हाईकोर्ट झारखंड एवं छत्तीसगढ़ का आदेश और परम्परागत उरांव समाज का सामाजिक न्याय पंच व्यवस्था

माननीय हाईकोर्ट के टिप्पणी के बाद परम्परागत उरांव समाज के जागरूक लोग अपने पुस्तैनी विरासत को संयोजने के लिए विगत 12 वर्ष तक काम को सम्पादित कर वर्तमान समय के न्यायालय व्यवस्था के मोताबिक परम्परागत उरांव सामाजिक न्याय पंच का अभिलेख तैयार किया गया है। विस्तृत जानकारी के लिए इस शीर्षक का पी.डी.एफ. पढ़ें… 

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