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  • कुंड़ुख़ भाषा में पहेलियों का प्रयोग

    कुंड़ुख़ भाषा में पहेलियों का प्रयोग

    कुंड़ुख़ भाषा में पहेलियों का प्रयोग बखुबी होता है। बच्चों के लिए यह बौदि्धक एवं भाषा विकास का एक अनोखा तरीका है जिसे समाज में बच्चों को सिखलाया जाता है। आइये इसे जाने :–कुँड़ुख़ कत्थाu बुझवईल (उराँव भाषा में पहेलियाँ)1. एन्देर अमख़ी नानी, अम्म सिम्बी  नत्ती,  एन्दरा हिके ?  –  इंज्जो अमख़ी। 2. अतख़ा खसखस, ख़ंजपा

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  • कुंड़ुख़ भाषा में मुहावरा एवं कहावत का प्रयोग

    कुंड़ुख़ भाषा में मुहावरा एवं कहावत का प्रयोग

    कुंड़ुख़ भाषा में मुहावरा एवं कहावत का प्रयोग बखुबी होता है। कई असहज बातों को इससे आसानी से समझा जाता है। आइये इसे जाने : bai qurrA (muhAvarA )¡.  adde e:rnA ( KiEsA:rnA ) – As eXgan adde e:rwas.¢.  aXli e:wnA ( WirAbaHnA ) – kalA boXgA, eXgan WirAbaHA polloy.£.  akil barnA ( lu:r kunwurnA

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  • जमशेदपुर में कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि प्रशिक्षण शिविर संपन्‍न

    जमशेदपुर में कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि प्रशिक्षण शिविर संपन्‍न

    दिनांक 27.09.2021 से तीन दिवसीय कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि प्रशिक्षण शिविर, ट्रार्इबल कल्चशर सेन्टर, सोनारी, जमशेदपुर में सम्पंन्न हुआ। यह आयोजन, टाटा स्टील फाउन्डेशन, जमशेदपुर तथा सहयोगी संस्थान अददी कुंड़ुख़ चाला धुमकु‍ड़ि‍या पड़हा अखड़ा, रांची एवं उरांव सरना समिति, चक्रधरपुर, प. सिंहभूम के संयुक्त  तत्वावधान में सम्पन्‍न हुआ। इस प्रशिक्षण शिविर में, टाटा स्टील फाउन्डेशन,

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  • डॉ रामदयाल मुण्डा की दसवीं पुण्यतिथि मनायी गई जनजातीय भाषा विभाग में

    डॉ रामदयाल मुण्डा की दसवीं पुण्यतिथि मनायी गई जनजातीय भाषा विभाग में

    रांची : रांची विश्वविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग में आज पद्मश्री डॉ रामदयाल मुण्डा की दसवीं पुण्यतिथि मनायी गयी। विभाग के प्राध्यापकों, शोधकर्ताओं एवं छात्रों ने डॉ मुण्डा के तस्वीर पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। संचालन प्राध्यापक किशोर सुरिन ने जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ सरस्वती गागराई ने किया। मौके

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  • स्‍व. डॉ निर्मल मिंज से एक बातचीत (पुरानी रिकार्डिंग)

    स्‍व. डॉ निर्मल मिंज से एक बातचीत (पुरानी रिकार्डिंग)

    स्‍व. डॉ निर्मल मिंज और उनकी धर्मपत्‍नी से बातचीत। (सौजन्‍य: बीजू टोप्‍पो)

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  • करम राजा (करम देव) की श्रद्धापूर्ण विदाई

    करम राजा (करम देव) की श्रद्धापूर्ण विदाई

    यह विडियो ग्राम सैन्दा, थाना सिसई, जिला गुमला के करमा त्योहार का दूसरा दिवस, दिनांक 18-09-2021 दिन शनिवार का है। ग्राम सैन्दा में करमा त्योहार के पहले दिन‚ देर शाम में युवक-युवतियाँ उपवास कर श्रद्धा पूर्वक गाँव के करम पेड़ की तीन डालियां काट कर लाते हैं। करम डाली लाने हेतु उपवास किये हुए लड़के

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  • झारखंड के सैन्‍दा गांव में ‘करमा बासी’ (करमा) त्‍योहार संपन्‍न

    झारखंड के सैन्‍दा गांव में ‘करमा बासी’ (करमा) त्‍योहार संपन्‍न

    यह विडियो ग्राम सैन्दार‚ थाना सिसई‚ जिला गुमला के ‘‘करमा बासी” अर्थात करमा त्योहार का दूसरा दिवस‚ दिनांक 18-09-2021 दिन शनिवार का है। ग्राम सैन्दा में करमा त्योहार के पहले दिन‚ देर शाम में युवक-युवतियाँ उपवास कर श्रद्धा पूर्वक गाँव का करम पेड़ का तीन डाली काट कर लाते हैं। करम डाली लाने हेतु उपवास

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  • आदिवासी कुंड़ुख़ विद्यालय, मंगलो, सिसई में करम पूर्व संध्या

    आदिवासी कुंड़ुख़ विद्यालय, मंगलो, सिसई में करम पूर्व संध्या

    दिनांक 15.09.2021 दिन बुधवार को कार्तिक उरांव आदिवासी कुंड़ुख़ विद्यालय, मंगलो, सिसई, गुमला में प्रांगन में स्कूगल के छात्र, शिक्षक एवं अभिदभवकों द्वारा संयुक्त  रूप से करम पूर्व संध्या  मनाया गया। इस अवसर पर सिसई प्रखण्ड् के प्रमुख सहित गांव के नवजवानों ने भी हिस्सा  लिया और हिन्दीू, अंगरेजी तथा कुंड़ुख़ भाषा माध्य म के

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  • कुंड़ुख़ मोबाईल एप्पस का निर्माण एवं लोकार्पण

    कुंड़ुख़ मोबाईल एप्पस का निर्माण एवं लोकार्पण

    कहा जाता है वर्तमान भूमण्डलीकरण के दौर में विकसित भाषा–संस्कृति के सामने विकासशील भाषा–संस्कृति को चौतरफा संघर्ष करना पड़ता है। ऐसी परिस्थिति में यदि विकासशील भाषा–संस्कृति को बचाये रखने तथा अगली पीढ़ी तक पंहूचाने के लिए सामयिक व्यवहारिक तकनीक का उपयोग करना चाहिए। उन तकनीक में से आज के दौर में वैसा तकनीक जो हरेक

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  • कुँड़ुख़ तोलोङ सिकि (लिपि) की स्थापना में भाषा विज्ञान के तथ्य

    कुँड़ुख़ तोलोङ सिकि (लिपि) की स्थापना में भाषा विज्ञान के तथ्य

    झारखण्ड सरकार द्वारा 06 जून 2003 को मातृभाषा शिक्षा का माध्यम (Medium of  instruction of mother tongue) घोषित किया गया है तथा 18 सितम्बर 2003 को कुँड़ुख़ भाषा की लिपि के रूप में तोलोङ सिकि (लिपि) को स्वीकार किया गया। सरकार के इस निर्णय के बाद जैक द्वारा वर्ष 2009 से मैट्रिक में कुँड़ुख़ भाषा

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