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‘चिंचों डण्डी अरा ख़ीःरी’ पुस्तक, कुँड़ुख़ (उराँव) भाषा में प्रकाशित

चिंचों डण्डी अरा ख़ीःरी नामक यह पुस्तक, कुँड़ुख़ (उराँव) भाषा में प्रकाशित पुस्तक है। चिंचों डण्डी अरा ख़ीःरी का शाब्दिक अर्थ बाल कविता एवं कहानी है। यह पुस्तक, कुँड़ुख़ (उराँव) भाषा की लिपि, तोलोंग सिकि एवं देवनागरी लिपि में प्रस्तुत है। इस लिपि का शोध-संकलन एवं अनुसंधान, एक एम.बी.बी.एस. चिकित्सक डॉ. नारायण उराँव ‘सैन्दा’ द्वारा
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तोलोंग सिकि के युनिकोड विकास हेतु फॉनेटिक चार्ट अमेरिका भेजा जाएगा – डॉ उरावं

दिनांक 20.11.2022 दिन रविवार को अद्दी कुँड़ृख़ चाःला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा (अद्दी अखड़ा), राँची की मासिक बैठक अद्दी अखड़ा उप कार्यालय, चिरौन्दी, राँची में माननीय अघ्यक्ष श्री जिता उराँव की अध्यक्ष्ता में सम्पन्न हुई। इस बैठक में कुँड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि के विकास के संबंध में चर्चा हुई। बैठक में जनजातीय एवं क्षंत्रीय भाषा
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मन्दर बिरो- झारखंड राज्य की पारंपरिक चिकित्सा

झारखंड प्रदेश खनिज व वन संपदाओं और जैव विविधता से परिपूर्ण है। उपलब्ध डेटा के अनुसार भारत के भौगोलिक क्षेत्र में प्रदेश का कुल वन क्षेत्र 29.61 प्रतिशत है। यहां के छोटानागपुर में शुष्क पर्णपाती वन औषधीय पौधों की खेती के लिए वातावरण सबसे उपयुक्त है। जंगलों में ऐसे मूल्यवान औषधीय पौधों को लगाने एवं
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बुदो उराँव पब्लिक स्कूल, हहरी में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता सम्पन्न

दिनांक 15 नवम्बर 2022 दिन मंगलवार को बुदो उराँव मॉडर्न पब्लिक स्कूल, महुगाँव मोड़ हहरी, घाघरा, गुमला में झारखण्ड स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर वार्षिक खेल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। विद्यालय के प्राधानाध्यापक श्री रामवृक्ष किण्डो द्वारा प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। विद्यालय के सभी छात्रों को चार समूह – 1. वीर बुधू भगत
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दैवीय आंधी-तूफान ने तय किया आदिवासियों का जतरा स्थल

यह वीडियो गुमला जिला के पड़हा बैठक का है। यह बैठक नौ गांव के पड़हा संगठन के माध्यम से लगाये जा रहे पड़हा जतरा का मसला पर लगातार तीन दिनों तक बुलाया गया। यानी लगातार 2, 3 एवं 4 नवम्बर तक बैठक करने के बाद जो निर्णय हुआ उसका निष्कर्ष है। इस बैठक में निर्णय
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कुंड़ुख स्कूल मीट : 2022 – ओप्पा, लोहरदगा, झारखंड

यह विडियो, कुड़ुख लूरगरिया खोड़हा द्वारा आयोजित Annual Inter-School Meet 2022-23 के सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति है। यह आयोजन B.K.Indigenous People’s Academy, ओप्पा, Kuru, लोहरदग्गा के कैम्पस में सम्पन्न हुआ है। इसमें वैसे ग़ैर सरकारी स्कूल शामिल हैं जहां कुड़ुख, हिन्दी तथा अंग्रेजी, तीन भाषा विषय की पढ़ाई होती है। इस आयोजन में 6 स्कूल
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कुंड़ुख टाइम्स त्रैमासिक पत्रिका का चतुर्थ (4th)अंक प्रकाशित हुआ

कुंड़ुख टाइम्स त्रैमासिक पत्रिका का चतुर्थ (4th)अंक प्रकाशित हो गया है। यह अंक ‘बिसुसेन्दरा विशेषांक’ है। यह अंक Tata Steel Foundation के ‘ट्राइबल कल्चरल सोसायटी’ के सहयोग से तैयार किया गया है। इस अंक में आप पढ़ेंगे तोलोंग सिकि के आधार के बारे में। साथ ही इसके वर्णमाला के बारे में। चर्चा होगी पड़हा के परंपरागत
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शिक्षा का अलख : बांस और घास की शुरूआत से फर्स्ट डिविजनर्स तक!

यह विडियो, बुदो उरांव मॉडर्न पब्लिक स्कूल, महुगांव मोड़- हहरी, थाना- घाघरा, जिला- गुमला का है। इस स्कूल का संचालन गांव के लोगों द्वारा किया जाता है। इस स्कूल का आरंभ वर्ष 2,014 में हुआ था। यह एक इंग्लिश मीडियम स्कूल है। यहां हिन्दी तथा अंग्रेजी के साथ तीसरी भाषा विषय के रूप में Kurukh
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कार्तिंक उरांव की जयंती उनके पैतृक गांव में 29 अक्टूबर को

करौंदा लिट्टा टोली गुमला में अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद गुमला जिला द्वारा पुनई उराँव जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि 29 अक्टूबर दिन शनिवार को बाबा कार्तिक उराँव जी की जन्मजयंती कार्यक्रम धूमधाम से भव्यतापूर्वक मनाया जाएगा। इस अवसर पर वक्ताओं ने बाबा कार्तिक उराँव जी की जीवनी पर
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तोलोंग सिकि में पठन-पाठन की मांग

यह विडियो, दिनांक 20 अक्टुबर 2022 दिन वृहस्पतिवार को अद्दी कुंड़ुख़ चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा (अद्दी अखड़ा), रांची के अध्यक्ष श्री जिता उरांव द्वारा जारी किया गया है। इस साक्षात्कार में श्री जिता जी के साथ श्री बिपता उरांव कोषाध्यक्ष, अद्दी अखड़ा उपस्थित थे।
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- ओर- करम करम करले बहीन..आईज तारीख 08 मार्च 2026 दिन एतवार के कुड़ुख़ टाइम्स डॉट कॉम कर पुनह परकाशन कर बेरा में टी आर एल ब्लॉग ले उरांव अखरा से तीन गो गावल गीत के नागपुरी भखा में बताल हय। इके धेयान देवब और गुनगुनाब अपने मन सउब – 1 ओर छोट-मोटे तेतईर गे आयो,भिंजल छांहईर गे आयो ।2।घुराल… Read more: ओर- करम करम करले बहीन..
- झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?राँची के कोर्नेलियस मिंज को लोग करन कहते हैं. उनका परिवार सरना आदिवासी था लेकिन बाद में ईसाई बन गया. हालाँकि कोर्नेलियस के घर में अब भी कई लोग सरना हैं. यह परिवार साथ में सरहुल भी मनाता है और क्रिसमस भी. आपस में शादियाँ भी होती हैं. करन कहते हैं कि जब सरना और… Read more: झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?
- झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानितरांची: आज दिनांक 21.02.2026 दिन शनिवार को प्रेस क्लब रांची में अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर अखिल झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार सम्मान 2026 झारखंड के 9 साहित्यकारों के रचनाकारों के साथ ओल चिकि लिपि के रचयिता श्रद्धेय पं रघुनाथ मुर्मू तथा वरांग चिति के रचयिता श्रद्धेय कोल लाको बोदरा को मरणोपरांत उनके वंशजों को… Read more: झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानित
- औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?आजादी के पचहत्तर साल बाद भी भारत अंग्रेज और अंग्रेजियत (औपनिवेशिक गुलामी) से मुक्त नहीं हुआ है”—इस उक्ति को यदि गहराई से समझें, तो यह किसी भौतिक गुलामी की नहीं बल्कि मानसिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक और वैचारिक गुलामी की ओर संकेत करती है। भारत ने 1947 में राजनीतिक स्वतंत्रता तो प्राप्त की, परंतु औपनिवेशिक सत्ता द्वारा… Read more: औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?
- हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते यह जानकर बहुत प्रेरणा मिलती है कि गुमला, रांची, लातेहार और लोहरदगा के युवा गणित (Maths) जैसे कठिन विषय को भी कुँड़ुख में ढाल रहे हैं। प्रसिद्ध अफ्रीकी लेखक चिंतक न्गुगी वा थ्योंगो ने हमेशा यही कहा कि – “भाषा केवल साहित्य के लिए नहीं, बल्कि विज्ञान और तर्क के लिए भी होनी चाहिए” ।… Read more: हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते