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झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानित

रांची: आज दिनांक 21.02.2026 दिन शनिवार को प्रेस क्लब रांची में अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर अखिल झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार सम्मान 2026 झारखंड के 9 साहित्यकारों के रचनाकारों के साथ ओल चिकि लिपि के रचयिता श्रद्धेय पं रघुनाथ मुर्मू तथा वरांग चिति के रचयिता श्रद्धेय कोल लाको बोदरा को मरणोपरांत उनके वंशजों को…
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औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?

आजादी के पचहत्तर साल बाद भी भारत अंग्रेज और अंग्रेजियत (औपनिवेशिक गुलामी) से मुक्त नहीं हुआ है”—इस उक्ति को यदि गहराई से समझें, तो यह किसी भौतिक गुलामी की नहीं बल्कि मानसिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक और वैचारिक गुलामी की ओर संकेत करती है। भारत ने 1947 में राजनीतिक स्वतंत्रता तो प्राप्त की, परंतु औपनिवेशिक सत्ता द्वारा…
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हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते

यह जानकर बहुत प्रेरणा मिलती है कि गुमला, रांची, लातेहार और लोहरदगा के युवा गणित (Maths) जैसे कठिन विषय को भी कुँड़ुख में ढाल रहे हैं। प्रसिद्ध अफ्रीकी लेखक चिंतक न्गुगी वा थ्योंगो ने हमेशा यही कहा कि – “भाषा केवल साहित्य के लिए नहीं, बल्कि विज्ञान और तर्क के लिए भी होनी चाहिए” ।…
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अद्दी अखड़ा, संस्था के वरिष्ठ कर्मयोगी सदस्य को विनम्र श्रद्धांजलि

अद्दी कुडुख़ चाःला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा, रांची, संस्था के वरिष्ठ सदस्य श्रद्धेय श्री मंगरा उरांव का दिनांक 22.12.2025 को रात्रि में, निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थे। वे एच0ई0सी0, हटिया, रांची से कनीय अभियन्ता के पद से 1992 में वी.आर.एस. लेकर सेवा निवृत हुए थे। उनका जन्म वर्तमान लोहरदगा जिला के सेन्हा थाना…
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कोटवार प्रशिक्षण कार्यक्रम रांची में संपन्न

आज दिनांक 23/11/2025 दिन रविवार को Tribal Education Awareness Management (TEAM) धुमकुड़िया के अगुवाई में coordinator(कोटवार) प्रशिक्षण कार्यक्रम बनहोरा, रांची झारखंड में टाना भगत अतिथि गृह हॉल में किए गए। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्री महादेव टोप्पो (साहित्यकार सह सदस्य, साहित्य अकादमी), डॉ अभय सागर मिंज (प्रोफेसर, मानव शास्त्र), प्रोफेसर…
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कुडुख तोलोंग सिकि का विकास और झारखण्ड अधिविद्य परिषद, रांची का मार्ग दर्शन

वर्ष 2008 में झारखण्ड अधिविद्य परिषद, रांची के कार्यालय में एक आवेदन समर्पित हुआ। उस आवेदन में मांग किया गया था कि – हमारे स्कूल के विद्यार्थी कुड़ख़ भाषा विषय की पढ़ाई कुडुख़ की लिपि, तोलोंग सिकि में किये हैं, इसलिए इन्हें अपनी भाषा की लिपि में परीक्षा लिखने की अनुमति प्रदान की जाए। वह…
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बी.एन. जालान महाविद्यालय, सिसई, गुमला में कुँडुख भाषा विषय की पढ़ाई-लिखाई तोलोंग सिकि में करने की मांग

आज दिनांक 17/11/2025 दिन मंगलवार को कार्तिक उराँव आदिवासी कुडुख स्कूल, मंगलो, सिसई के प्रधानाध्यापक एवं 9+7 + 6 पड़हा (२२गांव सभा) सिसई-भरनो की ओर से बी.एन. जालान काॅलेज, सिसई में कुँडुख भाषा का पठन-पाठन में कुँडुख भाषा की लिपि, तोलोंग सिकि को पाठ्यक्रम में शामिल कराये जाने के लिए प्रिन्सिपल महोदय को दो मांग…
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कुड़ुख़ लिटरेरी सोसायटी आफ इंडिया का 18वां राष्ट्रीय अधिवेशन झारसुगुड़ा ओड़िशा में सम्पन्न

Kurukh literary society of India ( कुँड़ुख़ लिटरेरी सोसायटी ऑफ़ इंडिया ) नई दिल्ली द्वारा आयोजित 18 वां राष्ट्रीय कुँड़ुख़ सम्मेलन 2025 सम्पन्न हुआ। यह राष्ट्रीय अधिवेशन 24 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2025 तक स्थान – झारसुगुड़ा उड़ीसा मे आयोजित किया गया था ।इस आयोजन में कुड़ुख़ लिटरेरी सोसायटी आफ इंडिया के सभी चैप्टर (…
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तीन दिवसीय आदिवासी सरना युवा प्रशिक्षण शिविर सराजपुर, सुंदरगढ़, उड़ीसा में सम्पन्न

मान्दर के संबंध में कुड़ुख़ (उराँव) लोक गीत (मान्दर को कुड़ुख़ भाषा में ख़ेःल कहा जाता है)। इस शिविर में शामिल होने के लिए मैं 24 घंटे में 605 किलोमीटर का दूरी तय करके प्रशिक्षण शिविर स्थान पहूंचा । इसके लिए मैं झारखण्ड के गुमला जिला के बिशनपुर थाना के सखुवा टोला गांव से 145 किलोमीटर…
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फ्रांस के पांच विदेशी मेहमान झारखंड टूर (भ्रमण) पर

फ्रांस से पांच विदेशी मेहमान झारखंड टूर (भ्रमण) में आए। उनका नाम था – जेराल्ड, दोमनिक, लासि्तन, आणि, जोजेत। वे, गो ट्रैवल द्वारा भारत के राज्यों में आए हेतु आए थे। इनका टूर (भ्रमण) आदिवासी गांव क्षेत्र को देखना और जानना था। इन विदेशी मेहमानों को भारतीय भाषा नहीं आती, ना अंग्रेजी, ना हिंदी। …
Latest Posts
- विश्व आदिवासी दिवस: जल, जंगल और जमीन के संरक्षकों के गौरव का दिन, झारखंड में उमड़ा उल्लासरांची (9 अगस्त, 2026): आज पूरे देश और दुनिया में ‘विश्व आदिवासी दिवस’ (International Day of the World’s Indigenous Peoples) पारंपरिक उत्साह और गौरव के साथ मनाया जा रहा है। मूल निवासियों के अधिकारों, उनकी समृद्ध संस्कृति और जल, जंगल, जमीन के संरक्षण में उनके योगदान को याद करने का यह एक ऐतिहासिक अवसर है।… Read more: विश्व आदिवासी दिवस: जल, जंगल और जमीन के संरक्षकों के गौरव का दिन, झारखंड में उमड़ा उल्लास
- Kurukh Times Web Magazine Issue 05कुंड़ुख टाइम्स का वेब मैगजिन अंक 05 प्रकाशित हो गया है। नीचे पीडीएफ में पढ़े और डाउनलोड करें।
- Kurukh Times Web Magazine Issue 03कुंड़ुखटाइम्स का वेब मैगजिन अंक 03 प्रकाशित हो गया है। इसे नीचे पीडीएफ में पढ़ सकते हैं चाहें तो डाउनलोड भी कर सकते हैं।
- Kurukh Times Magazine Issue 02कुंड़खटाइम्स का वेब मैगेजिन अंक 2 प्रकाशित हो गया है। इसे नीचे पीडीएफ में पढ़ सकते हैं और चाहें तो डाउनलोड भी कर सकते हैं।
- Kurukh Times Web Magazine Issue 1कुंड़ुख टाइम्स त्रैमासिक वेब पत्रिका का पहला अंक प्रकाशित हो गया है। नीचे पूरा अंक पढ़ सकते हैं और चाहें तो डाउनलोड भी कर सकते हैं।