भारतीय संसद द्वारा पारित पेसा कानून 1996 (PESA ACT 1996) के Section 4 (d) के अन्तर्गत दिनांक 20 एवं 21 मई 2022 दिन शनिवार एवं रविवार को 9 पड़हा गांव, 7 पड़हा गांव एवं 6 पड़हा गांव, कुल 22 गांवों की सभा (22 गाव का पड़हा बैठक) द्वारा अपनी रूढ़ी–परम्परा के अनुसार ‘परम्परागत ग्रामसभा पड़हा बिसुसेन्दरा का आयोजन किया गया। परम्परागत कुँड़ुख़ समाज द्वारा आयोजित यह परम्परागत ग्रामसभा पड़हा बिसु सेन्दरा का 2 दिवसीय वार्षिक अधिवेशन, ग्राम – बटकुरी, थाना – भरनो,जिला – गुमला में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता एवं संचालन, परम्परागत गांव सभा के पंच्चों द्वारा किया गया। सम्मेलन में 22 गाँव के गाम सभा के पदधारी एवं परम्पारिक ग्रामीण पुजारी पहान, महतो, पुजार इत्यादि उपस्थित थे। बिसुसेन्दरा के अंतिम दिन महिलाएँ पुरूषों का स्वागत लोटा में पानी और आम का टहनी–पत्ता लेकर करती हैं। महिलाओं को यह उम्मीद रहती है कि पुरूष गण अपने परिवार तथा समाज के लिए अच्छा निर्णय करके आये होंगे। इसबार बदते सामाजिक परिवेश में महिलाएँ, 9 फुदना वाला 9 पड़हा के, 7 फुदना वाला 7 पड़हा के तथा 6 फुदना वाला 6 पड़हा वाले गांव के महतो–पहान के लिए अरिपन–सिन्दुर लगाकर ‘‘राली खेवा डांग’’ सौंपी और वे पुरूषों से आह्वान कीं – कि वे स्वयं समाज–परिवार के लिए जागें और बच्चों में शिक्षा का अलख जगाएँ, नशापान रोंकें, अनुशासन एवं देशप्रेम जगाएँ।
परम्परागत पड़हा बिसु सेन्दरा सम्मेलन सिसई भरनो 2023 सम्पन्न

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