कुँड़ुख़़-हिन्दी शब्दकोष और कुँड़ुख़ संस्कारों पर तीन पुस्तकों का लोकार्पण संपन्‍न

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झारखण्ड की राजधानी राँची में स्थित डा रामदयाल मुण्डा जनजातीय शोध संस्थान, मोरहाबादी के सभागार में कुँड़ुख़ भाषा एवं सामाजिक पहलूओं से जुड़ी तीन पुस्तकों का विमोचन किया गया। पहली पुस्तक स्व विजय उराँव द्वारा लिखित – कुँड़ुख़-हिन्दी शब्दकोष है। दूसरी पुस्तक श्री बहुरा उराँव द्वारा रचित – कुँड़ुख़ (उराँव) समाज में जन्म विवाह एवं मृत्यु संस्कार तथा तीसरी पुस्तक श्री भिखु तिरकी द्वारा लिखित – सरना अद्दी धर्म नामक पुस्तक का लोकार्पण दिनांक 02 फरवरी 2021 को सम्मन्न हुआ।

यह आयेजन डा रामदयाल मुण्डा जनजातीय शोध संस्थान, जोगो पहाड़ सरना समिति तथा औरा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वााधान में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में झारखण्ड के वित्त एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री माननीय डा रामेश्‍वर उराँव, विशिश्ट अतिथि के रूप में पूर्व शिक्षामंत्री श्रीमती गीताश्री उराँव, विनोवा भावे विश्‍वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा रविन्द्रनाथ भगत एवं उपकुलपति डा ज्योतिलाल उराँव, डॉ. रामदयाल मुण्डा जनजातीय शोध संस्थान के निदेशक श्री रणेन्द्र कुमार, सेवानिवृत आर्इ0पी0एस0 श्री शीतल उराँव तथा राँची विश्‍वविद्यालय राँची के शिक्षाविद सह मानवशास्त्री डा करमा उराँव उपस्थित थे। लोकार्पण समारोह डॉ0 करमा उराँव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर हिन्दी एवं कुँड़ुख़ के सम्मानित लेखक श्री महादेव टोप्पो एवं कुँड़ुख़ प्राध्यापक डॉ नारायण भगत का विशेष योगदान रहा।

इस अवसर पर डॉ0 रामेश्‍वर उराँव ने कहा कि आदिवासी पहचान के लिए चार बातें आवश्यक है – 1. जमीन 2. भाशा 3. संस्कृति 4. परम्परा। आदिवासियों को अपने इस बिरासत को बचाना होगा। इसी कड़ी में श्री रणेन्द्र कुमार जी ने कहा कि कुँडुख़ भाशा को अपने द्रविड़ भाशा परिवार के  तमिल, तेलगु, मलयालम, कन्नड़ आदि साहित्य से प्रेरणा लेकर अपने साहित्य को और अधिक विकसित करना चाहिए।

समारोह में स्व विजय उराँव की धर्मपत्नी श्रीमती गौरी देवी उराँव सपरिवार उपस्थित होकर विमोचन कार्यक्रम को गौरन्वित किया। स्व विजय उराँव विजय उराँव, संयुक्त बिहार के एक अवकाश प्राप्त प्रशासनिक अधिकारी थे। सेवानिवृति के बाद वे अपनी ऊर्जा कुँड़ुख़-हिन्दी शब्दकोष की रचना में लगाये और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा उनके अधुरे कार्यों को पूरा किया गया। श्री भिखु तिरकी भी संयुक्त बिहार के एक अवकाश प्राप्त प्रशासनिक अधिकारी हैं एवं श्री बहुरा उराँव, झारखण्ड सरकार, उर्जा विभाग के अवकाश प्राप्त पदाधिकारी हैं।

सभा का संचालन डॉ. नारायण भगत द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन राजेन्द्र भगत, सेवानिवृत युनियन बैंक ऑफ इण्डिया मुख्य प्रबंधक (मप) द्वारा किया गया।

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