Salkhan Murmu
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आदिवासी राष्ट्रपति और आदिवासी गांव-समाज -सालखन मुर्मू

देश ने एक आदिवासी संताल महिला द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाकर एक नया इतिहास बनाया है। दुनिया के सर्वाधिक बड़ी गणतंत्र भारत ने मिसाल कायम किया है। जो 200 वर्षों में भी अमेरिका नहीं कर पाया है। देश के लिए गर्व और सम्मान की बेला है। परंतु आदिवासी समाज के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक समृद्धि का…
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नई सोच के साथ विश्व आदिवासी दिवस: 9 अगस्त 2021 का अनुपालन

” झारखंड बचेगा तो बृहद झारखंड और भारत के आदिवासी बचेंगे। अतः अब बृहद झारखंड बनाने की सोच से ज्यादा जरूरी है बृहद झारखंड अर्थात बंगाल, बिहार, उड़ीसा, आसाम, छत्तीसगढ़ और झारखंड आदि के आदिवासियों को मिलकर झारखंड को बचाने और समृद्ध करने का संकल्प और कार्य योजना बनाकर मैदान में उतर जाने का। चूँकि…
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बिरसा शहीद दिवस, दिखावा या दिल से ? – सालखन मुर्मू

आज 9 जून भगवान बिरसा मुंडा का शहीद दिवस है। बिरसा मुंडा रांची जेल में मर गए या मारे गए एक रहस्य है। मगर बिरसा मुंडा हमारे बीच आज भी जीवित हैं। उनका सपना- “अबुआ दिशुम- अबुआ राज” आज भी झकझोरता है, याद दिलाता है। उनके अदम्य साहस और “जंगल गोरिल्ला वारफेर” की रणनीति से…
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सरना धर्मकोड पर केंद्र और राज्य दोनों आदिवासियों को धोखा रहे हैं : सालखन मुर्मू

– अब वक्त आ गया है कि राज्य की हेमन्त सरकार आदिवासी हित में आगे आये और केंद्र सरकार समय रहते देश भर के 15 करोड़ आदिवासियों की भावना को ध्यान में रखते हुए आदिवासी संगठनों से धर्म कोड पर वार्ता शुरू करे वरना.. – 31 जनवरी 2021 को राष्ट्रव्यापी रेल-रोड चक्का जाम होगा जोरदार
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- वर्षा अच्छी होगी इस साल : गजेन्द्र उरांवयह विडियो आदिवासी समाज से अर्जित ज्ञान के तरीके से मौसम भविष्यवाणी कर्ता श्री गजेन्द्र उरांव, उम्र 64 वर्ष, ग्राम सैन्दा, थाना सिसई जिला गुमला द्वारा दिनांक 24.05.2026 को शूट किया गया साक्षात्कार है। इस प्रकार का मौसम भविष्यवाणी, बाबा गजेन्द्र उरांव द्वारा विगत 12 वर्षों से किया जा रहा है। बाबा गजेन्द्र उरांव धान… Read more: वर्षा अच्छी होगी इस साल : गजेन्द्र उरांव
- उरांव लोकजीवन, लोककथाथा, लोकसाहित्य एवं उरांव इतिहासयह फोटो लातेहार जिले के महुआ टांड़ प्रखंड के अन्तर्गत बुढ़ा नदी ऊर्फ पचगी ख़ाड़ नदी, बोहटा नदी एवं ओरंगा नदी, सुगाबांध स्थान पर मिलकर सोन एवं गंगा में जाकर मिलती है। इसी तरह ओड़ंगा अंड़िया, कांस, परास, बंकी नदी दक्षिणी कोयल नदी के रूप में कारो एवं शंख नदी एक साथ बहते हुए राउरकेला… Read more: उरांव लोकजीवन, लोककथाथा, लोकसाहित्य एवं उरांव इतिहास
- KURUX PHONETIC READER कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिएयह पुस्तक KURUX PHONETIC READER के नाम से मई 1985 में CIIL MYSORE द्वारा प्रकाशित हुआ है। इसका प्रथम संस्करण का समय, 40 वर्ष एवं 10 महीने से अधिक है। आदिवासी भाषा में शोध कर रहे शोधकर्ताओं द्वारा इस पुस्तक की मांग को देखते हुए कुड़ुख़ भाषा विज्ञान की इस आधार स्तंभ पुस्तक को सामान्य… Read more: KURUX PHONETIC READER कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिए
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- कुड़ुख़ टाइम्स का 17वां अंक प्रकाशित हुआकुड़ुख़ टाइम्स का 17वां अंक आप पाठकों के सामने है। यह अंक अपने नये स्वरूप में आप पाठकों के लिए रोचक होगा। कुड़ुख़ संस्कृति एवं नेगचार को असम के डिब्रूगढ़ क्षेत्र में रहने वाले उरांव लोगों को जानिए। साथ ही तमिल-भाषी डॉ स्टीफन जी द्वारा इतिहास के पन्नों पर शोध परक लेख देखने को मिलेगा।… Read more: कुड़ुख़ टाइम्स का 17वां अंक प्रकाशित हुआ