admin
-
मातृभाषा बचाव ! आदिवासी बचाओ!! जोहार सभी साथियों को!!

लोहरदगा जिला के अंतर्गत न्यू टाउन हॉल ब्लॉक कॉलोनी सदर प्रखंड़ लोहरदगा में दिनाँक 18/07/2024 दिन गुरूवार को स्थानीय विधायक सह मंत्री माननीय डाँ रामेश्वर उराँव ने कल्याण विभाग द्धारा संचालित मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत विभिन्न परिसंपतियों का वितरण किया गया! इस कार्यक्रम समाप्त होने के बाद अलग से विभिन्न सरना आदिवासी संगठनों
-
वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उराँव से औपचारिक मुलाकात: कुँड़ुख शिक्षक पद सृजन में अनियमितता का मामला

कुँडुख़ समाज के विभिन्न संगठनों ने कुँडुख़ (उराँव) भाषा संरक्षण समन्वय समिति झारखंड प्रदेश के बैनर तले दिनांक 18/07/2024 को कुटमु, नगर भवन लोहरदगा में कुँडुख़ भाषा शिक्षक पद सृजन के स्थान पर गलत तरीके से नागपुरी शिक्षक का पद सृजित किए जाने पर एकसाथ नजर आए। जिसे लेकर वित मंत्री डाॅ रामेश्वर उराँव से
-
भारत आदिवासी पार्टी द्वारा मुख्यसचिव को ज्ञापन : कुंडुख और मुंडारी विषयो के शिक्षकों की बहाली
BAP के सदस्य दिनांक 12.07.2024 को मुख्य सचिव से मिले और शिक्षक बहाली समस्या पर बातचीत किये।
-
मांडर में विलेज कोर्ट खोलने की तैयारी पूरी,19 पंचायत के लोगों को न्याय के लिए शहर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी

रांची : झारखण्ड में ग्रामीणों को न्याय के लिए शहर के चक्कर लगाने से राहत मिलने वाली है. इसके लिए राज्य के गांवों में अदालतों की स्थापना की जा रही है. राजधानी राँची के गांव मांड़र में विलेज कोर्ट खोलने की पूरी तैयारी हो गई है.इसका उद्घाटन झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश करेंगे. गांव अदालत
-
आशा आदिवासी विद्यालय बलसोता सरना टोली में आज का क्लास
यह विडियो दिनांक 13.07.2024 दिन शनिवार को आशा आदिवासी विद्यालय, बलसोता, भंडरा (लोहरदगा) का है। इस विद्यालय में तीन भाषा विषय हिन्दी, अंगरेजी और कुंड़ख़ क्रमवार देवनागरी, रोमन एवं तोलोंग सिकि लिपि में पढ़ाई होती है। यह विद्यालय 8वीं कक्षा तक संचालित है तथा यह आवासीय विद्यालय है। विडियो यहां के स्कूल के कक्षा का
-
जनजातीय शिक्षक पद सृजन को लेकर कुड़खर प्रतिनिधियों ने लोहरदगा सांसद और मांडर विधायक को ज्ञापन सौंपा

दिनांक 10 जुलाई 2024 को मांडर विधायक शिल्पी नेहा तिर्की से मिलकर कुड़ख़र समाज के प्रतिनिधियों ने कुँडुख शिक्षक पद सृजन विषय को लेकर ज्ञापन सौंपा। विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने प्रतिनिधियों से कहा की कुँड़ुख बहुल क्षेत्र में कुँड़ुख भाषा का ही शिक्षक होना चाहिए और उन्हें पूरा विश्वास है कि उरांव समाज की
-
गुमला विधायक एवं डी.सी को कुँड़ख़ भाषा का संरक्षण को लेकर कुँडुख़र प्रतिनिधियों ने ज्ञापन सौंपा

कुँडुख़ (उराँव) भाषा शिक्षक पद सृजन के स्थान पर गलत तरीके से नागपुरी शिक्षक का पद सृजित किया गया है। जिसे निरस्त कर पुन: सर्वेक्षण कराने की मांग को लेकर दिनांक 09/07/2024 को गुमला विधायक एवं डी.सी. को ज्ञापन सौंपा गया। साथ ही कक्षा प्रथम से एम.ए. तक कुँडुख़ भाषा विषय की पढ़ाई- लिखाई तोलोंग
-
दो दिवसीय कुँड़ुख़ प्रशिक्षण कार्यक्रम साल्ट लेक कोलकाता में हुआ सम्पन्न, तोलोंग सिकि लिपि बनी माध्यम

दिनांक- 26 से 27 जून 2024 तक दो दिवसीय कुँड़ुख़ प्रशिक्षण कार्यक्रम साल्ट लेक, कोलकाता के सिधु-कान्हु भवन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम कल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट, आदिवासी विकास विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार के द्वारा आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के बर्धमान, बीरभूम तथा हुगली जिले से कुल 28 उरांव प्रशिक्षणार्थियों ने
-
कुँडुख़ (उराँव) भाषा शिक्षक पद सृजन में भारी गड़बडी, सर्वे निरस्त कर पुन: सर्वे कराने की मांग

झारखंड सरकार की ओर से पहली बार आदिवासी/ जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा शिक्षक बहाल करने जा रही है। सरकार चाहती है कि आदिवासी भाषाओं का विकास, संरक्षण एवं संवर्धन हो। पिछले दिन आदिवासी भाषा शिक्षक पद सृजन करने के लिए सर्वे किया गया। जिसमें सर्वे नीति सही नहीं होने के कारण प्राथमिक/ मध्य विद्यालय के
-
कुँडुख़ (उराँव) भाषा शिक्षक पद सृजन-सर्वे में भारी गड़बड़ी, सुधार नहीं हुआ तो कुँडुख़ समाज आंदोलन करने के लिए हो जाएगा बाध्य

आदिवासियों की विलुप्त होती कुँडुख़, मुण्डा, हो, खड़िया आदि भाषा को बचाने के लिए सरकार ने प्राथमिक/ मध्य विद्यालय स्तर पर भाषा शिक्षक बहाली कराने का निर्णय लिया है। यह निर्णय सराहनीय है। लेकिन वहीं पांचवी अनुसूचित क्षेत्र के गुमला जिला के भरनो प्रखंड को छोड़कर, गुमला जिला के शेष सभी प्रखंडो में कुँडुख़ (
Latest Posts
- ओर- करम करम करले बहीन..आईज तारीख 08 मार्च 2026 दिन एतवार के कुड़ुख़ टाइम्स डॉट कॉम कर पुनह परकाशन कर बेरा में टी आर एल ब्लॉग ले उरांव अखरा से तीन गो गावल गीत के नागपुरी भखा में बताल हय। इके धेयान देवब और गुनगुनाब अपने मन सउब – 1 ओर छोट-मोटे तेतईर गे आयो,भिंजल छांहईर गे आयो ।2।घुराल… Read more: ओर- करम करम करले बहीन..
- झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?राँची के कोर्नेलियस मिंज को लोग करन कहते हैं. उनका परिवार सरना आदिवासी था लेकिन बाद में ईसाई बन गया. हालाँकि कोर्नेलियस के घर में अब भी कई लोग सरना हैं. यह परिवार साथ में सरहुल भी मनाता है और क्रिसमस भी. आपस में शादियाँ भी होती हैं. करन कहते हैं कि जब सरना और… Read more: झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?
- झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानितरांची: आज दिनांक 21.02.2026 दिन शनिवार को प्रेस क्लब रांची में अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर अखिल झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार सम्मान 2026 झारखंड के 9 साहित्यकारों के रचनाकारों के साथ ओल चिकि लिपि के रचयिता श्रद्धेय पं रघुनाथ मुर्मू तथा वरांग चिति के रचयिता श्रद्धेय कोल लाको बोदरा को मरणोपरांत उनके वंशजों को… Read more: झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानित
- औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?आजादी के पचहत्तर साल बाद भी भारत अंग्रेज और अंग्रेजियत (औपनिवेशिक गुलामी) से मुक्त नहीं हुआ है”—इस उक्ति को यदि गहराई से समझें, तो यह किसी भौतिक गुलामी की नहीं बल्कि मानसिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक और वैचारिक गुलामी की ओर संकेत करती है। भारत ने 1947 में राजनीतिक स्वतंत्रता तो प्राप्त की, परंतु औपनिवेशिक सत्ता द्वारा… Read more: औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?
- हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते यह जानकर बहुत प्रेरणा मिलती है कि गुमला, रांची, लातेहार और लोहरदगा के युवा गणित (Maths) जैसे कठिन विषय को भी कुँड़ुख में ढाल रहे हैं। प्रसिद्ध अफ्रीकी लेखक चिंतक न्गुगी वा थ्योंगो ने हमेशा यही कहा कि – “भाषा केवल साहित्य के लिए नहीं, बल्कि विज्ञान और तर्क के लिए भी होनी चाहिए” ।… Read more: हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते