नई शिक्षा नीति 2020 का मातृभाषा शिक्षा पर कुँड़ुख़ समाज की तैयारी

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ज्ञात हो कि केन्द्रा सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति 2020 लागू कर दिया गया है। इसके अन्त र्गत भाषा विषयों में से मातृभाषा को प्राथमिक स्तयर पर विशेष महत्वक दिया गया है। झारखण्डो सरकार द्वारा, एकीकृत बिहार का वर्ष 1976 की नियमावली (शिक्षा का माध्योम विषयक नियमावली) को कड़ाई से लागू करने का बात कहा गया है। बिहार, शिक्षा विभाग, अधिसूचना संख्याी 648 दिनांक 08.04.1976 के माध्य,म से 4 आदिवासी भाषा संताली, मुण्डाकरी, उराँव (कुँड़ुख़) एवं हो मातृभाषा शिक्षा का माध्यकम के रूप में स्वी‍कृति प्राप्त  है।

इस दिशा में झारखण्डा सरकार में भी भाषायी विकास हेतु संताली भाषा की लिपि ओलचिकि, हो भाषा की लिपि वरांङचिति, कुँड़ुख़ (उराँव) भाषा की लिपि तोलोंग सिकि तथा मुण्डाडरी भाषा की लिपि देवनागरी के रूप में स्वीषकृति प्रदान की गई है और कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राज्य भाषा विभाग के पत्रांक 129, दिनांक – 18.09.2003 के माध्य‍म से केन्द्रि सरकार को भेजा जा चुका है।

उक्त के आलोक में कुँड़ुख़ (उरांव) समाज द्वारा मातृभाषा शिक्षा हेतु तैयारी किया जा रहा है और देवनागरी एवं तोलोंग सिकि (लिपि) में 1ली कक्षा से 5वीं कक्षा तक पूर्व के पाठ्य पुस्ततकों का प्रकाशन कर लिया गया है।

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रिर्पोटर – श्री भुनेश्वरर उराँव, सहायक शिक्षक,
जतरा टाना भगत विद्या मंदिर, बिशुनपुर, घाघरा, गुमला

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