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झारखण्ड के गुमला शहर के नामकरण की अवधारणा

पुरखर बाःचका रअ़नर – कुद्दोय ना बेद्दोय, ओक्कोय ना ख़क्खोय अर्थात घुमोगे (ढूँढ़ोगे) तो खोजोगे (पाओगे), बैठोगे यानी संगत में बैठोगे तो ज्ञान हासिल करोगे। तथ्य है कि झारखण्ड राज्य में गुमला नामक एक जिला है, जिसका मुख्यालय गुमला है। गुमला जिला के गुमला शहर का नामकरण की अवधारणा के बारे में कई बुजूर्ग अलग-अलग
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गुमला मान्दर के संबंध में कुड़ुख़ (उरांव) भाषा में लोकगीत 2

gumlA mAnwar ke saMbaMW me kuzux (urAEv) lokgiq o:r – gumlA q Axe:l xe:nway ci ayo go,ju:zu jumurkA bwse laggo, re HH2HH Pe:r – gumlA xe:l xo:terA, yo,ju:zi CuturkA bese laggi, re HH2HHo:r – kahAE sirjalA ayo mAti kerA mAnwerA,kahAE sirjalA maTA Keiz HH2HH Pe:r – gumlA sirjalA ayo, mAti kerA manwerA,GAGrA sirjalA maTA Keiz
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मान्दर के संबंध में कुड़ुख़ (उरांव) भाषा में लोकगीत

mAnwar ke saMbaMW me kuzux (urAEv) lokgiqo:r – xe:l niXhay xoterA ju:zi,be:cA barLoy kA malA, re HH2HHPe:r – barA huE barLon, malA huE barLon.xe:r ciE:xo bA:ri barLon, re HH2HHo:r – xe:l xenwA kA:way wawA,u:xA-mA:xA nu kA:way, re HH2HHPe:r – mukkA xenwA kA:way wawA,caNwwo billi nu kA:way, re HH2HHo:r – Cote nu xe:l xenwoy wawA,parawoy hole
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TSF Tribal App में आनलाइन निबंधन हेतु प्रशिक्षण

दिनांक 10/11/2024, दिन रविवार को अद्दी अखड़ा संस्था, रांची और टाटा स्टील फाउंडेशन, जमशेदपुर के संयुक्त तत्वावधान में एजेरना FC बेड़ा प्रोजेक्ट के सभी शिक्षकों के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। यह प्रशिक्षण उपस्थित समन्वयकों द्वारा आशा आदिवासी कुँड़ुख स्कूल बलसोता, भण्डरा, लोहरदगा में दी गई। जिसमें TSF Tribal App पर डाटा डालने और अपलोड
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बिरसा नगर, जमशेदपुर में बाबा कार्तिक उरांव का 100 वॉं जयंती समारोह सम्पन्न

दिनांक 29-10-2024 को आदिवासी उराँव समाज समिति, बिरसा नगर जोन न० 6 में पंखराज साहेब बाबा कार्तिक उरांव का 100 वॉं जयंती समारोह मनाया गया। ऐसा समारोह बाबा कार्तिक उरांव जयंती के रूप में बिरसानगर में प्रत्येक वर्ष टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से जमशेदपुर के कुड़ुख़ क्लास की शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों और बिरसा नगर के
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Kurukh Times मैगजिन का vol. 12 प्रकाशित
Kurukh Times vol. 12 प्रकाशित हो रहा है। इसका पी.डी.एफ.आप सभी डाउनलोड करें और कूड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि के विकास की कथा जानें। अंक 12 में माह जुलाई-सितंबर 2024 का सामयिक लेख एवं विचार है। आइए देखें – कुड़ुख़ टाइम्स,अंक 12.
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Kurukh Times मैगजिन vol. 11 प्रकाशित
Kurukh Times vol. 11 प्रकाशित हो रहा है। इसका पी.डी.एफ.आप सभी डाउनलोड करें और कूड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि के विकास की कथा जानें। अंक 11 में माह अप्रैल-जून 2024 का सामयिक लेख एवं विचार है। आइए देखें – कुड़ुख़ टाइम्स,अंक 11.
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टाटा स्टील फाउण्डेशन, जमशेदपुर द्वारा संचालित ‘‘एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट’’ प्रशिक्षण सम्पन्न

टाटा स्टील फाउण्डेशन, जमशेदपुर एवं अद्दी कुड़ुख़ चाःला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा, रांची, संस्था के संयुक्त तत्वाधान में दिनांक 21.10.2024 से 25.10.2024 तक‘‘एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट’’(कुँड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि/लिपि प्रशिक्षण कार्यक्रम) का द्वितीय कार्यशाला, ट्राइबल कल्चर सेंटर (Tribal Culture Centre) सोनारी, जमशेदपुर में 05 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न हुआ। इस कार्यशाला में भाषा शिक्षण ईकाई से
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सांस्कृतिक कार्यक्रम : 5 दिवसीय आवासीय, कुड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि लिपि प्रशिक्षण

यह विडियो, दिनांक 22.10.2024 दिन मंगलवार को ट्राइबल कल्चर सेन्टर, सोनाली, जमशेदपुर में शूट किया गया है। इस पारंपरिक गीत-नृत्य मंडली, टाटा स्टील फाउंडेशन, जमशेदपुर एवं अद्दी कुड़ुख़ चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा, रांची के संयुक्त तत्वावधान में संचालित एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट के अंतर्गत 5 दिवसीय आवासीय, कुड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि लिपि प्रशिक्षण आयोजित किया
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कुंड़ुख भाषा – तोलोंग सिकि लिपि पर राष्ट्रीय सेमिनार का दूसरा दिन

दिनांक 02 एवं 03 अक्टुवर 2024 को कुड़ुख़ भाषा की दशा एवं दिशा विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार, कुड़ुख़ भाषा एवं सांस्कृतिक पुनरूत्थान केन्द, बम्हनी गुमला में सम्पन्न हुआ। इस सेमिनार में दिनांक 03 अक्टुवर 2024 किये गये प्रस्तुति में से कुड़ख़ भाषा तोलोंग सिकि और उरांव समाज की भूमिका विषय किए गए प्रस्तुति
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- ओर- करम करम करले बहीन..आईज तारीख 08 मार्च 2026 दिन एतवार के कुड़ुख़ टाइम्स डॉट कॉम कर पुनह परकाशन कर बेरा में टी आर एल ब्लॉग ले उरांव अखरा से तीन गो गावल गीत के नागपुरी भखा में बताल हय। इके धेयान देवब और गुनगुनाब अपने मन सउब – 1 ओर छोट-मोटे तेतईर गे आयो,भिंजल छांहईर गे आयो ।2।घुराल… Read more: ओर- करम करम करले बहीन..
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- झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानितरांची: आज दिनांक 21.02.2026 दिन शनिवार को प्रेस क्लब रांची में अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर अखिल झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार सम्मान 2026 झारखंड के 9 साहित्यकारों के रचनाकारों के साथ ओल चिकि लिपि के रचयिता श्रद्धेय पं रघुनाथ मुर्मू तथा वरांग चिति के रचयिता श्रद्धेय कोल लाको बोदरा को मरणोपरांत उनके वंशजों को… Read more: झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानित
- औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?आजादी के पचहत्तर साल बाद भी भारत अंग्रेज और अंग्रेजियत (औपनिवेशिक गुलामी) से मुक्त नहीं हुआ है”—इस उक्ति को यदि गहराई से समझें, तो यह किसी भौतिक गुलामी की नहीं बल्कि मानसिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक और वैचारिक गुलामी की ओर संकेत करती है। भारत ने 1947 में राजनीतिक स्वतंत्रता तो प्राप्त की, परंतु औपनिवेशिक सत्ता द्वारा… Read more: औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?
- हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते यह जानकर बहुत प्रेरणा मिलती है कि गुमला, रांची, लातेहार और लोहरदगा के युवा गणित (Maths) जैसे कठिन विषय को भी कुँड़ुख में ढाल रहे हैं। प्रसिद्ध अफ्रीकी लेखक चिंतक न्गुगी वा थ्योंगो ने हमेशा यही कहा कि – “भाषा केवल साहित्य के लिए नहीं, बल्कि विज्ञान और तर्क के लिए भी होनी चाहिए” ।… Read more: हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते