Personalities
Famous Persons of Society
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साहित्य अकादेमी भाषा सम्मान (कुँड़ुख़) 2016‚ सम्मान समारोह में स्व. डॉ निर्मल मिंज का वक्तब्य

21 फरवरी 2017 को डॉ॰ निर्मल मिंज द्वारा दिया गया वक्तव्य : परम आदरणीय डॉ॰ विश्व्नाथ प्रसाद तिवारी, अध्यक्ष, साहित्य अकादेमी, डॉ॰ के॰श्रीनिवासराव, सचिव, साहित्य अकादेमी। मेरी मातृभाषा कुँड़ुख़ की छोटी सेवा के लिए इतना बड़ा भाषा सम्मान देकर, आपने मुझे और कुँड़ुख़ (उराँव) समाज को सम्मानित किया है, इसके लिए मैं आप लोंगों के…
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कुँड़ुख भाषा तोलोंग सिकि के विकास की कहानी – डॉ निर्मल मिंज

साहित्य अकादमी सम्मान (कुँड़ुख भाषा) से सम्मानित डॉ निर्मल मिंज का कुँड़ुख भाषा एवं तोलोंग सिकि के विकास पर वर्ष 2019 में वक्तब्य : कुँड़ुख भाषा तोलोंग सिकि के विकास की कहानी kuEzux lipi qoloX siki gahi xi:ri kuEzux kaqQA gahi xi:ri gA wiGam raHi. barA nA:m gunain nanoq. kaqQA kaCnaKarnA arA awin e:rA ge si:bA xA:rnA gahi…
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कुँड़ुख़ व तोलोंग सिकि पर क्या कहा था डॉ मुन्डा व डॉ मिंज ने

यह आलेख पद्मश्री डॉ रामदयाल मुण्डा एवं साहित्य अकादमी सम्मान (कुँड़ुख़ भाषा) से सम्मानित डॉ निर्मल मिंज का कुँड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि के विकास में उनके योगदान एवं उनके विचार को केंद्रित करके लिखा गया है। डॉ मुण्डा ने कहा था- ‘हमारे देश के आदिवासियों द्वारा बोली जाने वाली भाषाओं के लिए एक सामान्य…
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आदिवासी भाषा संस्कृति में योगदान के लिये हमेशा याद की जाएंगी सीता टोप्पो

85 वर्षीय आदरणीय श्रीमती सीता टोप्पो अब इस दुनियां में नहीं रहीं। वे दिनांक 15.05.2021 को 8:30 बजे सुबह अंतिम सांस लीं। वे एक कुशल गृहणी एवं समाज सेवी थीं। उनके पति स्व 0 राजू उराँव रॉ में एरिया आफिसर थे। उनकी 5 बेटियां तथा 1 बेटा हैं। वे 15 नाती-पोती की नानी-दादी बनीं। उनका…
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गलती सुधारने का वक्त आ गया है: डॉ निर्मल मिंज (संदर्भ: झारखंड)

यह वीडियो स्वर्गीय डॉ निर्मल मिंज को श्रद्धांजलि है। डॉ मिंज का यह वीडियो 19 मई 2017 को रिकॉर्ड किया गया था। साक्षात्कारकर्ता हैं पत्रकार किसलय।
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डॉ निर्मल मिंज नहीं रहे!.. एवं अन्य खबर..

अलग झारखंड राज्य आंदोलन को बौद्धिक मोर्चे पर दिशा देनेवाले डॉ निर्मल मिंज नहीं रहे। अलग राज्य आंदोलन में उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता है। डॉ मिंज गोस्सनर चर्च के बिशप रहे हैं। डॉ निर्मल मिंज को साहित्य अकादमी का भाषा सम्मान से नवाजा जा चुका है। कुड़ुख भाषा में लेखन और उसके लिए…
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डॉ गिरिधारी राम गौँझू नहीं रहे.. !

समाचार दु:खद है.. झारखंड की संस्कृति, भाषा व सामाजिक उत्थान के लिये हमेशा संघर्षरत प्रणेता डॉ गिरिधारी राम गोंझू का असमय निधन हो गया है। उन्होंने आज गुरूवार 15 अप्रैल 2021 को रांची स्थित रिम्स अस्पताल में अंतिम सांस लीं। उन्हें हर्ट अटैक आया था। डॉ गिरिधारी राम गौंझू रांची विश्वविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय…
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बंदी उरावं नहीं रहे

बिहार (एकीकृत) के पूर्व मंत्री बंदी उरांव का मंगलवार को निधन हो गया है। वे रांची के हेहल स्थित आवास में रहते थे। बंदी उरांव के निधन की खबर सुनकर उनके पैतृक गांव भरनो प्रखंड के डुडिया पंचायत के दतिया बसाईर टोली के ग्रामीणों में शोक की लहर है। इधर उनके निधन की खबर के…
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कुँड़ुख पेंटिंग को नवजीवन देती – कलाकार सुमन्ती उराँव

यूँ कलाकार और कला की कोई सीमा नहीं। लेकिन जब कोई कलाकार लगभग लुप्त हो गई किसी कला को पुनर्जीवित कर देता कलाकार समाज और कला जगत के लिए विशिष्ट हो जाता है। ऐसी ही एक कलाकार है सुमन्ती देव भगत, जो भोपाल में रहती हैं। सुमन्ती ने अपनी वेश-भूषा तक को उराँव संस्कृति के…
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मरंग गोमके जयपाल सिंह की 118वीं जयंती मनायी गई

मरंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की 118वीं जयंती रविवार 03 जनवरी 2021 को मनायी गयी। जयपाल का जन्म 3 जनवरी, 1903 को खूंटी जिला के टकराहातू गांव में हुआ था 1970 में 20 मार्च को हुई थी। मरंग गोमके ने अपने जीवनकाल में 1939 से लेकर 1970 तक 19 उच्चतम पदों पर अपनी सेवाएं दीं।…
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- झारखंड में आदिवासी अधिकारों को लेकर ‘महाजुटान’: परिसीमन के नाम पर ST आरक्षण और राजनीतिक हिस्सेदारी घटाने की साजिश का आरोपरांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित मोरहाबादी मैदान में आयोजित भव्य ‘आदिवासी एकता महाजुटान’ में राज्य के जनजातीय समाज के संवैधानिक अधिकारों, जल-जंगल-जमीन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर केंद्र सरकार तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ हुंकार भरी गई। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और आदिवासी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि… Read more: झारखंड में आदिवासी अधिकारों को लेकर ‘महाजुटान’: परिसीमन के नाम पर ST आरक्षण और राजनीतिक हिस्सेदारी घटाने की साजिश का आरोप
- विश्व आदिवासी दिवस: जल, जंगल और जमीन के संरक्षकों के गौरव का दिन, झारखंड में उमड़ा उल्लासरांची (9 अगस्त, 2026): आज पूरे देश और दुनिया में ‘विश्व आदिवासी दिवस’ (International Day of the World’s Indigenous Peoples) पारंपरिक उत्साह और गौरव के साथ मनाया जा रहा है। मूल निवासियों के अधिकारों, उनकी समृद्ध संस्कृति और जल, जंगल, जमीन के संरक्षण में उनके योगदान को याद करने का यह एक ऐतिहासिक अवसर है।… Read more: विश्व आदिवासी दिवस: जल, जंगल और जमीन के संरक्षकों के गौरव का दिन, झारखंड में उमड़ा उल्लास
- Kurukh Times Web Magazine Issue 05कुंड़ुख टाइम्स का वेब मैगजिन अंक 05 प्रकाशित हो गया है। नीचे पीडीएफ में पढ़े और डाउनलोड करें।
- Kurukh Times Web Magazine Issue 03कुंड़ुखटाइम्स का वेब मैगजिन अंक 03 प्रकाशित हो गया है। इसे नीचे पीडीएफ में पढ़ सकते हैं चाहें तो डाउनलोड भी कर सकते हैं।
- Kurukh Times Magazine Issue 02कुंड़खटाइम्स का वेब मैगेजिन अंक 2 प्रकाशित हो गया है। इसे नीचे पीडीएफ में पढ़ सकते हैं और चाहें तो डाउनलोड भी कर सकते हैं।