Folklore
Tribal Life, History, Rituals, etc.
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आदिवासी परंपरानुगत अनुमान: औसत से कम वर्षा होने का मौसम पूर्वानुमान 2022

दिनांक 21.06.2022 दिन मंगलवार को उरागन डिप्पा, ग्राम : सैन्दा, थाना : सिसई, जिला : गुमला (झारखण्ड) में पारम्परिक ग्रामीण मौसम पूर्वानुमान कर्ता द्वारा वर्ष 2022 का मौसम पूर्वानुमान किया गया। पारम्परिक मौसम पूर्वानुमान कर्ता श्री गजेन्द्र उराँव, 65 वर्ष, ग्राम : सैन्दा, थाना : सिसई (गुमला) तथा श्री बुधराम उराँव, 66 वर्ष, ग्राम :
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तोलोंग सिकि सिखाने की एक कला यह भी..

यह विडियो ऐतिहासिक पड़हा जतरा स्थल,मुड़मा, रांची में दिनांक १२मार्च से १४ मार्च २०२२ तक आयोजित कार्यशाला में कुंड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि पढ़ने-पढ़ाने के तरीके को कविता के माध्यम से बतलाते हुए श्रीमती गीता उरांव..
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परम्परागत धुमकुड़िया प्रवेश दिवस (कोरना उल्ला) सम्पन्न

दिनांक 16 फरवरी 2022 दिन बुधवार को परम्परगत उरा¡व समाज द्वारा पौराणिक पारम्परिक पाठशाला धुमकुड़िया के रूप में माघ पुर्णिमा 2022 को गुमला जिला के सिसई थाना के सैन्दा ग्राम में रूढ़ी पम्परा पूजा विधि के साथ धुमकुड़िया प्रवेश दिवस मनाया गया। यह दिवस पर, ग्राम सैन्दा के बच्चे एवं बुजूर्ग उपस्थित थे। ज्ञात हो
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कुंड़ुख़ भाषा में पहेलियों का प्रयोग

कुंड़ुख़ भाषा में पहेलियों का प्रयोग बखुबी होता है। बच्चों के लिए यह बौदि्धक एवं भाषा विकास का एक अनोखा तरीका है जिसे समाज में बच्चों को सिखलाया जाता है। आइये इसे जाने :–कुँड़ुख़ कत्थाu बुझवईल (उराँव भाषा में पहेलियाँ)1. एन्देर अमख़ी नानी, अम्म सिम्बी नत्ती, एन्दरा हिके ? – इंज्जो अमख़ी। 2. अतख़ा खसखस, ख़ंजपा
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परम्परागत आदिवासी मौसम पूर्वानुमान का प्रथम चरण सही

गुमला जिला‚ सिसई थाना क्षेत्र के सैन्दा गांव निवासी श्री गजेन्द्र उराँव (65 वर्ष) एवं सियांग गांव निवासी श्री बुधराम उराँव (70 वर्ष) द्वारा मई महीने में वर्ष 2021 के लिए अपने क्षेत्र के आसपास मौसम के बारे में मौसम पूर्वानुमान किया गया था जो प्रथम चरण में सही साबित हुआ। पूर्वानुमान कर्ता द्वय द्वारा
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कुँड़ुख़ गीत करम राग

प्रस्तुत कुँड़ुख़ गीत करम राग में ग्राम – जगदा, पोस्ट – झिरपाणी, राउरकेला-42 जिला – सुंदरगढ़, ओडिशा निवासी कुमारी सुमरी तिरकी द्वारा गाया गया है। मांदर बजाने वाले ग्राम लाठिकाटा जिला – सुंदरगढ़, ओडिशा के श्री दशरथ उरांव हैं तथा झुमका बजाने वाले ग्राम – जगदा, पोस्ट – झिरपाणी के श्री बांदे एक्का हैं। यह
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कुँड़ुख़ गीत आसारी राग

प्रस्तुत कुँड़ुख़ गीत आसारी राग में ग्राम – जगदा, पोस्ट – झिरपाणी, राउरकेला-42 जिला – सुंदरगढ़, ओडिशा निवासी कुमारी सुमरी तिरकी द्वारा गाया गया है। मांदर बजाने वाले ग्राम लाठिकाटा जिला – सुंदरगढ़, ओडिशा के दशरथ उरांव हैं तथा झुमका बजाने वाले ग्राम – जगदा, पोस्ट – झिरपाणी के श्री बांदे एक्का हैं। यह गीत
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कुड़ुख़ भाषा के महत्व पर चर्चा

कुड़ुख़ भाषा का महत्व के बारे में चर्चा करते हुए डा० नारायण उरांव एवं उनकी कविता तोलोंग सिकि तथा देवनागरी में लिप्यन्तपण | कुड़ुख़ भाषा का महत्व के बारे में चर्चा करते हुए डा० नारायण उरांव एवं उनकी कविता तोलोंग सिकि तथा देवनागरी में लिप्यन्तपण.. ruiwAs gaZe kA:loq (asAri rA:ge nu) ruiwAs gaZe purKar hi
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संचु ख़ेस्स रचित पांच कुँड़ुख़ कविताएँ

श्री संचु ख़ेस्स द्वारा रचित पांच कुँड़ुख़ कविताएँ‚ तोलोंग सिकि एवं देवनागरी में (फोटो में‚ कविता पाठ करते हुए श्री संच्चु ख़ेस्स) say sancu xes, bAlurGAt, wakCiN winAjpur (pafbaMgAl) hi tu:zkA paMce kaqQdaN|di Gi qoloX siki arA wevnAgri nu qarjumA श्री संचु ख़ेस्स द्वारा रचित पांच कुँड़ुख़ कविताएँ‚ तोलोंग सिकि एवं देवनागरी में (फोटो में‚ कविता पाठ करते
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तोलोंग सिकि तोड़पाब (वर्णमाला) पर कुँड़ुख़ बाल कविता
तोलोंग सिकि तोड़पाब (वर्णमाला) पर श्री बिमल टोप्पो की कुँड़ुख़ बाल कविता का देवनागरी एवं तोलोंग सिकि में लिप्यान्तरण तोलोंग सिकि तोड़पाब (वर्णमाला) पर श्री बिमल टोप्पो की कुँड़ुख़ बाल कविता का देवनागरी एवं तोलोंग सिकि में लिप्यान्तरण तोलोंग सिकि तोड़पाब (वर्णमाला) पर श्री बिमल टोप्पो की कुँड़ुख़ बाल कविता का देवनागरी एवं तोलोंग सिकि
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