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अद्दी अखड़ा ने उच्च शिक्षा निदेशक को ज्ञापन सौंपा : झारखंड के वि. वि. में कुंड़ंख भाषा एवं तोलोंग सिकि लिपि को पाठ्यक्रम में शामिल करें

रांची, 12 सितंबर: कुंड़ुंख भाषियों की संस्था अद्दी अखड़ा ने झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकि शिक्षा विभाग के निदेशक को एक ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि तत्काल प्रभाव से झारखंड के विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में कुंड़ुंख भाषा एवं तोलोंग सिकि लिपि को शामिल किया जाय। इससे पहले रांची विश्वविद्यालय के कुलपति को
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उरांव जनजाति प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिला, कुंडुख को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग

दिल्ली/रांची: झारखंड का एक प्रतिनिधिमंडल भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर कुड़ुख (उरांव) भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने एवं इसके संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में मार्गदर्शन एवं कार्यादेश जारी करने का अनुरोध किया। राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि देश में करीब 40 लाख उरांव जनजाति के
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डी डी चैनल पर प्रसारित हुआ कुंडुख स्कूल मंगलो पर बना डाक्यूमेंट्री

दिनांक 20/08/2025 को DD NATIONAL, चैनल पर समय 6:00pm बजे शाम में कुँडुख भाषा एवं कुंडुख स्कूल मंगलो पर बना डाक्यूमेंट्री फिल्म को भारत के गाँव का सबसे बड़ा ग्रामीण शो के रूप प्रसारित किया गया। यह हमारे लिए गर्व का विषय है। आगे कुँडुख़ भाषा का प्रचार-प्रसार के लिए समाज से और अधिक
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आज डॉ मुन्डा का जन्मदिन है! …नमन!

डॉ राम दयाल मुन्डा का जन्मदिन है आज। आप सबकी ओर से डॉ मुन्डा को नमन और बधाई !!!!
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Kurukh Training Program at Jalpaiguri (WB)

Kurukh Literary Society of India, kolkata chapter organized and coducted Kurukh Training Program w.e.f. 16.07.2025 to 30.07.2025 for the promotion preservation of Kurukh language at Mal Bazar, Jalpaiguri, WB. Program was inaurated by honourable mininster in charge, tribal development department, govt. of WB Shri Bulu Chik Baraik. Initially 90 people registered for training but only
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आदिवासी दिवस 2025 : आदिवासी समुदाय केवल आंकड़े नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता के मूल स्तंभ हैं

9 अगस्त को मनाया जाने वाला विश्व आदिवासी दिवस (International Day of the World’s Indigenous Peoples) आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक, सामाजिक, और राजनीतिक पहचान को सम्मानित करने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक वैश्विक प्रयास है। आइए इसके इतिहास और वर्तमान स्थिति को विस्तार से समझें: इतिहास – 1982: संयुक्त राष्ट्र संघ
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गुरूजी नहीं रहे..!

झारखंड अलग प्रांत के प्रणेता और आदिवासी व मूलवासी समाज के गुरूजी अर्थात शिबु सोरेन का स्वर्गवास हो गया है। यूं तो अलग झारखंड की मांग पिछले लम्बे अरसे से चलती रही है लेकिन इस आंदोलन को जमीनी अधिकार का तेवर दिया था शिबु सोरेन ने। झारखंड ही क्यों पूरे देश का आदिवासी व बंचित
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आदिवासी महिलाओं का पैतृक संपत्ति पर सम्मान अधिकार पर चर्चा संपन्न

राम चरण बनाम सुखराम के हालिया मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा “आदिवासी महिला का पैतृक संपत्ति में सम्मान हिस्सेदारी” की बात की है. इस फैसले पर आदिवासी महिलाओं का विचार जानने हेतु , “टीम धुमकुड़िया” और “अंतरराष्ट्रीय कुँड़ुख़र समाज” द्वारा संयुक्त रूप से 26.7.2025 दिन शनिवार समय शाम 7:45 से रात्रि 10:30 तक एक
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डॉ. सोनाझरिया मिंज आवंड़ाटोली, चैनपुर, गुमला से यूनेस्को तक

डॉ. सोनाझरिया मिंज एक प्रसिद्ध आदिवासी विद्वान, अकादमिक, और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो झारखंड के गुमला जिले के ओरांव जनजाति से हैं। उनका जन्म दिसंबर 1962 में हुआ था, और वे वर्तमान में नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में स्कूल ऑफ कंप्यूटर एंड सिस्टम्स साइंसेज की प्रोफेसर हैं। उनकी कहानी संघर्ष, प्रेरणा, और
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रूढ़ी-प्रथा के अन्तर्गत ग्रामसभा एवं पड़हा के कार्यकारिणी सदस्य – कौन और कैसे ?

ज्ञात हो कि रूढ़ीप्रथा ग्रामसभा पड़हा बिसुसेन्दरा, सिसई-भरनो, गुमला (झारखण्ड) द्वारा विगत 13 वर्षों से रूढ़ीप्रथा में प्रचलित सामाजिक मान्यताओं को लिखित रूप में संकलित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अग्रेतर क्रियान्वयन में परम्परागत ग्रामसभा पड़हा बिसुसेन्दरा 2020 के लिखित प्रतिवेदन के कंडिका – 9, 10, 11 को सामाजिक आधार मानकर
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- KURUX PHONETIC READER कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिएयह पुस्तक KURUX PHONETIC READER के नाम से मई 1985 में CIIL MYSORE द्वारा प्रकाशित हुआ है। इसका प्रथम संस्करण का समय, 40 वर्ष एवं 10 महीने से अधिक है। आदिवासी भाषा में शोध कर रहे शोधकर्ताओं द्वारा इस पुस्तक की मांग को देखते हुए कुड़ुख़ भाषा विज्ञान की इस आधार स्तंभ पुस्तक को सामान्य… Read more: KURUX PHONETIC READER कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिए
- जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस संपन्नदिनांक 01.04.2026, दिन बुधवार को जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस फादर कामिल बुल्के पथ रांची में स्थित सत्यभारती के सभागार में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर नए अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चयन किया गया। समारोह में रांची विश्वविद्यालय के नागपुरी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. वीरेंद्र महतो को मंच का अध्यक्ष… Read more: जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस संपन्न
- कुड़ुख़ टाइम्स का 17वां अंक प्रकाशित हुआकुड़ुख़ टाइम्स का 17वां अंक आप पाठकों के सामने है। यह अंक अपने नये स्वरूप में आप पाठकों के लिए रोचक होगा। कुड़ुख़ संस्कृति एवं नेगचार को असम के डिब्रूगढ़ क्षेत्र में रहने वाले उरांव लोगों को जानिए। साथ ही तमिल-भाषी डॉ स्टीफन जी द्वारा इतिहास के पन्नों पर शोध परक लेख देखने को मिलेगा।… Read more: कुड़ुख़ टाइम्स का 17वां अंक प्रकाशित हुआ
- कुडुख़ भाषा की लिपि “तोलोड सिकि” में कुडुख़ प्रवेशिका पुस्तक “अयंग कोंयछा” प्रकाशितकुडुख़ भाषा की लिपि “तोलोड सिकि” में कुडुख़ प्रवेशिका पुस्तक “अयंग कोंयछा” केतृतीय संस्करण के प्रकाशन पर मुझे एक विशिष्ट उर्जा की अनुभूति हो रही है। मैं अपने छात्र जीवनके समय में वर्ष 1989 में कुडुख़ समाज की स्थिति के बारे विचार करते हुए कुडुख़ भाषा एवं संस्कृतिके संरक्षण तथा संवर्द्धन हेतु कार्य करने का… Read more: कुडुख़ भाषा की लिपि “तोलोड सिकि” में कुडुख़ प्रवेशिका पुस्तक “अयंग कोंयछा” प्रकाशित
- Kurukh Times की डिजिटल पत्रिका अंक 16 प्रकाशित हुआपूर्व के अंकों की तरह पत्रिका का 16वां अंक प्रकाशित हो गया है। इसमें तोलोंग सिकि लिपि में रोचक सामग्री शामिल किये गय हैं। आशा है अन्य अंकों की तरह इस अंक को भी आपका भरपूर प्यार मिलेगा। इसे आप इस पन्ने पर देख सकते हैं। आप चाहें तो इसे अपने पीसी या मोबाइल में… Read more: Kurukh Times की डिजिटल पत्रिका अंक 16 प्रकाशित हुआ