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कुंड़ुखटाइम्स मैगजिन का 06 अंक प्रकाशित हुआ..

Kurukh Times बहुभाषीय पत्रिका का छठा अंक प्रकाशित हो चुका है। अपनी खास साज-सज्जा और समृद्ध लेखों से परिपूर्ण यह पत्रिका पठनीय है। आप इसे यहीं ऑनलाइन पढ़ सकते हैं अथवा चाहें तो, नि:शुल्क डाउनलोड भी कर सकते हैं। नीचे पीडीएफ वर्जन उपलब्ध है। पढ़ें अथवा डाउनलोड कर लें।
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महादेव टोप्पो का आदिवासी समाज द्वारा जोरदार अभिनंदन

झारखंड की माटी के साहित्यकार: कवि, लेखक, अभिनेता व पूर्व बैंककर्मी महादेव टोप्पो को साहित्य अकादमी (नई दिल्ली) का सदस्य के रूप में मनोनयन किये पर आदिवासी समाज की ओर से जोरदार अभिनंदन किया गया। 05 मार्च 2023 को करमटोली (रांची) स्थित आदिवासी कॉलेज छात्रावास के पुस्तकालय भवन भवन में दर्जनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं
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साहित्य अकादमी का सदस्य चुने जाने पर महादेव टोप्पो का आदिवासी समाज द्वारा जोरदार अभिनंदन

झारखंड की माटी के साहित्यकार: कवि, लेखक, अभिनेता व पूर्व बैंककर्मी महादेव टोप्पो को साहित्य अकादमी (नई दिल्ली) का सदस्य के रूप में मनोनयन किये पर आदिवासी समाज की ओर से जोरदार अभिनंदन किया गया। 05 मार्च 2023 को करमटोली (रांची) स्थित आदिवासी कॉलेज छात्रावास के पुस्तकालय भवन भवन में दर्जनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं
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कुँड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि सप्ताह समारोह दिवस राँची जिला 2023 सम्पन्न

दिनांक 20/02/2023 दिन सोमवार को राँची जिला के बेड़ो प्रखण्ड के कठरटोली मैदान में एक दिवसीय कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि सप्ताह रांची जिला दिवस 2023 समारोह सम्पन्न हुआ। इस समारोह में रांची जिला के कुड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि लिपि के पठन-पाठन से जुड़े छोटे-बडे़ विद्यालय एवं धुमकुड़िया के छात्र, शिक्षक एवं अभिभावक शामिल थे। इस
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कुँड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि सप्ताह समारोह दिवस लोहरदगा जिला 2023 सम्पन्न

दिनांक 19/02/2023 दिन रविवार को लोहरदगा जिला के ग्राम इरगाँव बजार टाड़ में कुँड़ुख कत्थ तोलोंग सिकि सप्ताह दिवस लोहरदगा जिला 2023 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री रोशन कुजूर के स्वागत भाषण से शुरु हुआ। इस कार्यक्रम में बाईस पड़हा भण्डारी श्री मटकु उरांव सिसई गुमला ने
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जो हाल पाकिस्तान की जनता का है वही हाल आदिवासी का भी है

जो रिजर्वेशन विकास के लिए दिया गया उसे हम अपना बैसाखी मान बैठें है। आखिर एक कहावत है जब फ्री का पेट भरने के लिए मिल ही जाता है तो फिर दिमाग में इनोवेशन, व्यापार और नया हुनर सीखने के लिए दिमाग क्यों लगाएं। जो रिजर्वेशन समाज को विकसित करने में खर्च होना था उसे
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कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि सप्ताह दिवस समारोह सम्पन्न

दिनांक 12/02/2023 दिन रविवार को जिला गुमला के सिसई थाना परिसर के सामने अवस्थित केन्द्रीय सरना स्थल पर एक दिवसीय कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि सप्ताह दिवस समारोह सम्पन्न हुआ। इस समारोह में गुमला जिला के कुड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि लिपि के पठन पाठन से जुड़े छोटे-बडे़ विद्यालय एवं धुमकुड़िया के छात्र, शिक्षक एवं अभिभावक सम्मिलित
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जनजातीय मंत्रालय ने संसद में समुदायों को एसटी दर्जा दिए जाने संबंधी सवाल को नज़रअंदाज़ किया

नई दिल्ली: जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने सोमवार को ओडिशा के कांग्रेस सांसद सप्तगिरी शंकर उल्का द्वारा पूछे गए एक सवाल को टाल दिया, जिसमें उन्होंने पूछा था कि केंद्र सरकार और उपयुक्त अधिकरणों के पास अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे के कितने अनुरोध लंबित हैं. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, जनजातीय मामलों के
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धुमकुड़िया महबा उल्ला (धुमकुड़िया गौरव दिवस) सम्पन्न

दिनांक 05/02/2023 दिन रविवार को थाना सिसई, जिला गुमला के ग्राम सैंदा में धुमकुड़िया महबा उल्ला (दिवस) का आयोजन किया गया। इस आयोजन में गाँव के देबीगुड़ी (देवी मां) में छोटे छोटे बालक बलिकाओं को विधिवत पूजा अर्चना करा कर धुमकुड़िया में प्रवेश दिलाया गया। वहीं शादी का रिश्ता तय हुआ लड़का श्री ऋषभ उरांव
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कुंड़ुख टाइम्स (वेब संस्करण) का अक्टूबर से दिसंबर 2022 / अंक 5 प्रकाशित

कुंड़ुख टाइम्स (वेब संस्करण) का अक्टूबर से दिसंबर 2022 / अंक 5 का यह संस्करण काफी पठनीय है। आप इसे यहां ऑनलाइन पढ़ सकते हैं। आप चाहें तो इसका पीडीएफ फाइल भी अपने लैपटॉप या पीसी अथवा मोबाइल पर डाउनलोड कर सकते।
Latest Posts
- ओर- करम करम करले बहीन..आईज तारीख 08 मार्च 2026 दिन एतवार के कुड़ुख़ टाइम्स डॉट कॉम कर पुनह परकाशन कर बेरा में टी आर एल ब्लॉग ले उरांव अखरा से तीन गो गावल गीत के नागपुरी भखा में बताल हय। इके धेयान देवब और गुनगुनाब अपने मन सउब – 1 ओर छोट-मोटे तेतईर गे आयो,भिंजल छांहईर गे आयो ।2।घुराल… Read more: ओर- करम करम करले बहीन..
- झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?राँची के कोर्नेलियस मिंज को लोग करन कहते हैं. उनका परिवार सरना आदिवासी था लेकिन बाद में ईसाई बन गया. हालाँकि कोर्नेलियस के घर में अब भी कई लोग सरना हैं. यह परिवार साथ में सरहुल भी मनाता है और क्रिसमस भी. आपस में शादियाँ भी होती हैं. करन कहते हैं कि जब सरना और… Read more: झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?
- झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानितरांची: आज दिनांक 21.02.2026 दिन शनिवार को प्रेस क्लब रांची में अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर अखिल झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार सम्मान 2026 झारखंड के 9 साहित्यकारों के रचनाकारों के साथ ओल चिकि लिपि के रचयिता श्रद्धेय पं रघुनाथ मुर्मू तथा वरांग चिति के रचयिता श्रद्धेय कोल लाको बोदरा को मरणोपरांत उनके वंशजों को… Read more: झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानित
- औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?आजादी के पचहत्तर साल बाद भी भारत अंग्रेज और अंग्रेजियत (औपनिवेशिक गुलामी) से मुक्त नहीं हुआ है”—इस उक्ति को यदि गहराई से समझें, तो यह किसी भौतिक गुलामी की नहीं बल्कि मानसिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक और वैचारिक गुलामी की ओर संकेत करती है। भारत ने 1947 में राजनीतिक स्वतंत्रता तो प्राप्त की, परंतु औपनिवेशिक सत्ता द्वारा… Read more: औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?
- हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते यह जानकर बहुत प्रेरणा मिलती है कि गुमला, रांची, लातेहार और लोहरदगा के युवा गणित (Maths) जैसे कठिन विषय को भी कुँड़ुख में ढाल रहे हैं। प्रसिद्ध अफ्रीकी लेखक चिंतक न्गुगी वा थ्योंगो ने हमेशा यही कहा कि – “भाषा केवल साहित्य के लिए नहीं, बल्कि विज्ञान और तर्क के लिए भी होनी चाहिए” ।… Read more: हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते