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बी.एन. जालान महाविद्यालय, सिसई, गुमला में कुँडुख भाषा विषय की पढ़ाई-लिखाई तोलोंग सिकि में करने की मांग

आज दिनांक 17/11/2025 दिन मंगलवार को कार्तिक उराँव आदिवासी कुडुख स्कूल, मंगलो, सिसई के प्रधानाध्यापक एवं 9+7 + 6 पड़हा (२२गांव सभा) सिसई-भरनो की ओर से बी.एन. जालान काॅलेज, सिसई में कुँडुख भाषा का पठन-पाठन में कुँडुख भाषा की लिपि, तोलोंग सिकि को पाठ्यक्रम में शामिल कराये जाने के लिए प्रिन्सिपल महोदय को दो मांग…
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कुड़ुख़ लिटरेरी सोसायटी आफ इंडिया का 18वां राष्ट्रीय अधिवेशन झारसुगुड़ा ओड़िशा में सम्पन्न

Kurukh literary society of India ( कुँड़ुख़ लिटरेरी सोसायटी ऑफ़ इंडिया ) नई दिल्ली द्वारा आयोजित 18 वां राष्ट्रीय कुँड़ुख़ सम्मेलन 2025 सम्पन्न हुआ। यह राष्ट्रीय अधिवेशन 24 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2025 तक स्थान – झारसुगुड़ा उड़ीसा मे आयोजित किया गया था ।इस आयोजन में कुड़ुख़ लिटरेरी सोसायटी आफ इंडिया के सभी चैप्टर (…
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तीन दिवसीय आदिवासी सरना युवा प्रशिक्षण शिविर सराजपुर, सुंदरगढ़, उड़ीसा में सम्पन्न

मान्दर के संबंध में कुड़ुख़ (उराँव) लोक गीत (मान्दर को कुड़ुख़ भाषा में ख़ेःल कहा जाता है)। इस शिविर में शामिल होने के लिए मैं 24 घंटे में 605 किलोमीटर का दूरी तय करके प्रशिक्षण शिविर स्थान पहूंचा । इसके लिए मैं झारखण्ड के गुमला जिला के बिशनपुर थाना के सखुवा टोला गांव से 145 किलोमीटर…
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फ्रांस के पांच विदेशी मेहमान झारखंड टूर (भ्रमण) पर

फ्रांस से पांच विदेशी मेहमान झारखंड टूर (भ्रमण) में आए। उनका नाम था – जेराल्ड, दोमनिक, लासि्तन, आणि, जोजेत। वे, गो ट्रैवल द्वारा भारत के राज्यों में आए हेतु आए थे। इनका टूर (भ्रमण) आदिवासी गांव क्षेत्र को देखना और जानना था। इन विदेशी मेहमानों को भारतीय भाषा नहीं आती, ना अंग्रेजी, ना हिंदी। …
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ब्रिटिश शासन का प्रभाव आदिवासियों के जीवन और संस्कृति पर – एक नजर

छोटानागपुर पठार (वर्तमान झारखंड और आस-पास के क्षेत्रों) में ब्रिटिश शासन का प्रभाव आदिवासियों के जीवन और संस्कृति पर गहरा और दीर्घकालिक रहा। इसने उनके आर्थिक जीवन, भूमि-संबंध, सामाजिक ढाँचे और सांस्कृतिक पहचान को गहराई से प्रभावित किया। इसके कुछ प्रमुख पहलुओं पर प्रभाव: 1. पारंपरिक भूमि व्यवस्था का विघटन • ब्रिटिश शासन से…
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बाबा कार्तिक उरांव का 101वां जयंती समारोह, बिरसा नगर, जमशेदपुर में सम्पन्न

दिनांक 29-10-2025 को आदिवासी उरांव समाज समिति, बिरसा नगर जोन नंबर-06 में पंखराज साहेब बाबा कार्तिक उरांव का 101 वां जयंती 2025 समारोह हर्षोल्लास से मनाया गया। प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी बाबा कार्तिक उरांव जयंती समारोह, बिरसा नगर, जमशेदपुर में टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से मनाया गया। ज्ञात हो टाटा स्टील…
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कुड़ुख़ भाषा की लिपि तोलोंग सिकि को सितम्बर 2025 में मिला यूनिकोड

झारखण्ड में 2री सबसे अधिक जनसंख्या वाले आदिवासी उरांव समुदाय अथवा भारत देश् में 4थी सबसे अधिक आदिवासी जनसंख्या वाले उरांव समुदाय की कुड़ुख़ भाषा की लिपि, तोलोंग सिकि को सितम्बर 2025 में वैश्विक स्तर पर UNICODE (BLOCK) में शामिल कर लिया गया है। UNICODE (BLOCK) में शामिल होने में भारत सरकार के सूचना प्राद्यौगिकि…
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युकेजी की बच्ची ने कुंड़ुख भाषा व तोलोंग सिकि में गीत गाया

यह विडियो दिनांक २४ अक्टूबर २०२५ को शूट किया हुआ, थाना – सिसई, जिला – गुमला, झारखंड के अन्तर्गत सोहदरी उरांव पब्लिक स्कूल, शिवनाथपुर डहुटोली का है। यहां पर, बच्चे स्कूल की पढ़ाई के साथ कुड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि, लिपि में पढ़ते-लिखते हैं। इस विडियो में UKG एक बच्ची द्वारा कुड़ुख़ भाषा गीत गाकर…
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झारखंड के शिवनाथपुर गांव (सिसई) में कुड़ंख यानी तोलोंग सिकि भाषा में गणित का पहाड़ा याद करते बच्चे

यह विडियो दिनांक २१ अक्टूबर २०२५ को शूट किया हुआ ग्राम शिवनाथपुर, थाना – सिसई, जिला – गुमला, झारखंड के धुमकुड़िया का है। यहां पर, बच्चे स्कूल की पढ़ाई के साथ कुड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि, लिपि में पढ़ते-लिखते हैं। इस विडियो में एक बच्चे द्वारा 1 से 5 तक का पहाड़ा, कुड़ुख़ भाषा में…
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Brief note on ST Inclusion/Exclusion/ modification in Scheduled Tribe List

(According to report of Standing Committee on Social Justice and Empowerment 2012-13) Article 366(25) of the Constitution, defines Scheduled Tribes as follows:- “Scheduled Tribes means such tribes or tribal communities or parts of or groups within such tribes or tribal communities as are deemed under article 342 to be Scheduled Tribes for the purposes of…
Latest Posts
- कुड़ुख़ भाषा आंदोलन के अग्रदूत व लापुंग के समाजसेवी एवं सरन उरांव को अंतिम विदाईरांची/लापुंग, 16 जून 2026। लापुंग थाना क्षेत्र के माड़ी दरमी टोली निवासी एवं कुड़ुख़ भाषा-संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित वरिष्ठ समाजसेवी श्री सरन उरांव का 77 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे श्री उरांव ने 14 जून 2026 की सुबह 7 बजे अंतिम सांस ली। उन्हें 15… Read more: कुड़ुख़ भाषा आंदोलन के अग्रदूत व लापुंग के समाजसेवी एवं सरन उरांव को अंतिम विदाई
- वर्षा अच्छी होगी इस साल : गजेन्द्र उरांवयह विडियो आदिवासी समाज से अर्जित ज्ञान के तरीके से मौसम भविष्यवाणी कर्ता श्री गजेन्द्र उरांव, उम्र 64 वर्ष, ग्राम सैन्दा, थाना सिसई जिला गुमला द्वारा दिनांक 24.05.2026 को शूट किया गया साक्षात्कार है। इस प्रकार का मौसम भविष्यवाणी, बाबा गजेन्द्र उरांव द्वारा विगत 12 वर्षों से किया जा रहा है। बाबा गजेन्द्र उरांव धान… Read more: वर्षा अच्छी होगी इस साल : गजेन्द्र उरांव
- उरांव लोकजीवन, लोककथाथा, लोकसाहित्य एवं उरांव इतिहासयह फोटो लातेहार जिले के महुआ टांड़ प्रखंड के अन्तर्गत बुढ़ा नदी ऊर्फ पचगी ख़ाड़ नदी, बोहटा नदी एवं ओरंगा नदी, सुगाबांध स्थान पर मिलकर सोन एवं गंगा में जाकर मिलती है। इसी तरह ओड़ंगा अंड़िया, कांस, परास, बंकी नदी दक्षिणी कोयल नदी के रूप में कारो एवं शंख नदी एक साथ बहते हुए राउरकेला… Read more: उरांव लोकजीवन, लोककथाथा, लोकसाहित्य एवं उरांव इतिहास
- KURUX PHONETIC READER कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिएयह पुस्तक KURUX PHONETIC READER के नाम से मई 1985 में CIIL MYSORE द्वारा प्रकाशित हुआ है। इसका प्रथम संस्करण का समय, 40 वर्ष एवं 10 महीने से अधिक है। आदिवासी भाषा में शोध कर रहे शोधकर्ताओं द्वारा इस पुस्तक की मांग को देखते हुए कुड़ुख़ भाषा विज्ञान की इस आधार स्तंभ पुस्तक को सामान्य… Read more: KURUX PHONETIC READER कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिए
- जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस संपन्नदिनांक 01.04.2026, दिन बुधवार को जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस फादर कामिल बुल्के पथ रांची में स्थित सत्यभारती के सभागार में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर नए अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चयन किया गया। समारोह में रांची विश्वविद्यालय के नागपुरी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. वीरेंद्र महतो को मंच का अध्यक्ष… Read more: जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस संपन्न