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जयपुर (राजस्थान) में मीणा समाज का सम्मेलन, अलग धर्म कोड की मांग

“मीणा” जनजातीय समाज की ओर से 13 मार्च 2021, शनिवार, को समस्त भारतीय आदिवासियों के लिए “जनगणना 2021” की प्रपत्र पर एक पृथक “ट्राईबल कॉलम” में जनगणना हेतु एक सेमिनार जयपुर, राजस्थान में संपन्न हुई। इस सम्मेलन में भारत के सभी क्षेत्रों से जनजाति के लोग उपस्थित होकर अपने विचार रखे। सम्मेलन में राजस्थान के…
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राजस्थान में भी जोर से उठ रही है आदिवासी धर्म कोड की मांग

राजस्थान: राजस्थान के डुंगरपुर से कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा ने सदन में कहा कि ये आरएसएस लोग हमें हिन्दू बताते हैं.. हम अपने को हिन्दू मानने को तैयार नहीं हैं। हमारे ऊपर हिन्दू धम मत थोपो! आदिवासियों की जीवनशैली, परंपरा और खानपान हिन्दुओं से अलग है। और, आदिवासी प्रकृति के उपासक हैं। इसलिए सरकार को…
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संस्कृत-हिन्दी शब्दों को तोलोंग सिकि में लिप्यन्तरण हेतु जानकारियाँ

ध्यातब्य हो कि आदिवासी भाषाओं में से कुँड़ुख़ भाषा की अपनी विशिष्ट शैली एवं विशेषताएँ हैं। इस विशिष्ट पहचान पर आधारित इस भाषा की लिपि, तोलोंग सिकि विकसित हुर्इ है। यह तथ्य है कि कुँड़ुख़ भाषा में कर्इ ध्वनियाँ है जिसे दिखलाने के लिए रोमन एवं देवनागरी लिपि में लिपि चिन्ह नहीं हैं। रोमन लिपि…
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देवनागरी में कुँड़ुख़ भाषा की लेखन समस्या और समाधान

कुँड़ुख़ भाषा की लेखन समस्या और गिनती को सुगम एवं सरल करने हेतु अब तक कर्इ पहल हुए। इस क्रम में दिनांक 26.08.2000 को जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग, राँची विश्वविद्यालय, राँची के सभागार में सम्पन्न हुए कार्यशाला में शून्य (0) का नामकरण ‘निदि’ रखा गया। उसके बाद दिनांक 24.09.2001 को पुन: जनजातीय एवं क्षेत्रीय…
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5वीं अनुसूची क्रियान्वयन को लेकर रांची हाईकोर्ट के सामने पत्थलगड़ी करने जुटे आदिवासी

रांची (झारखंड): पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में संविधान सम्मत क्रियांवयन करने की मांग को लेकर रांची, खूंटी व गुमला से आये करीब साढ़े तीन हजार आदिवासियों ने यहां डोरंडा स्थित हाईकोर्ट के सामने पत्थलगड़ी करने पर अड़ गये। उनकी घंटों प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के बहस चली। आंदोलनकारी आदिवासी मांग कर रहे थे कि संविधान के…
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सिसई में 65 वर्षीय बाइस पड़हा के नेता कैलाश उरावं की हत्या

गुमला (झारखंड) : जिला के सिसई स्थित छारदा पतरा गांव के समीप रविवार रात करीब 8:30 बजे सैंदा टुकूटोली निवासी 22 पड़हा के अगुआ (मुख्य नेता) कैलाश उरांव (65) की हत्या कर दी गयी। उनके भतीजे सोमा उरांव (65) का पैर काट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। यह हमला टांगी (धारदार उपकरण)…
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स्कूली बच्चों ने मनाया तोलोंग सिकि कुंड़ुख़ भाषा सप्ताह दिवस 2

स्कूली बच्चों ने मनाया तोलोंग सिकि कुंड़ुख़ भाषा सप्ताह दिवस
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स्कूली बच्चों ने मनाया तोलोंग सिकि कुंड़ुख़ भाषा सप्ताह दिवस

यह विडियो बीर बुधु भगत कुड़ुख़ स्कूल, छोटका सैन्दा, गुमला के बच्चों के कार्यक्रम का है। यह अवसर तोलोंग सिकि कुंड़ुख़ भाषा सप्ताह दिवस का पहला दिन १२-२-२०२१ है। यह आयोजन कार्तिक उरांव बाल विकास विद्यालय, सिसई, गुमला के प्रांगण में हुआ। इस स्कूल के बच्चे कुड़ुख़ भाषा की पढ़ाई, तोलोंग सिकि लिपि में करते…
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कुँड़ुख़ (तोलोंग सिकी) का निरंतर प्रसार : एक शॉर्ट वीडियो

यह विडियो जतरा टाना भगत विद्या मंदिर, विशुनपुर, गुमला का है। यहां कुड़ुख़ भाषा की पढ़ाई तोलोंग सिकि लिपि में होती हैं। झारखंड सरकार द्वारा तोलोंग सिकि में परीक्षा लिखने की अनुमति मिलने के बाद से ही यहां कुड़ुख़ की पढ़ाई तोलोंग सिकि में आरंभ हुई है। रिपोर्टर – भुवनेश्वर उरांव।
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Adiwasi Bhawan Bhawan Inaugurated by CM Mamta at Kolkata

Adiwasi Bhawan was the long waited dream of the Tribal people of west Bengal. Now the dream is fulfilled by inaugurating Adiwasi Bhawan by honorable Chief Minister Miss. Mamta Banarjee on 28 January 2021. This is one of the best architectural building in Kolkata. It is of 8 floor building consisting of office space, dormitory…
Latest Posts
- कुड़ुख़ भाषा आंदोलन के अग्रदूत व लापुंग के समाजसेवी एवं सरन उरांव को अंतिम विदाईरांची/लापुंग, 16 जून 2026। लापुंग थाना क्षेत्र के माड़ी दरमी टोली निवासी एवं कुड़ुख़ भाषा-संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित वरिष्ठ समाजसेवी श्री सरन उरांव का 77 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे श्री उरांव ने 14 जून 2026 की सुबह 7 बजे अंतिम सांस ली। उन्हें 15… Read more: कुड़ुख़ भाषा आंदोलन के अग्रदूत व लापुंग के समाजसेवी एवं सरन उरांव को अंतिम विदाई
- वर्षा अच्छी होगी इस साल : गजेन्द्र उरांवयह विडियो आदिवासी समाज से अर्जित ज्ञान के तरीके से मौसम भविष्यवाणी कर्ता श्री गजेन्द्र उरांव, उम्र 64 वर्ष, ग्राम सैन्दा, थाना सिसई जिला गुमला द्वारा दिनांक 24.05.2026 को शूट किया गया साक्षात्कार है। इस प्रकार का मौसम भविष्यवाणी, बाबा गजेन्द्र उरांव द्वारा विगत 12 वर्षों से किया जा रहा है। बाबा गजेन्द्र उरांव धान… Read more: वर्षा अच्छी होगी इस साल : गजेन्द्र उरांव
- उरांव लोकजीवन, लोककथाथा, लोकसाहित्य एवं उरांव इतिहासयह फोटो लातेहार जिले के महुआ टांड़ प्रखंड के अन्तर्गत बुढ़ा नदी ऊर्फ पचगी ख़ाड़ नदी, बोहटा नदी एवं ओरंगा नदी, सुगाबांध स्थान पर मिलकर सोन एवं गंगा में जाकर मिलती है। इसी तरह ओड़ंगा अंड़िया, कांस, परास, बंकी नदी दक्षिणी कोयल नदी के रूप में कारो एवं शंख नदी एक साथ बहते हुए राउरकेला… Read more: उरांव लोकजीवन, लोककथाथा, लोकसाहित्य एवं उरांव इतिहास
- KURUX PHONETIC READER कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिएयह पुस्तक KURUX PHONETIC READER के नाम से मई 1985 में CIIL MYSORE द्वारा प्रकाशित हुआ है। इसका प्रथम संस्करण का समय, 40 वर्ष एवं 10 महीने से अधिक है। आदिवासी भाषा में शोध कर रहे शोधकर्ताओं द्वारा इस पुस्तक की मांग को देखते हुए कुड़ुख़ भाषा विज्ञान की इस आधार स्तंभ पुस्तक को सामान्य… Read more: KURUX PHONETIC READER कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिए
- जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस संपन्नदिनांक 01.04.2026, दिन बुधवार को जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस फादर कामिल बुल्के पथ रांची में स्थित सत्यभारती के सभागार में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर नए अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चयन किया गया। समारोह में रांची विश्वविद्यालय के नागपुरी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. वीरेंद्र महतो को मंच का अध्यक्ष… Read more: जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस संपन्न