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कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला टी.सी.सी.जमशेदपुर में सम्पन्न

दिनांक –1 6 अगस्त से 20 अगस्त 2024 तक टाटा स्टील फाउंडेशन ,जमशेदपुर की सहयोगी संस्था अद्दी कुंडुख चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा,रांची एवं उरांव सरना समिति, चक्रधरपुर, पश्चिमी सिंहभूम द्वारा संचालित एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट के अंतर्गत “तोलोङ सिकि सह कुंडुख भाषा शिक्षक-संयोजक प्रशिक्षण” 5 दिवसीय आवासीय कार्यशाला टी॰सी॰सी॰ सोनारी(जमशेदपुर) में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ ।…
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एंग सईहा : एक कविता कुंड़ुख में..

एंग सईहा अक्कु नीन गेच्छम ओक्कर ओत्ख़ीम रअ़दी,ह’ई एन अख़एन निंग्गन,का नीन नेख़य तीम ईदरिम मला बअ़दी।होरमर ती नुड़दी ससईतन,अरा सहआगे सीखरआ लगदी छछेम रअर नीन।एन्देरगे का ईद मुक्कर गहि मेद जे तली ।मे:द ता हुरमी गोट बदलारना हूं ओंटे-ओंटे नुंजनन अख़तिई।इन्ना नीन इवंदा कोंहा परदकी एन्देर अख़ओय नीन एन्दरा- एन्दरा सहचकी होतंग,सन्नी पूंप ती अयंग छांव…
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विश्व आदिवासी दिवस पर बीएस काॅलेज ऑडिटोरियम सभागार में कुँडुख़ भाषा की हुई चर्चा

दिनांक 09/08/2024 को बीएस काॅलेज लोहरदगा ऑडिटोरियम सभागार में समस्त आदिवासी संगठन लोहरदगा की ओर से भव्य विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। संजीव भगत पड़हा संयोजक ने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पुरे बुधुवीर सेना को लगाया गया था। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य -विभिन्न कुँड़ख़ संगठनो को जोड़ कर अपनी…
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विश्व आदिवासी दिवस 2024 की ढ़ेर सारी बधाई और शुभकामनाएं

आदिवासी समाज अपने संगीत-नृत्य के लिये मशहूर है। ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन लगभग हर त्योहार और खास मौके पर अवश्य होता है। खास कर गांवों में तो जैसे यह दिनचर्या है। आज आदिवासी दिवस है। पूरी दुनिया में यह मौका आदिवासियों के लिये खास है। ऐसे में संगीत नृत्य न हो यह कैसे संभव है।…
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छिन्न-भिन्न होती आदिवासियत

“आदिवासियत” शब्द का मतलब आदिवासी जीवनशैली, संस्कृति, परंपराओं, और जीवन मूल्यों से है जिसे आदिवासी समुदय अपने आत्मीयता में संरक्षित रखते हैं। यह उन समुदायों की पहचान और धरोहर को संदर्भित करता है जो प्राचीन काल से अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक और सामाजिक संरचनाओं के साथ जुड़े हुए हैं। यूनेस्को (UNESCO) के अनुसार आदिवासियत को निम्नलिखित…
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जमशेदपुर एवं सरायकेला-खरसावां में एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट के भाषा शिक्षकों की परीक्षा संपन्न

दिनांक 30/07/2024 को धुमकुड़िया बिरसा नगर, जोन नंबर- 6, जमशेदपुर में संचालित सभी सेंटर के शिक्षकों की परीक्षा ली गई। वहीं दिनांक 01/08/2024 को सरायकेला/ सीनी के बाबा कार्तिक उरांव पुस्तकालय (शहरबेड़ा) में टाटा स्टील फाउंडेशन की सहकार्यता से अद्दी अखड़ा संस्था, रांची द्वारा संचालित एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया गया। जिसमें टाटा स्टील…
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‘जनजातीय भाषा शिक्षक पद सृजन का विवादित सर्वे निरस्त हुआ’

शिक्षा निदेशालय की लापरवाही से जनजातीय भाषा कुँडुख (उराँव) ,मुण्डा, हो, खड़िया, संथाली शिक्षक पद सृजन के स्थान पर नागपुरी, उड़िया, बंगला आदि क्षेत्रीय भाषा शिक्षक का पद सृजन किया गया था। जिसे लेकर कुँडुख़ भाषा संरक्षण समन्वय समिति (झारखण्ड) के पदाधिकारियों व कई विधायकों ने दिनांक 30/07/2024 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर सर्वे…
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CM हेमन्त सोरेन से मिले कुँडुख़ भाषा संरक्षण समन्वय समिति के पदधारीगण

कुँडुख भाषा शिक्षक पद सृजन विषय को लेकर मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन से कुंडुख(उराँव) भाषा संरक्षण समन्वय समिति झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष अरविंद उराँव, सचिव संजीव भगत, सदस्य संतोष उराँव, सुशील उराँव ने तीन विधायक शिल्पी नेहा तिर्की, भूषण बाड़ा, जिग्गा सुसारण होरो के साथ नया विधान सभा में आज दिनांक 30/07/024 को औपचारिक तौर…
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टाटा स्टील फाउंडेशन के अधिकारियों ने एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट गुमला का निरीक्षण किया

दिनांक 28/07/2024, दिन- रविवार को कईली दई कुँड़ुख आवासीय लूरकुड़िया, बेड़ो में एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट के सभी शिक्षक और समन्वयक की उपस्थिति देखी गई। टाटा स्टील फाउंडेशन के अधिकारीगण दो दिवसीय रिव्यू के लिए बेड़ो पहुंचे। एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट के अंतर्गत कार्य प्रणाली का संचालन व प्रगति स्तर का जायजा लिया। साथ ही गुमला के…
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चार जिलों में एक साथ डीसी को सौंपा गया ज्ञापन : वृहद आंदोलन का संकेत

कुँडुख भाषा शिक्षक पद सृजन के स्थान पर गलत तरीके से सादरी बोली को आधार बनाकर नागपुरी का पद सृजित किया गया है। जिसे निरस्त कर पुनः सर्वे कराने की मांग को लेकर, विभिन्न संगठन ने दिनांक 26/07/2024 को गुमला, लोहरदगा ,पलामु लातेहार में डीसी को ज्ञापन सौंपा गया। कुँडुख़ भाषा को संरक्षण देने के…
Latest Posts
- कुड़ुख़ भाषा आंदोलन के अग्रदूत व लापुंग के समाजसेवी एवं सरन उरांव को अंतिम विदाईरांची/लापुंग, 16 जून 2026। लापुंग थाना क्षेत्र के माड़ी दरमी टोली निवासी एवं कुड़ुख़ भाषा-संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित वरिष्ठ समाजसेवी श्री सरन उरांव का 77 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे श्री उरांव ने 14 जून 2026 की सुबह 7 बजे अंतिम सांस ली। उन्हें 15… Read more: कुड़ुख़ भाषा आंदोलन के अग्रदूत व लापुंग के समाजसेवी एवं सरन उरांव को अंतिम विदाई
- वर्षा अच्छी होगी इस साल : गजेन्द्र उरांवयह विडियो आदिवासी समाज से अर्जित ज्ञान के तरीके से मौसम भविष्यवाणी कर्ता श्री गजेन्द्र उरांव, उम्र 64 वर्ष, ग्राम सैन्दा, थाना सिसई जिला गुमला द्वारा दिनांक 24.05.2026 को शूट किया गया साक्षात्कार है। इस प्रकार का मौसम भविष्यवाणी, बाबा गजेन्द्र उरांव द्वारा विगत 12 वर्षों से किया जा रहा है। बाबा गजेन्द्र उरांव धान… Read more: वर्षा अच्छी होगी इस साल : गजेन्द्र उरांव
- उरांव लोकजीवन, लोककथाथा, लोकसाहित्य एवं उरांव इतिहासयह फोटो लातेहार जिले के महुआ टांड़ प्रखंड के अन्तर्गत बुढ़ा नदी ऊर्फ पचगी ख़ाड़ नदी, बोहटा नदी एवं ओरंगा नदी, सुगाबांध स्थान पर मिलकर सोन एवं गंगा में जाकर मिलती है। इसी तरह ओड़ंगा अंड़िया, कांस, परास, बंकी नदी दक्षिणी कोयल नदी के रूप में कारो एवं शंख नदी एक साथ बहते हुए राउरकेला… Read more: उरांव लोकजीवन, लोककथाथा, लोकसाहित्य एवं उरांव इतिहास
- KURUX PHONETIC READER कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिएयह पुस्तक KURUX PHONETIC READER के नाम से मई 1985 में CIIL MYSORE द्वारा प्रकाशित हुआ है। इसका प्रथम संस्करण का समय, 40 वर्ष एवं 10 महीने से अधिक है। आदिवासी भाषा में शोध कर रहे शोधकर्ताओं द्वारा इस पुस्तक की मांग को देखते हुए कुड़ुख़ भाषा विज्ञान की इस आधार स्तंभ पुस्तक को सामान्य… Read more: KURUX PHONETIC READER कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिए
- जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस संपन्नदिनांक 01.04.2026, दिन बुधवार को जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस फादर कामिल बुल्के पथ रांची में स्थित सत्यभारती के सभागार में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर नए अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चयन किया गया। समारोह में रांची विश्वविद्यालय के नागपुरी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. वीरेंद्र महतो को मंच का अध्यक्ष… Read more: जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस संपन्न