Gajendra Oraon
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पारम्परिक मौसम विज्ञानी द्वारा मानसून का पूर्वानुमान : 2023 के लिए

गुमला : जिला, सिसई : थाना के सैन्दा ग्राम निवासी श्री गजेन्द्र उराँव, पिता स्व0 डुक्का उरांव, उम्र 67 वर्ष द्वारा दिनांक 28 मई 2023, दिन रविवार को बिशुनपुर (गुमला) में वर्ष 2023 का मानसून पूर्वानुमान किया गया। श्री गजेन्द्र उरांव विगत 10 वर्षों से लगातार परम्परागत तरीके से बोये जाने वाले धान के बीज…
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आदिवासियों में मौसम पूर्वानुमान की विधि : Method of weather forecasting in tribal

आदिवासियों में मौसम पूर्वानुमान की विधि : Method of weather forecasting in tribal गुमला (सिसई) के एक कोटवार गजेेन्द्र उरांव बता रहे हैं आदिवासी समाज में अनूठी परंपरा है मौसम पूर्वानुमान की..
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ख़द्दी परब (सरहुल त्योहार)

नमहँय देश भारत नू अकय बग्गे भख़ा कछनखरऊ अरा नने किसिम गहि संस्कृति खोड़हा नू मेसेरका रअ़र्इ। हुल्लो परिया तिम इसन नने रकम जइतर तंगआ-तंगआ भख़ा-संस्कृति, परम्परा अरा विश्वासन अङिय’अर संग्गे-संग्गे रअ़ते बरआ लगनर। र्इवन्दा बेड़ा नू अकय किय्या-मर्इय्या मंज्जा। एका-एका जइतर गहि भख़ा-संस्कृति, इतिङख़ीरी गहि कगद नूम रर्इह केरा, पहें एका-एका खोड़हा गहि आ:लर,…
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करम परब गही ख़ीरी (करम त्योहार की कहानी)

बअ़नर – हुल्लो परिया नु ओरोत कुँड़ुख़ बे:लस ही रा:जी नु ओंगओल अनभनियाँ रा:जी कीड़ा मंज्जा। चेंप-झड़ी मल पुर्इंका ती खितीपुती मल मना लगिया। तूसा-झरिया, खाड़-ख़ोसरा, कूबी-पोखारी उरमी ख़ाया लगिया। मन्न-मास ही खं़जपा हूँ नठारआ हेल्लरा। ओना-मोख़ा गे मल ख़खरना ती टोड़ंग-परता ता अड़ख़ा-चे:खे़ल अरा बोकला गुट्ठीन मो:ख़र, आलर एकअम बेसे उल्ला खेपआ लगियर। चान-चान,…
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पद्दा ता देबी अयंग
बअ़नर हुल्लो परिया नु ओण्टा कुँडुख़ बे:लस तंगआ बेलख़ा नु दव कुना रा:जी-पा:टी चलाबअ़आ लगियस। एड़पा-पल्ली, बेलख़ा, आ:लर अरा सँवसे जिया-जँऊत बे:लस गही बेलख़ा नु निचोत रअ़आ लगिया। एन्ने बेलख़ा रा:जी नु बे:लासिन अम्मबर ने:का हुँ ससर्इत मल रहचा। बे:लस रा:जी चलाबअ़ओ बा:री गा डिढ़गर मना लगियस पंहेस एड़पा उला कलपारआ लगियस। आस गही एड़पा…
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ख़द्दी परब (सरहुल त्योहार)

नमहँय देा भारत नू अकय बग्गे भख़ा कछनखरऊ अरा नने किसिम गहि संस्कृति खोड़हा नू मेसेरका रअ़र्इ। हुल्लो परिया तिम इसन नने रकम जइतर तंगआ-तंगआ भख़ा-संस्कृति, परम्परा अरा विवासन अङिय’अर संग्गे-संग्गे रअ़ते बरआ लगनर। र्इवन्दा बेड़ा नू अकय किय्या-मर्इय्या मंज्जा। एका-एका जइतर गहि भख़ा-संस्कृति, इतिङख़ीरी गहि कगद नूम रर्इह केरा, पहें एका-एका खोड़हा गहि आ:लर,…
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- वर्षा अच्छी होगी इस साल : गजेन्द्र उरांवयह विडियो आदिवासी समाज से अर्जित ज्ञान के तरीके से मौसम भविष्यवाणी कर्ता श्री गजेन्द्र उरांव, उम्र 64 वर्ष, ग्राम सैन्दा, थाना सिसई जिला गुमला द्वारा दिनांक 24.05.2026 को शूट किया गया साक्षात्कार है। इस प्रकार का मौसम भविष्यवाणी, बाबा गजेन्द्र उरांव द्वारा विगत 12 वर्षों से किया जा रहा है। बाबा गजेन्द्र उरांव धान… Read more: वर्षा अच्छी होगी इस साल : गजेन्द्र उरांव
- उरांव लोकजीवन, लोककथाथा, लोकसाहित्य एवं उरांव इतिहासयह फोटो लातेहार जिले के महुआ टांड़ प्रखंड के अन्तर्गत बुढ़ा नदी ऊर्फ पचगी ख़ाड़ नदी, बोहटा नदी एवं ओरंगा नदी, सुगाबांध स्थान पर मिलकर सोन एवं गंगा में जाकर मिलती है। इसी तरह ओड़ंगा अंड़िया, कांस, परास, बंकी नदी दक्षिणी कोयल नदी के रूप में कारो एवं शंख नदी एक साथ बहते हुए राउरकेला… Read more: उरांव लोकजीवन, लोककथाथा, लोकसाहित्य एवं उरांव इतिहास
- KURUX PHONETIC READER कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिएयह पुस्तक KURUX PHONETIC READER के नाम से मई 1985 में CIIL MYSORE द्वारा प्रकाशित हुआ है। इसका प्रथम संस्करण का समय, 40 वर्ष एवं 10 महीने से अधिक है। आदिवासी भाषा में शोध कर रहे शोधकर्ताओं द्वारा इस पुस्तक की मांग को देखते हुए कुड़ुख़ भाषा विज्ञान की इस आधार स्तंभ पुस्तक को सामान्य… Read more: KURUX PHONETIC READER कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिए
- जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस संपन्नदिनांक 01.04.2026, दिन बुधवार को जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस फादर कामिल बुल्के पथ रांची में स्थित सत्यभारती के सभागार में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर नए अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चयन किया गया। समारोह में रांची विश्वविद्यालय के नागपुरी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. वीरेंद्र महतो को मंच का अध्यक्ष… Read more: जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस संपन्न
- कुड़ुख़ टाइम्स का 17वां अंक प्रकाशित हुआकुड़ुख़ टाइम्स का 17वां अंक आप पाठकों के सामने है। यह अंक अपने नये स्वरूप में आप पाठकों के लिए रोचक होगा। कुड़ुख़ संस्कृति एवं नेगचार को असम के डिब्रूगढ़ क्षेत्र में रहने वाले उरांव लोगों को जानिए। साथ ही तमिल-भाषी डॉ स्टीफन जी द्वारा इतिहास के पन्नों पर शोध परक लेख देखने को मिलेगा।… Read more: कुड़ुख़ टाइम्स का 17वां अंक प्रकाशित हुआ