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पिन्की लिन्डा vs बागा तिर्की : आखिर क्यों, छुटा-छुटी (तलाक) से पहले हो गया केस डिसमिस?..

यह वीडियो हमारे पिछले वीडियो https://youtu.be/gxus_PSq_yg का हिस्सा (Excerpt) है, जिसका शीर्षक था- ‘कोई प्रथा कैसे बनती है कस्टमरी लॉ?.. | How does a custom become a Customary Law?’ वीडियो में मुख्य वक्ता हैं कानून के प्राध्यापक श्री रामचन्द्र उरांव। सवाल कर रहे हैं, पत्रकार किसलय। वह पूरा वीडियो यहां देख – सुन सकते हैं।…
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कोई प्रथा कैसे बनती है कस्टमरी लॉ?

भारत में आदिवासियों के कई मामलों में अलग कानून चलता है, जिसे कस्टमरी लॉ या प्रथागत कानून कहते हैं। इस प्रसंग में हम पिछले अंक में चर्चा कर चुके हैं। आप उस वीडियो को यहां ऊपर, दाहिनी तरफ आ रहे लिंक पर देख और सुन सकते हैं। उस वीडियो में हमने कस्टमरी लॉ के अर्थ,…
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आदिवासियों का कस्टमरी लॉ अलग क्यों है?

आपको पता है, भारत में दो तरह के कानून चलते हैं: पहला ‘जेनरल लॉ’ और दूसरा ‘कस्टमरी लॉ’। जेनरल लॉ यानी सामान्य कानून पूरे देश में लागू होता है, जबकि ‘कस्टमरी लॉ’ केवल आदिवासियों के प्रसंग में चलता है। आये दिन इसपर कई विवाद भी हुए हैं। मामला उच्च न्यायालयों तक पहुंचता है। और ऐन…
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कुंड़ुख़ इंग्लिश मीडियम स्कूल में गणतंत्र दिवस संपन्न

यह विडियो दिनांक 26 जनवरी 2023 को शूट किया गया है। यह विडियो कुंड़ुख़ कत्थ खोंड़हा लूरएड़पा, भगीटोली, डुमरी, गुमला (कुंड़ुख़ इंग्लिश मीडियम) स्कूल में गणतंत्र दिवस के अवसर पर पारम्परिक वेशभूषा में प्रस्तुत किया गया परेड है। इस स्कूल में 1ली से 3री कक्षा तक सिर्फ कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि में पढ़ाई होती है।…
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सैन्दा गांव में धुमकुडि़या जतरा का आयोजन

झारखंड के गुमला जिला के सिसई थाना स्थित सैन्दा गांव में धुमकुडि़या जतरा का आयोजन दिनांक 16 फरवरी 2022 को किया गया था। पूर्व में धमकुड़िया एक सामाजिक तथा सांस्कृतिक विरासत का केंद्र रहा था। आधुनिक स्कूल की स्थापना के बाद यह संस्था विलुप्त होने की राह पर है। अब, जब समाज सेवियों एवं शिक्षाविदों…
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Learning KURUKH [Tribal Language] through Rhymes Recitation in Rural Jharkhand II
![Learning KURUKH [Tribal Language] through Rhymes Recitation in Rural Jharkhand II](https://www.kurukhtimes.com/wp-content/uploads/2022/12/kurukh-geet-video.jpg)
पूरा वीडियो यहां देखें: https://youtu.be/AU5W3dAqQgQ इस वीडियो के बाल-गीत के बोल- छोटे बच्चे अपनी मां से चिडि़यों के बच्चे के माध्यम से संदेश देते हुए कहते हैं कि – ओ मां, छोटी चिडि़यां चेरे-बेरे चेरे-बेरे, चीं – चीं – चीं कर रही हैं, और चेरे-बेरे, चेरे-बेरे करते हुए दूध भात मांग रही है। ओ मां,…
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Learning KURUKH [Tribal Language] through Rhymes Recitation in Rural Jharkhand III
![Learning KURUKH [Tribal Language] through Rhymes Recitation in Rural Jharkhand III](https://www.kurukhtimes.com/wp-content/uploads/2022/12/song-learning.jpg)
पूरा वीडियो यहां देखें: https://youtu.be/AU5W3dAqQgQ बाल कविता में छोटे बच्चों में से एक भाई अपनी छोटी बहन के लिए चन्दा मामा से गरम-गरम रोटी की मांग करते हुए दोनों भाई-बहन कहते हैं कि –ओ चन्दा मामा, तुम मेरी छोटी बहन और मेरे लिए रोटी दो, तुम हम दोनों के लिए रोटियां दो।ओ चन्दा मामा, हमारी मां…
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Learning KURUKH [Tribal Language] through Rhymes Recitation in Rural Jharkhand I
![Learning KURUKH [Tribal Language] through Rhymes Recitation in Rural Jharkhand I](https://www.kurukhtimes.com/wp-content/uploads/2022/12/geet-video.jpg)
पूरा वीडियो यहां देखें: https://youtu.be/AU5W3dAqQgQ इस वीडियो में गाये जा रहे गीत के बोल- दादी-नानी अपने चरवाहे पोते से कहती है कि – ओ इधर-उधर नजर करने वाले बच्चे, तुम किस प्रकार गाय-बैल चरा रहे हो, तुम्हारी बकरी भाग गयी और सियार का चारा बन गई। ओ इधर-उधर नजर करने वाले बच्चे, तुम घर-द्वार खेलने…
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गीत से सीख : झारखंड के गांवों में आदिवासी भाषा कुंड़ुख सीखने की अदा..

ये विडियो झारखंड प्रदेश के गुमला जिला अंतर्गत सिसई प्रखंड के सैन्दा गांव में चल रहे धुमकुडि़या के बच्चों को भाषा सिखलाये जाने की कक्षाओं का अंश है। ये सभी वीडियो दिसम्बर 2022 में शूट किये गये थे। इस तरह की कक्षाओं के आयोजन के जरिये संध्या में बच्चों को Kurukh भाषा एवं तोलोंग सिकि,…
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अगहन पड़हा जतरा

यह विडियो दिनांक 17 नवम्बर 2022 दिन गुरूवार को सम्पन्न ”अगहन पड्हा जतरा, सिलमटोंगरी” ग्राम : बुड्का, थाना : सिसई, जिला : गुमला (झारखण्ड) का है। कहा जाता है यह पड़हा जतरा पूर्व में इसी सिलमटोंगरी स्थान में लगता रहा था। परन्तु वर्षों पूर्व यहां के जतरा के दिन एक अनहोनी घटना घटी। उस दिन…
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- वर्षा अच्छी होगी इस साल : गजेन्द्र उरांवयह विडियो आदिवासी समाज से अर्जित ज्ञान के तरीके से मौसम भविष्यवाणी कर्ता श्री गजेन्द्र उरांव, उम्र 64 वर्ष, ग्राम सैन्दा, थाना सिसई जिला गुमला द्वारा दिनांक 24.05.2026 को शूट किया गया साक्षात्कार है। इस प्रकार का मौसम भविष्यवाणी, बाबा गजेन्द्र उरांव द्वारा विगत 12 वर्षों से किया जा रहा है। बाबा गजेन्द्र उरांव धान… Read more: वर्षा अच्छी होगी इस साल : गजेन्द्र उरांव
- उरांव लोकजीवन, लोककथाथा, लोकसाहित्य एवं उरांव इतिहासयह फोटो लातेहार जिले के महुआ टांड़ प्रखंड के अन्तर्गत बुढ़ा नदी ऊर्फ पचगी ख़ाड़ नदी, बोहटा नदी एवं ओरंगा नदी, सुगाबांध स्थान पर मिलकर सोन एवं गंगा में जाकर मिलती है। इसी तरह ओड़ंगा अंड़िया, कांस, परास, बंकी नदी दक्षिणी कोयल नदी के रूप में कारो एवं शंख नदी एक साथ बहते हुए राउरकेला… Read more: उरांव लोकजीवन, लोककथाथा, लोकसाहित्य एवं उरांव इतिहास
- KURUX PHONETIC READER कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिएयह पुस्तक KURUX PHONETIC READER के नाम से मई 1985 में CIIL MYSORE द्वारा प्रकाशित हुआ है। इसका प्रथम संस्करण का समय, 40 वर्ष एवं 10 महीने से अधिक है। आदिवासी भाषा में शोध कर रहे शोधकर्ताओं द्वारा इस पुस्तक की मांग को देखते हुए कुड़ुख़ भाषा विज्ञान की इस आधार स्तंभ पुस्तक को सामान्य… Read more: KURUX PHONETIC READER कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिए
- जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस संपन्नदिनांक 01.04.2026, दिन बुधवार को जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस फादर कामिल बुल्के पथ रांची में स्थित सत्यभारती के सभागार में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर नए अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चयन किया गया। समारोह में रांची विश्वविद्यालय के नागपुरी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. वीरेंद्र महतो को मंच का अध्यक्ष… Read more: जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस संपन्न
- कुड़ुख़ टाइम्स का 17वां अंक प्रकाशित हुआकुड़ुख़ टाइम्स का 17वां अंक आप पाठकों के सामने है। यह अंक अपने नये स्वरूप में आप पाठकों के लिए रोचक होगा। कुड़ुख़ संस्कृति एवं नेगचार को असम के डिब्रूगढ़ क्षेत्र में रहने वाले उरांव लोगों को जानिए। साथ ही तमिल-भाषी डॉ स्टीफन जी द्वारा इतिहास के पन्नों पर शोध परक लेख देखने को मिलेगा।… Read more: कुड़ुख़ टाइम्स का 17वां अंक प्रकाशित हुआ