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युकेजी की बच्ची ने कुंड़ुख भाषा व तोलोंग सिकि में गीत गाया

यह विडियो दिनांक २४ अक्टूबर २०२५ को शूट किया हुआ, थाना – सिसई, जिला – गुमला, झारखंड के अन्तर्गत सोहदरी उरांव पब्लिक स्कूल, शिवनाथपुर डहुटोली का है। यहां पर, बच्चे स्कूल की पढ़ाई के साथ कुड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि, लिपि में पढ़ते-लिखते हैं। इस विडियो में UKG एक बच्ची द्वारा कुड़ुख़ भाषा गीत गाकर
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झारखंड के शिवनाथपुर गांव (सिसई) में कुड़ंख यानी तोलोंग सिकि भाषा में गणित का पहाड़ा याद करते बच्चे

यह विडियो दिनांक २१ अक्टूबर २०२५ को शूट किया हुआ ग्राम शिवनाथपुर, थाना – सिसई, जिला – गुमला, झारखंड के धुमकुड़िया का है। यहां पर, बच्चे स्कूल की पढ़ाई के साथ कुड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि, लिपि में पढ़ते-लिखते हैं। इस विडियो में एक बच्चे द्वारा 1 से 5 तक का पहाड़ा, कुड़ुख़ भाषा में
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उरांव पड़हा ग्राम सभा में नृत्य-संगीत

यह विडियो दिनांक 28.03.2025 को शूट किया गया है। यह आयोजन परम्परागत उरांव पड़हा ग्रासभा, सिसई-भरनो के सदस्यों द्वारा संचालित किया गया है। इस आयोजन की पूरी व्यवस्था, ग्रामीण लोगों के आपसी सहयोग से किया गया है। आपसी सहयोग एवं समर्पण तथा समाज के युवकों एवं बुजुर्गों का आपसी तालमेल आने वाले समय के लिए
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सांस्कृतिक कार्यक्रम : 5 दिवसीय आवासीय, कुड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि लिपि प्रशिक्षण

यह विडियो, दिनांक 22.10.2024 दिन मंगलवार को ट्राइबल कल्चर सेन्टर, सोनाली, जमशेदपुर में शूट किया गया है। इस पारंपरिक गीत-नृत्य मंडली, टाटा स्टील फाउंडेशन, जमशेदपुर एवं अद्दी कुड़ुख़ चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा, रांची के संयुक्त तत्वावधान में संचालित एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट के अंतर्गत 5 दिवसीय आवासीय, कुड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि लिपि प्रशिक्षण आयोजित किया
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धूमकुड़िया जमटोली बेड़ो में सीता तिर्की द्वारा बच्चों को सिखाने का प्रयास

यह विडियो दिनांक 22.08.2024 दिन वृहस्पतिवार को कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि शिक्षण केन्द्र जामटोली, बेड़ो में चल रहे केन्द्र का विडियो है। यहां टाटा स्टील फाउंडेशन जमशदेपुर तथा अद्दी कुंड़ुख़ चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा, रांची द्वारा कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि शिक्षण केन्द्र, जामटोली में चलाया जा रहा है। छोटे बच्चे पारम्परिक रूप से मौसमी राग
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आशा आदिवासी विद्यालय बलसोता सरना टोली में आज का क्लास
यह विडियो दिनांक 13.07.2024 दिन शनिवार को आशा आदिवासी विद्यालय, बलसोता, भंडरा (लोहरदगा) का है। इस विद्यालय में तीन भाषा विषय हिन्दी, अंगरेजी और कुंड़ख़ क्रमवार देवनागरी, रोमन एवं तोलोंग सिकि लिपि में पढ़ाई होती है। यह विद्यालय 8वीं कक्षा तक संचालित है तथा यह आवासीय विद्यालय है। विडियो यहां के स्कूल के कक्षा का
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ग्रामीण मौसम भविष्य-वक्ता का पूर्वानुमान 2024
विगत 10 साल से ग्रामीण इलाकों में प्रक़ति की वस्तुओं को देखकर मौसम पूर्वानुमान करने वाले 65 वर्षीय श्री गजेन्द्र उरांव ने साल 2024 का मौसम पूर्वानुमान बतलाया है। उन्होंने कहा कि इस साल 2024 में बरखा तीनों पाली में होगा । इससे फसल अच्छी होगी। ग्रामीण मौसम पूर्वानुमान कर्ता द्वारा बरखा को तीन भाग
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सियांग और सैन्दा गांव में धुमकुड़िया सवंगिया विदाई कार्यक्रम सम्पन्न

दिनांक 12 मई 2024, दिन रविवार को, झारखंड के गुमला जिला के अन्तर्गत, सिसई थाना क्षेत्र के सियांग एवं सैन्दा गांव में धुमकुड़िया सवंगिया विदाई कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। ग्राम सियांग की सयनी फगनी उरांव, पिता श्री जयमंगल उरांव, बीए Kurukh आनर्स तक की पढ़ाई पूरी की और उनके माता पिता इस वर्ष शादी करने वाले
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उरांव समाज में सम्बन्ध विच्छेद की प्रक्रिया : एक लोकगीत में
यह विडियो 17 मई 2023 को शूट किया गया है। इस विडियो में गायिका श्री मती सुशीला टोप्पो, पति श्री रन्थु उरांव द्वारा अपने गीत में परम्परागत उरांव समाज में प्रचलित वैयक्तिक प्रेम के चलते अपने वैवाहिक संबंध तोड़ने के लिए एक बहन अपने भाई से निवेदन करती है। भाई कहता है – जाओ बहन
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पिन्की लिन्डा vs बागा तिर्की : आखिर क्यों, छुटा-छुटी (तलाक) से पहले हो गया केस डिसमिस?..

यह वीडियो हमारे पिछले वीडियो https://youtu.be/gxus_PSq_yg का हिस्सा (Excerpt) है, जिसका शीर्षक था- ‘कोई प्रथा कैसे बनती है कस्टमरी लॉ?.. | How does a custom become a Customary Law?’ वीडियो में मुख्य वक्ता हैं कानून के प्राध्यापक श्री रामचन्द्र उरांव। सवाल कर रहे हैं, पत्रकार किसलय। वह पूरा वीडियो यहां देख – सुन सकते हैं।
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- ओर- करम करम करले बहीन..आईज तारीख 08 मार्च 2026 दिन एतवार के कुड़ुख़ टाइम्स डॉट कॉम कर पुनह परकाशन कर बेरा में टी आर एल ब्लॉग ले उरांव अखरा से तीन गो गावल गीत के नागपुरी भखा में बताल हय। इके धेयान देवब और गुनगुनाब अपने मन सउब – 1 ओर छोट-मोटे तेतईर गे आयो,भिंजल छांहईर गे आयो ।2।घुराल… Read more: ओर- करम करम करले बहीन..
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- हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते यह जानकर बहुत प्रेरणा मिलती है कि गुमला, रांची, लातेहार और लोहरदगा के युवा गणित (Maths) जैसे कठिन विषय को भी कुँड़ुख में ढाल रहे हैं। प्रसिद्ध अफ्रीकी लेखक चिंतक न्गुगी वा थ्योंगो ने हमेशा यही कहा कि – “भाषा केवल साहित्य के लिए नहीं, बल्कि विज्ञान और तर्क के लिए भी होनी चाहिए” ।… Read more: हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते