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विश्व आदिवासी दिवस पर बीएस काॅलेज ऑडिटोरियम सभागार में कुँडुख़ भाषा की हुई चर्चा

दिनांक 09/08/2024 को बीएस काॅलेज लोहरदगा ऑडिटोरियम सभागार में समस्त आदिवासी संगठन लोहरदगा की ओर से भव्य विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। संजीव भगत पड़हा संयोजक ने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पुरे बुधुवीर सेना को लगाया गया था। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य -विभिन्न कुँड़ख़ संगठनो को जोड़ कर अपनी
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विश्व आदिवासी दिवस 2024 की ढ़ेर सारी बधाई और शुभकामनाएं

आदिवासी समाज अपने संगीत-नृत्य के लिये मशहूर है। ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन लगभग हर त्योहार और खास मौके पर अवश्य होता है। खास कर गांवों में तो जैसे यह दिनचर्या है। आज आदिवासी दिवस है। पूरी दुनिया में यह मौका आदिवासियों के लिये खास है। ऐसे में संगीत नृत्य न हो यह कैसे संभव है।
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छिन्न-भिन्न होती आदिवासियत

“आदिवासियत” शब्द का मतलब आदिवासी जीवनशैली, संस्कृति, परंपराओं, और जीवन मूल्यों से है जिसे आदिवासी समुदय अपने आत्मीयता में संरक्षित रखते हैं। यह उन समुदायों की पहचान और धरोहर को संदर्भित करता है जो प्राचीन काल से अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक और सामाजिक संरचनाओं के साथ जुड़े हुए हैं। यूनेस्को (UNESCO) के अनुसार आदिवासियत को निम्नलिखित
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जमशेदपुर एवं सरायकेला-खरसावां में एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट के भाषा शिक्षकों की परीक्षा संपन्न

दिनांक 30/07/2024 को धुमकुड़िया बिरसा नगर, जोन नंबर- 6, जमशेदपुर में संचालित सभी सेंटर के शिक्षकों की परीक्षा ली गई। वहीं दिनांक 01/08/2024 को सरायकेला/ सीनी के बाबा कार्तिक उरांव पुस्तकालय (शहरबेड़ा) में टाटा स्टील फाउंडेशन की सहकार्यता से अद्दी अखड़ा संस्था, रांची द्वारा संचालित एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया गया। जिसमें टाटा स्टील
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‘जनजातीय भाषा शिक्षक पद सृजन का विवादित सर्वे निरस्त हुआ’

शिक्षा निदेशालय की लापरवाही से जनजातीय भाषा कुँडुख (उराँव) ,मुण्डा, हो, खड़िया, संथाली शिक्षक पद सृजन के स्थान पर नागपुरी, उड़िया, बंगला आदि क्षेत्रीय भाषा शिक्षक का पद सृजन किया गया था। जिसे लेकर कुँडुख़ भाषा संरक्षण समन्वय समिति (झारखण्ड) के पदाधिकारियों व कई विधायकों ने दिनांक 30/07/2024 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर सर्वे
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CM हेमन्त सोरेन से मिले कुँडुख़ भाषा संरक्षण समन्वय समिति के पदधारीगण

कुँडुख भाषा शिक्षक पद सृजन विषय को लेकर मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन से कुंडुख(उराँव) भाषा संरक्षण समन्वय समिति झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष अरविंद उराँव, सचिव संजीव भगत, सदस्य संतोष उराँव, सुशील उराँव ने तीन विधायक शिल्पी नेहा तिर्की, भूषण बाड़ा, जिग्गा सुसारण होरो के साथ नया विधान सभा में आज दिनांक 30/07/024 को औपचारिक तौर
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टाटा स्टील फाउंडेशन के अधिकारियों ने एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट गुमला का निरीक्षण किया

दिनांक 28/07/2024, दिन- रविवार को कईली दई कुँड़ुख आवासीय लूरकुड़िया, बेड़ो में एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट के सभी शिक्षक और समन्वयक की उपस्थिति देखी गई। टाटा स्टील फाउंडेशन के अधिकारीगण दो दिवसीय रिव्यू के लिए बेड़ो पहुंचे। एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट के अंतर्गत कार्य प्रणाली का संचालन व प्रगति स्तर का जायजा लिया। साथ ही गुमला के
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चार जिलों में एक साथ डीसी को सौंपा गया ज्ञापन : वृहद आंदोलन का संकेत

कुँडुख भाषा शिक्षक पद सृजन के स्थान पर गलत तरीके से सादरी बोली को आधार बनाकर नागपुरी का पद सृजित किया गया है। जिसे निरस्त कर पुनः सर्वे कराने की मांग को लेकर, विभिन्न संगठन ने दिनांक 26/07/2024 को गुमला, लोहरदगा ,पलामु लातेहार में डीसी को ज्ञापन सौंपा गया। कुँडुख़ भाषा को संरक्षण देने के
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लोहरदगा कॉलेज हॉस्टल में कुँडुख़ भाषा शिक्षक पद सृजन में गड़बड़ी को लेकर बैठक हुई

दिनांक 24/07/2024 को लोहरदगा कॉलेज हॉस्टल नम्बर 3 में भाषा शिक्षक पद सृजित करने में गड़बड़ी को लेकर बैठक हुई। शिक्षक संजय उरांव ने बैठक की अध्यक्षता की। पद सृजन विषय पर गहन विचार-विमर्श किया गया । पड़हा संयोजक विनोद भगत ने कहा कि कुँडुख भाषा को विलुप्त करने की साजिश बहुत तेजी से चल
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गुमला उपायुक्त को ज्ञापन : कुँड़ुख़ भाषा विषय के पद सृजन में भारी गड़बड़ी

गुमला: भाषा विषय को लेकर गुमला उपायुक्त को कुँड़ुख़ भाषा संरक्षण समिति एवं बाईस पड़हा के सदस्यों ने कुँड़ुख़ भाषा विषय के पद सृजन में भारी गड़बड़ी को लेकर सौपा ज्ञापन। कुँड़ुख़ भाषा विषय के पद सृजन को विभागीय लापरवाही के कारण जगह नहीं देना निंदनीय है, जबकि गुमला जिला पाँचवी अनुसूची क्षेत्र वा कुँड़ुख़
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- झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानितरांची: आज दिनांक 21.02.2026 दिन शनिवार को प्रेस क्लब रांची में अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर अखिल झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार सम्मान 2026 झारखंड के 9 साहित्यकारों के रचनाकारों के साथ ओल चिकि लिपि के रचयिता श्रद्धेय पं रघुनाथ मुर्मू तथा वरांग चिति के रचयिता श्रद्धेय कोल लाको बोदरा को मरणोपरांत उनके वंशजों को… Read more: झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानित
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- हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते यह जानकर बहुत प्रेरणा मिलती है कि गुमला, रांची, लातेहार और लोहरदगा के युवा गणित (Maths) जैसे कठिन विषय को भी कुँड़ुख में ढाल रहे हैं। प्रसिद्ध अफ्रीकी लेखक चिंतक न्गुगी वा थ्योंगो ने हमेशा यही कहा कि – “भाषा केवल साहित्य के लिए नहीं, बल्कि विज्ञान और तर्क के लिए भी होनी चाहिए” ।… Read more: हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते