Dr Narayan Oraon
-
औसत से कम वर्षा होने का पूर्वानुमान का प्रथम भाग सही साबित हुआ

दिनांक 21.06.2022 दिन मंगलवार को उरागन डिप्पा, ग्राम: सैन्दा, थाना: सिसई, जिला: गुमला (झारखण्ड) में पारम्परिक ग्रामीण मौसम पूर्वानुमान कर्ता द्वारा वर्ष 2022 का मौसम पूर्वानुमान किया गया। पारम्परिक मौसम पूर्वानुमान कर्ता श्री गजेन्द्र उराँव, 65 वर्ष, ग्राम: सैन्दा, सिसई (गुमला) तथा श्री बुधराम उराँव, 66 वर्ष, ग्राम: सियांग, सिसई (गुमला) द्वारा अपने पारम्परिक ज्ञान…
-
आदिवासी परंपरानुगत अनुमान: औसत से कम वर्षा होने का मौसम पूर्वानुमान 2022

दिनांक 21.06.2022 दिन मंगलवार को उरागन डिप्पा, ग्राम : सैन्दा, थाना : सिसई, जिला : गुमला (झारखण्ड) में पारम्परिक ग्रामीण मौसम पूर्वानुमान कर्ता द्वारा वर्ष 2022 का मौसम पूर्वानुमान किया गया। पारम्परिक मौसम पूर्वानुमान कर्ता श्री गजेन्द्र उराँव, 65 वर्ष, ग्राम : सैन्दा, थाना : सिसई (गुमला) तथा श्री बुधराम उराँव, 66 वर्ष, ग्राम :…
-
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 व मातृभाषा कुँड़ुख़तोलोंग सिकि एवं धुमकुड़िया पर कार्यशाला सम्पन्न

दिनांक 12 मार्च से 14 मार्च 2020 तक ऐतिहासिक पड़हा जतरा खुटा शक्तिस्थल, मुड़मा, राँची में अवस्थित सांस्कृतिक भवन में तीन दिवसीय कार्यशाला मातृभाषा शिक्षा सह कुँड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि तथा धुमकुड़िया विषय पर सम्पन्न हुआ। इस कार्यशाला में झारखण्ड, प. बंगाल, ओडिसा, छतीसगढ़ तथा पड़ोसी देश नेपाल से कुँड़ुख़ भाषा प्रेमी उपस्थित थे। यह…
-
धुमकुड़िया कोरना अरा पूरना उल्ला (धुमकुड़िया प्रवेश तथा पूर्णता दिवस)

बअ़नर माघ चन्ददो नु ख़द्दारिन धुमकुड़िया मंक्खा लगियर अरा ख़द्दर माघ चन्द्दो नु धुमकुड़िया कोरआ लगियर। एन्नेम माघ पुनई गेम जोंख़ रअ़उर गही माघ पूरआ लगिया दरा पुना अड्डा नु मलता पुना चान नु माघ पुनई ख़ोःख़ा ती जोंख़ रअ़ना ओरे मना लगिया। 1. धुमकुड़िया एन्दरा तली ? (धुमकुड़िया क्या है ?) उत्तर –…
-
झारखण्ड में नई शिक्षा नीति और कुंड़ुख़ भाषा-लिपि की सार्थकता विषयक गोष्ठी

दिनांक 21.11.2021 दिन रविवार को अद्दी कुंड़ुख़ चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा (अद्दी अखड़ा), रांची (झारखण्ड) के अध्यक्ष जिता उरांव एवं सचिव राजेन्द्र भगत की मुलाकात राजी पड़हा प्रार्थना सभा ट्रस्ट, मुड़मा, रांची के अध्यक्ष बंधन तिग्गा से हुई। इस अवसर पर राउरकेला (ओड़िशा) से मनीलाल केरकेट्टा एवं जामताड़ा (झारखण्ड) से संजय पहान एवं उनके साथी…
-
कुँड़ुख़ भाषा अरा तोलोंग सिकि (लिपि)

1 कुँड़ुख भाषा – कुँड़ुख भाषा एक उतरी द्रविड़ भाषा परिवार की भाषा है। लिंगविस्टक सर्वे ऑफ इंडिया 2011 के रिपोर्ट के अनुसार भारत देश में कुँड़ुख़ भाषा बोलने वाले लोगों की संख्या 19‚88‚350 है। पर कुँड़ुख भाषी उराँव लोग अपनी जनसंख्या के बारे में बतलाते हैं कि पुरे विश्व में कुँड़ुख भाषी उराँव लोग 50…
-
धुमकुड़िया (एक मुक्त सामाजिक विद्यालय) Dhumkuriya (An Open Social School)

धुमकुड़िया: (एक पारम्परिक सामाजिक पाठशाला) : Dhumkuriya (A Traditional Social School) : परिचय :- धुमकुड़िया, उराँव आदिवासी समाज की एक पारम्परिक सामाजिक पाठशाला है। प्राचीन काल से ही यह, गाँव में एक शिक्षण-शाला के रूप में हुआ करता था, जो गाँव के लोगों द्वारा ही चलाया जाता था। समय के साथ यह पारम्परिक ग्रामीण पाठशाला विलुप्त होने की…
-
कुँड़ुख़ तोलोंग सिकि के विकास की परिकल्पना 1989 में दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल‚ लहेरियासराय (बिहार) से हुआ

ज्ञातव्य है कि डॉ० नारायण उराँव का आवश्यक इंटरर्नशीप अवधि दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, लहेरियासराय (बिहार) में एम.बी.बी.एस. की परीक्षा पास करने के बाद फरवरी 1989 से फरवरी 1990 तक था। उस इंटर्नशीप अवधि में उन्होंने अपने चिकित्सीय कार्य के अतिरिक्त आदिवासी समाज के कई सामयिक प्रष्नों के प्रत्युत्तर में एक पुस्तक लिखी‚ जिसका…
-
सकलराम तिरकी को बंगाल कैसे मिला 1500 एकड़ का खतियानी जमींदारी?

वर्तमान लोहरदगा जिला‚ कुड़ू थाना क्षेत्र के जिंगरी जोंजरो गांव के रहने वाला सकलराम तिरकी‚ एक उरांव परिवार में जन्मा् एवं पला–बढ़ा तथा एक मजदूर किसान का बेटा को जब अपने गांव–परिवार की गरीबी में अपने गांव से दूर जाने के लिए विवस होना पड़ा तो वह रास्ता ढूँढ़ते हुए बंगाल के पहाड़ी क्षेत्र अर्थात…
-
तोलोंग सिकि (लिपि) का आधार

तोलोंग सिकि एक वर्णात्मक लिपि है। इसमें‚ उच्चारण के अनुसार लिखा एवं पढ़ा जाता है। इसमें हलन्त का प्रयोग नहीं होता है। इस लिपि को कुँड़ुख़ भाषियों ने कुँड़ुख़ भाषा की लिपि की सामाजिक स्वीकृति प्रदान की है तथा झारखण्ड सरकार द्वारा कुँड़ुख़ भाषा की लिपि की वैधानिक मान्यता देकर विद्यालयों में पठन-पाठन का अवसर…
Latest Posts
- दिवंगत रूपी सोरेन को दी श्रद्धांजलि: केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और अन्य नेताओं ने सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात कर प्रकट की संवेदनाएंनेमरा (रामगढ़): मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित पैतृक आवास पर जनप्रतिनिधियों और नेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार (9 अक्टूबर 2026) को केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ, मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर, विधायक डॉ. नीरा यादव, विधायक श्रीमती ममता देवी तथा पूर्व विधायक श्री लंबोदर महतो ने… Read more: दिवंगत रूपी सोरेन को दी श्रद्धांजलि: केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और अन्य नेताओं ने सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात कर प्रकट की संवेदनाएं
- झामुमो परिवार को गहरा झटका: दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी और CM हेमंत की मां रूपी सोरेन नहीं रहींरांची। झारखंड के राजनीतिक परिदृश्य और झामुमो (JMM) परिवार के लिए बुधवार का दिन बेहद दुखद खबर लेकर आया। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और झारखंड आंदोलन के महानायक ‘दिशोम गुरु’ स्वर्गीय शिबू सोरेन की धर्मपत्नी रूपी सोरेन का निधन हो गया है। उन्होंने रांची स्थित हिल व्यू अस्पताल में इलाज के दौरान… Read more: झामुमो परिवार को गहरा झटका: दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी और CM हेमंत की मां रूपी सोरेन नहीं रहीं
- सदियों पुरानी मौखिक परंपराओं को ग्रंथ में ढालता उरांव समाजआदिवासी समाज के नियम-कानून, रीति-रिवाज, अनुष्ठान, आदि सदियों से मौखिक प्रक्रिया से चलते रहे हैं। अब जब पूरा समाज बदल रहा है। ऑफिस-कोर्ट आदि की जटिल प्रक्रिया किसी काम के निष्पादन में ज्यादा वक्त लेती रही हैं। जाहिर है इससे त्वरित न्यायिक प्रक्रिया और समाधान इससे प्रभावित होती रही है। ऐसे में उरांव समाज संभवत:… Read more: सदियों पुरानी मौखिक परंपराओं को ग्रंथ में ढालता उरांव समाज
- एशियन गेम्स में ‘गोल्ड’ जीतकर लौटीं झारखंड की बेटियां, सीएम हेमंत सोरेन ने किया सम्मानितरांची: एशियन गेम्स 2026 में स्वर्णिम इतिहास रचने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की झारखंडी खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया तथा मिठाई… Read more: एशियन गेम्स में ‘गोल्ड’ जीतकर लौटीं झारखंड की बेटियां, सीएम हेमंत सोरेन ने किया सम्मानित
- बारिश में बढ़ा सांपों का खौफ, 2 महीने में 250 से अधिक रेस्क्यू; 30 मिनट में पहुंचेगी वन विभाग की टीममानसून की शुरुआत के साथ ही देवघर जिले के रिहायशी इलाकों में सांपों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। पहाड़ी और वनांचल क्षेत्र होने के कारण बारिश में बिलों में पानी भरने के बाद सांप सूखी और गर्म जगह की तलाश में घरों के आंगन, किचन और बेडरूम तक पहुंच रहे हैं। इस खतरे से… Read more: बारिश में बढ़ा सांपों का खौफ, 2 महीने में 250 से अधिक रेस्क्यू; 30 मिनट में पहुंचेगी वन विभाग की टीम