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बरा घोखदत का – कुंडुखर गहि, एज्जरना एकासे परदा उंगी?

हमारी सामाजिक एकता टूट रही है क्योंकि – 1.आज हमारी पड़हा,धुमकड़िया,अखड़ा, चाला-टोंका, पंचा, मदाइत, कोहा-बेंज्जा,कुंडी आदि की समृद्ध परंपरा छिन्न-भिन्न हो गई है. फलतः,समाज के सभी लोगों को जोड़े ऱखने की जो एकजुट, मजबूत पुरखा परंपरा कायम थी, वह कड़ी व सामाजिक एकजुटता की लय कहीं टूट गई लगती है.ऐसी हालत में अब हम क्या कर
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कुँड़ख़र ही कुड़ा-मो:ख़ा सिखिरना अरा सिखाबअ़ना

बअ़नर – हुल्लो परिया नु नमहय पुरखर टोड़ंग-परता अरा नाल-झरिया अबड़ा गने रअ़नुम नमन बछाबा:चर। आ बेड़ा नु कन्दा-ख़ंजपा गुट्ठिन बेगर बी:तकम मो:ख़ा लगियर। अहड़न हूँ ख़े:नम मो:ख़ा लगियर। कूल गे की:ड़ा लग्गो दिम अरा जिया गे अम्म ओनका लग्गो दिम। अवंगे कूल-की:ड़ा अरा अम्म ओनकन मेटाबआ गे टोड़ंग परता ता ख़ंजपन मो:ख़र दरा झरिया
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मुक्का सेन्दरा अरा खुटी जगाबअ़ना

ईन्नेलता मुक्का सेन्दरा (जनी शिकार) कुँड़ख़र ही मजही ती बहरी उरखर जेतआ छोटानागपुरिया पेल्लर अरा मुक्कर गही जितंकार परब बेसे मंज्जा केरा। र्इ मुक्का सेन्दरा 12 बछर नु ओंगओल मनी। केरका 2017 चान नु मुक्का सेन्दरा मंज्जा। आ चान बर्इसाक पुनर्इ गूटी नु पद्दा गइनका मुक्का सेन्दरा बे:चतारा। पद्दा का दृाहर, पढ़ुवा का मल पढ़ुवा,
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धरमुस बिट्ठी केरस (एक इतिहास)
देवनाथ सायस गही समधियान कुकड़ो पद्दा रहचा। तंगदन ओन्दर’आ गे गोल्लस धरमुसिन बिट्ठी धरचस। र्इ चान पर्इयाँ उरूख़कन्ती आस तंगदा गने पुरी सहर तिरिथ काला गे मनमनरस। धरमुस मून्द गोटंग अउर कुँड़खा़रिन बिद्दयस। देवनाथ गोल्लस गहि तिरिथ उरूखना उल्ला पतरा ए:रर की टिपिरकी रहचा। अँवती धरमुस तड़तड़ाय के कुकड़ो पद्दा केरस। पालकी नुं बिजोली बींड़िन
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बरहो भाई असुरर दरा तेरहो भाई लोधरर
बअ़नर, अद्दी परिया नु बारहो भार्इ असुरर अरा तेरहो भार्इ लोधरर, उल्ला-मा:ख़ा पन्ना कमआ गे कूट्ठिन धुकआ लगियर। आर गही कूट्ठि धुकना ती मोजख़ा (धुआँ) मेरख़ा नु अरगा लगिया। अदिन धरमेस गही घोड़ो हंखराज-पंखराज सहआ पोल्ला दरा ओनना-मो:ख़नन अम्बिया चिच्चा। हंखराज-पंखराज घोड़ो गही दसन ए:रर धरमेस गे दव मल लग्गिया केंधेल, ख़ने आस ढिचवन मना
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फग्गु परब ही ख़ीरी/धुमकुड़िया ही मुंधता ख़ीरी (फग्गु पर्व तथा धुमकुड़िया के आरंभ की कुँड़ुख़ लोक-कथा)
बअ्नर हुल्लो परिया नु कुँडु.ख़ खोंड़हा अकय ससर्इत नु रहचा। ओण्टा सोनो गिधि (ॅीपजम अनसजनतम) आल जियन केरमे-केरमे पिटा-मुंज्जा लगिया। आद आ:लर गही उगता-पगसिन ओन्टे कोहाँ ले सरा-हरा सिम्बाली मन्न नु खोता कमआ लगिया अरा आ:लारिन नेप्पा-नेप्पा खोता मइय्याँ पिटा-मोख़ा लगिया। एका-एका से उल्ला कट्टा लगिया अन्नेम नितकिम ओरोत आल जिया खोंडहा ती नठारआ लगियर।
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लिटीबीर अरा टटख़ा खोरका ता एड़ेथ कण्डो
लिटीबीर अरा टटख़ा खोरका ता एड़ेथ कण्डो, गही बखनी झारखण्ड रा:जी ता जिला गुमला, थाना घाघरा, पत्रालय पुटो, पद्दा तिलसिरी गेड़े टोला ता सियाँ नु मंज्ज-केरका तली। इसता अड्डा अक्कु एड़ेथ कण्डो ही ना:मे ती जगआ लगी। अन्ने गा र्इद पुरखा परिया तिम जगोतर रअ़र्इ, पँहेस जोक्क उल्ला गे इदी गही हुदा अरबरकी रहचा। अक्कु
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पद्दा ता देबी अयंग
बअ़नर हुल्लो परिया नु ओण्टा कुँडुख़ बे:लस तंगआ बेलख़ा नु दव कुना रा:जी-पा:टी चलाबअ़आ लगियस। एड़पा-पल्ली, बेलख़ा, आ:लर अरा सँवसे जिया-जँऊत बे:लस गही बेलख़ा नु निचोत रअ़आ लगिया। एन्ने बेलख़ा रा:जी नु बे:लासिन अम्मबर ने:का हुँ ससर्इत मल रहचा। बे:लस रा:जी चलाबअ़ओ बा:री गा डिढ़गर मना लगियस पंहेस एड़पा उला कलपारआ लगियस। आस गही एड़पा
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हरियनी पुजा (हरयरी पुजा)
कुँड़ुख़ खोंड़हा नु बेड़ा सिरे धरमे, धरती अयंग अरा धरमी सवंग गही पुजा-धजा हुल्लो परिया तिम मनतेम बरआ लगी। कुँड़ख़र, आल उज्जना गे अरा कोड़े उज्जना गे धरमे सवंगन सुमरारनर अरा गोहरारनर। कुँड़ुख़ खोंड़हा ता मुद्ध परब – फग्गु, ख़द्दी, पच्चो करम, रा:जी करम, सोहरर्इ गुट्ठी तली। इबड़ा परब नु पुजा-धजा संग्गे ओनना-मो:ख़ना, रिज्झ-रंग गुट्ठी
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पच्चो करम अरा रो:गे खेदना
कुँड़ुख़ पहटा नू पच्चो करम जेट्ठे चन्ददो नू मनी। एका-एका पद्दा नू र्इ करमन रो:गे करम हूँ बअ़नर। परब गही ना:मे लेखआ पच्चो करम नू पच्चो-पचगिर भर्इर करम उबुसनर। र्इ परब नू भादो चन्ददो ता रा:जी करम मलता डिण्डा करम बेसे पेल्लर-जों:ख़र मल उबुसनर। र्इ परब नू बेंजेरका बिटी बगारिन हूँ पा:ही मल एड़तार’र्इ। अवंगे
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