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क्या हेमन्त सरकार आदिवासी भाषाओं की विरोधी है?

क्या झारखंड की हेमन्त सरकार आदिवासियों की भाषाओं के प्रति बिल्कुल लापरवाह है? यह धारणा एक स्थानीय अबखबार में छपी खबर से उभर रही है। दिनांक 23.01.2022 दिन रविवार को स्थानीय अखबार में छपी खबर के हवाले से कहा गया है कि झारखण्ड सरकार उत्क्रमित उच्च विद्यालय में 2079 शिक्षकों की बहाली करने जा रही
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धुमकुड़िया कोरना अरा पूरना उल्ला (धुमकुड़िया प्रवेश तथा पूर्णता दिवस)

बअ़नर माघ चन्ददो नु ख़द्दारिन धुमकुड़िया मंक्खा लगियर अरा ख़द्दर माघ चन्द्दो नु धुमकुड़िया कोरआ लगियर। एन्नेम माघ पुनई गेम जोंख़ रअ़उर गही माघ पूरआ लगिया दरा पुना अड्डा नु मलता पुना चान नु माघ पुनई ख़ोःख़ा ती जोंख़ रअ़ना ओरे मना लगिया। 1. धुमकुड़िया एन्दरा तली ? (धुमकुड़िया क्या है ?) उत्तर –
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बेंगलुरू से छ़ुुड़ा ली गई झारखंड की बंधक बेटियां

मुसाबनी की हुनरमंद अंजली पान अब खुश है। उसकी घर वापसी सुनिश्चित हो गई है। कुछ घंटों में वह अपने परिवार से मिल सकेगी। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने उसे बेंगलुरू से सुरक्षित मुक्त करा लिया है। अंजली पान जैसी ही पोटका प्रखंड की अन्य छह युवतियां अपने घर लौट रही हैं। ये हुनरमंद
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खूंटी में डायन बता दंपति की हत्या

अड़की थाना क्षेत्र स्थित तिरला गांव में डायन-बिसाही के शक में रिश्तेदार ने साथियों के साथ मलगू हस्सा पूर्ति (50) और उसकी पत्नी बानू नाग (45) की हत्या कर दी. घटना पांच जनवरी रात की है. पुलिस ने सोमवार की शाम में दंपती के शव बरामद किया. मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों
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एएफसी महिला फुटबॉल के लिए चुनी गई गुमला की सुमति, मुख्यमंत्री ने दी बधाई

इसी महीने शुरू हो रहे एएफसी महिला एशिया कप के लिए गुमला (झारखंड) के सुदूर इलाके भरनो प्रखंड के लोंडरा गांव की निवासी सुमति कुमारी का चयन हो गया है। पिछले महीने कोच्चि में कैंप में शामिल 27 खिलाड़ियों में से 23 सदस्यों को टीम में चुना गया है। एएफसी महिला एशिया कप 20 जनवरी
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नया वर्ष खुशियां लेकर आया झारखंड हॉकी के लिए
झारखंड के हॉकी खेल जगत के लिए नया साल खुशियां लेकर आया है। राज्य की छह खिलाडि़यों का चयन जूनियन इंडिया कैंप के लिये किया गया है। चयनित खिलाडि़यों में प्रमोदनी लकड़ा, रजनी केरेकेट्टा, महिमा टेटे, दीपिका सोरेंग, काजल बाड़ा और ब्यूटी डुंगडुंग शामिल हैं। सभी खिलाड़ी सिमडेगा जिले की सुदुरवर्ती गांवों की हैं। प्रमोदनी
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संताली आदिवासियों का पर्व सोहराय व वंदना : तैयारी शुरू

संताल परगना इलाके में सोहराय और वंदना की तैयारी को लेकर आदिवासी समुदाय जुट गये हैं। देवघर जिला अंतर्गत मधुपुर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न आदिवासी गांवों में इसकी तैयारी जोरों पर है। सोहराय और वंदना को लेकर महिलाएं अपने-अपने घरों को आकर्षक रंग-रोगन के साथ साफ-सफाई में जुट गये हैं। यह पर्व हर साल आदिवासी
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कुंड़ुख़ भाषा व तोलोंग लिपि के विकास हेतु राजी पडहा प्रार्थना सभा एवं अद्दी पड़हा अखड़ा‚ दो संगठन एकमत हुए

दिनांक 26.12.2021 दिन रविवार को राजी पडहा सरना प्रार्थना सभा, मुडमा, रांची की केन्द्रीय कमिटि की बैठक हुई। इस बैठक में झारखण्डा सहित प0 बंगाल ओडिसा‚ छत्ती सगढ़ आदि राज्योंब के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। बैठक की अध्याक्षता राजी पडहा सरना प्रार्थना सभा ट्रस्टक, मुड़मा के माननीय अध्याक्ष एवं धर्मगुरू श्री बन्ध न तिग्गा जी
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कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि (लिपि) शिक्षण केन्द्र सीतारामडेरा‚ जमशेदपुर का निरीक्षण

दिनांक 18.12.2021 दिन शनिवार को दिन के 2.00 बजे आदिवासी उरांव समाज समिति‚ पुराना सीतारामडेरा जमशेदपुर में टाटा स्टील फाउन्डेशन जमशेदपुर की ओर से चलाये जा रहे कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि (लिपि) शिक्षण केन्द्र का निरिक्षण किया गया। निरिक्षण कार्य कुंड़ुख़ तोलोंग सिकि के संस्था2पक डॉ. नारायण उरांव के द्वारा किया गया। केन्द्र भ्रमण तथा
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झारखंड के राज्यपाल ने जनजातीय भाषा विभाग के जीर्णोद्धारित भवन का उदघाटन किया, कहा: अब उपेक्षित नहीं रहेगा विभाग

रांची विश्वविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के जीर्णोद्धारित भवन का उद्घाटन करते हुए शनिवार को राज्यपाल रमेश बैस ने आश्वासन दिया कि अब इस भाषा विभाग में पर्याप्त शिक्षकों की बहाली अतिशीघ्र होगी। बतायें कि दो मंजिले भवन में ऑडिटोरियम के साथ-साथ तमाम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है। इसका जीर्णोद्धार लगभग तीन करोड़ के रूसा
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- ओर- करम करम करले बहीन..आईज तारीख 08 मार्च 2026 दिन एतवार के कुड़ुख़ टाइम्स डॉट कॉम कर पुनह परकाशन कर बेरा में टी आर एल ब्लॉग ले उरांव अखरा से तीन गो गावल गीत के नागपुरी भखा में बताल हय। इके धेयान देवब और गुनगुनाब अपने मन सउब – 1 ओर छोट-मोटे तेतईर गे आयो,भिंजल छांहईर गे आयो ।2।घुराल… Read more: ओर- करम करम करले बहीन..
- झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?राँची के कोर्नेलियस मिंज को लोग करन कहते हैं. उनका परिवार सरना आदिवासी था लेकिन बाद में ईसाई बन गया. हालाँकि कोर्नेलियस के घर में अब भी कई लोग सरना हैं. यह परिवार साथ में सरहुल भी मनाता है और क्रिसमस भी. आपस में शादियाँ भी होती हैं. करन कहते हैं कि जब सरना और… Read more: झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?
- झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानितरांची: आज दिनांक 21.02.2026 दिन शनिवार को प्रेस क्लब रांची में अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर अखिल झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार सम्मान 2026 झारखंड के 9 साहित्यकारों के रचनाकारों के साथ ओल चिकि लिपि के रचयिता श्रद्धेय पं रघुनाथ मुर्मू तथा वरांग चिति के रचयिता श्रद्धेय कोल लाको बोदरा को मरणोपरांत उनके वंशजों को… Read more: झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानित
- औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?आजादी के पचहत्तर साल बाद भी भारत अंग्रेज और अंग्रेजियत (औपनिवेशिक गुलामी) से मुक्त नहीं हुआ है”—इस उक्ति को यदि गहराई से समझें, तो यह किसी भौतिक गुलामी की नहीं बल्कि मानसिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक और वैचारिक गुलामी की ओर संकेत करती है। भारत ने 1947 में राजनीतिक स्वतंत्रता तो प्राप्त की, परंतु औपनिवेशिक सत्ता द्वारा… Read more: औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?
- हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते यह जानकर बहुत प्रेरणा मिलती है कि गुमला, रांची, लातेहार और लोहरदगा के युवा गणित (Maths) जैसे कठिन विषय को भी कुँड़ुख में ढाल रहे हैं। प्रसिद्ध अफ्रीकी लेखक चिंतक न्गुगी वा थ्योंगो ने हमेशा यही कहा कि – “भाषा केवल साहित्य के लिए नहीं, बल्कि विज्ञान और तर्क के लिए भी होनी चाहिए” ।… Read more: हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते