्नदिनांक 01.04.2026, दिन बुधवार को जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस फादर कामिल बुल्के पथ रांची में स्थित सत्यभारती के सभागार में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर नए अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चयन किया गया। समारोह में रांची विश्वविद्यालय के नागपुरी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. वीरेंद्र महतो को मंच का अध्यक्ष… Read more: जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस संपन्न