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  • जातीय जनगणना व राज्‍य की स्‍थानीय नीति पर सरकार की उपेक्षा को लेकर संगठनों की चिंता

    जातीय जनगणना व राज्‍य की स्‍थानीय नीति पर सरकार की उपेक्षा को लेकर संगठनों की चिंता

    झारखंड नामधारी संगठनों ने बुधवार को एक विशेष बैठक में जातीय जनगणना व राज्‍य की स्‍थानीय नीति पर चिंता जाहिर करते हुए सरकार से अविलंब क्रियांवयन की मांग की है। झारखंड आदिवासी संयुक्त मोर्चा एवं आदिवासी छात्र संघ केन्द्रीय समिति की पहल पर विभिन्न आदिवासी एवं मूलवासी समाजिक संगठनों का संयुक्त स्वरूप में विशेष बैठक

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  • कुंड़ुख़ लिपि पाठन केन्द्र का निरिक्षण एवं धुमकुड़ि‍या उद्घाटन

    कुंड़ुख़ लिपि पाठन केन्द्र का निरिक्षण एवं धुमकुड़ि‍या उद्घाटन

    दिनांक 29.08.2021 दिन रविवार को दिन के 12.00 बजे से 04.00 दिन में सिसई एवं भंडरा प्रखंड में कुंड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि (लिपि) पठन–पाठन केन्द्र  का निरिक्षण‚ टाटा स्टील फाउन्डेशन‚ जमशेदपुर के कार्यपालक पदाधिकारी श्री शिवशंकर कांडेयोंग द्वारा किया गया। इस अवसर पर टाटा स्टील फाउन्डेशण‚ जमशेदपुर के कार्यपालक अधिकारी के साथ श्री बिरेन

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  • कुंड़ुख़ भाषा शिक्षण केन्द्र सीतारामडेरा (जमशेदपुर) का उद्घाटन संपन्‍न

    कुंड़ुख़ भाषा शिक्षण केन्द्र सीतारामडेरा (जमशेदपुर) का उद्घाटन संपन्‍न

    दिनांक 25.08.2021 दिन बुधवार को दिन के 2.30 बजे आदिवासी उरांव समाज समिति पुराना सीतारामडेरा जमशेदपुर में टाटा स्टील फाउन्डेशन जमशेदपुर द्वारा कुंड़ुख़ भाषा शिक्षण केन्द्र का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर टाटा स्टील फाउन्डेशण जमशेदपुर के र्ट्राइबल हेड श्री जीरेन जे. टोपनो‚ कार्यपालक अधिकारी श्री शिवशंकर कांडेयोंग‚ कुंड़ुख़ तोलोंग सिकि के सर्जक डॉ.

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  • झारखण्ड सरकार ने कहा – तोलोंग सिकि कुंड़ुख़ भाषा की लिपि

    झारखण्ड सरकार ने कहा – तोलोंग सिकि कुंड़ुख़ भाषा की लिपि

    ज्ञात हो कि तोलोङ सिकि अथवा तोलोंग लिपि को कुँड़ुख (उराँव) समाज ने कुँड़ुख़ भाषा की लिपि के रूप में स्वीकार किया है। इस लिपि को झारखण्ड सरकार, कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के पत्रांक 129 दिनांक 18.09.2003 के द्वारा कुँड़ुख (उराँव) भाषा की लिपि के रूप में उद्धृत किया है। इस सरकारी विभागीय

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  • धुमकुड़िया (एक मुक्त सामाजिक विद्यालय) Dhumkuriya (An Open Social School)

    धुमकुड़िया (एक मुक्त सामाजिक विद्यालय) Dhumkuriya (An Open Social School)

    धुमकुड़िया: (एक पारम्‍परिक सामाजिक पाठशाला) : Dhumkuriya (A Traditional Social School) : परिचय :- धुमकुड़िया, उराँव आदिवासी समाज की एक पारम्परिक सामाजिक पाठशाला है। प्राचीन काल से ही यह, गाँव में एक शिक्षण-शाला के रूप में हुआ करता था, जो गाँव के लोगों द्वारा ही चलाया जाता था। समय के साथ यह पारम्परिक ग्रामीण पाठशाला विलुप्त होने की

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  • तोलोंग सिकि का कम्प्यूटर फॉन्‍ट 2002 में लोकार्पित

    तोलोंग सिकि का कम्प्यूटर फॉन्‍ट 2002 में लोकार्पित

    ज्ञातब्य हो कि तोलोंग सिकि लिपि के विकास में झारखण्ड अलग प्रांत आन्दोलन एवं आंदोलनकारियों की महती भूमिका रही है। ऐसे में 15 नवम्बर 2000 को झारखण्ड राज्य के गठन बाद सामाजिक चिंतकों के बीच आदिवासी भाषाओं के लिए नई लिपि का कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर विकसित करने की ओर ध्यान गया। इस क्रम में कई लोग

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  • कुँड़ुख़ तोलोंग सिकि के विकास का आरंभिक इतिहास

    कुँड़ुख़ तोलोंग सिकि के विकास का आरंभिक इतिहास

    कुँड़ुख़ तोलोंग सिकि के विकास का आरंभ वर्ष 1989 में हुआ। यह संदर्भ दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल‚ लहेरियासराय (बिहार) में एमबीबीएस कर रहे एक उराँव आदिवासी युवक श्री नारायण उराँव के जीवन संर्घष की कथा से जुड़ा हुआ है। वे वर्तमान में झारखण्ड चिकित्सा सेवा में चिकित्सा पदाधिकारी हैं। वे अपने कॉलेज के दिनों को याद

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  • ‘तोलोंग सिकि वर्णमाला’ का संशोधित स्वरूप जून 1997 को

    ‘तोलोंग सिकि वर्णमाला’ का संशोधित स्वरूप जून 1997 को

    ‘ग्राफिक्स ऑफ तोलोंग सिकि’ नामक पुस्तिका के लोकार्पण के अवसर पर दिनांक 05 मई 1997 को राँची विश्वविद्यालय, राँची के पूर्व कुलपति तथा जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के विभगाध्यिक्ष भाषाविद डॉ. रामदयाल मुण्डा ने कहा कि – ‘ग्राफिक्स ऑफ तोलोंग सिकि’ पुस्तिका में प्रस्तुत वर्णमाला संस्कृत-हिन्दी की तरह है। आदिवासी भाषा की लिपि के

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  • नई सोच के साथ विश्व आदिवासी दिवस: 9 अगस्त 2021 का अनुपालन

    नई सोच के साथ विश्व आदिवासी दिवस: 9 अगस्त 2021 का अनुपालन

    ” झारखंड बचेगा तो बृहद झारखंड और भारत के आदिवासी बचेंगे। अतः अब बृहद झारखंड बनाने की सोच से ज्यादा जरूरी है बृहद झारखंड अर्थात बंगाल, बिहार, उड़ीसा, आसाम, छत्तीसगढ़ और झारखंड आदि के आदिवासियों को मिलकर झारखंड को बचाने और समृद्ध करने का संकल्प और कार्य योजना बनाकर मैदान में उतर जाने का। चूँकि

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  • सय बिमल टोप्पो की चाय बगान पर कुँड़ुख़ कविता तोलोंग सिकि एवं देवनागरी लिपि में

    सय बिमल टोप्पो की चाय बगान पर कुँड़ुख़ कविता तोलोंग सिकि एवं देवनागरी लिपि में

    जुलूस ही मुंधवारे केरकन ख़इक्खकन गा डण्डा. नीःदी कूल चिचयारकन इन्कलाब ही डण्डी किर्र बरच एःरदन एड़पा नू मल्ला से गा मण्डी. राशन मल्ला तनखा मल्ला, मल्ला तो बोनस ओन्ना मल्ला अत्तना मल्ला मंजा सरबनास. ख़द्द चीं’ख़ी, मुक्का चीं’ख़ी‚ एःरर कट्टू नीःदी एन्दरा ईदिम तली बगनियर ही असल आजादी ?.. लॉक आउट मइया तंगियो तितिल बितिल पईरिम पईरी बगान ता भें’रे

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