Personalities
Famous Persons of Society
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पारम्परिक मौसम विज्ञानी द्वारा मानसून का पूर्वानुमान : 2023 के लिए

गुमला : जिला, सिसई : थाना के सैन्दा ग्राम निवासी श्री गजेन्द्र उराँव, पिता स्व0 डुक्का उरांव, उम्र 67 वर्ष द्वारा दिनांक 28 मई 2023, दिन रविवार को बिशुनपुर (गुमला) में वर्ष 2023 का मानसून पूर्वानुमान किया गया। श्री गजेन्द्र उरांव विगत 10 वर्षों से लगातार परम्परागत तरीके से बोये जाने वाले धान के बीज
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डॉ करमा उरांव नहीं रहे

रांची: झारखंड के जाने माने शिक्षाविद डॉ करमा उरांव नहीं रहे। रविवार (14 मई 2023) सुबह उनका निधन हो गया। डॉ करमा कुछ समय से बीमार चल रहे थे। हफ्ते में दो बार डायलिसिस चलता था। वे डायबिटीज और हाइपरटेंशन से पीडि़त थे। गत वर्ष कोरोना काल में उनके बड़े बेटे का देहांत हो गया
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शिक्षाविद् डॉ करमा उरांव नहीं रहे

रांची: झारखंड के जाने माने शिक्षाविद डॉ करमा उरांव नहीं रहे। रविवार (14 मई 2023) सुबह उनका निधन हो गया। डॉ करमा कुछ समय से बीमार चल रहे थे। हफ्ते में दो बार डायलिसिस चलता था। वे डायबिटीज और हाइपरटेंशन से पीडि़त थे। गत वर्ष कोरोना काल में उनके बड़े बेटे का देहांत हो गया
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बीस वर्ष की काली रात (संक्षिप्त) : कार्तिक उरांव

इस पुस्तिका का लेखन एवं प्रकाशन पंखराज साहेब बाबा कार्तिक उरांव द्वारा कराया गया था। इस पुस्तिका में कार्तिक बाबा द्वारा देश की आजादी के बाद, वर्ष 1950 से 1970 (लगभग 20 वर्ष) के मध्य जंगलों एवं पहाड़ों के बीच रह रहे परम्परागत आदिवासियों के बारे में भारत देश की जनता एवं सरकार के समक्ष,
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एएफसी महिला फुटबॉल के लिए चुनी गई गुमला की सुमति, मुख्यमंत्री ने दी बधाई

इसी महीने शुरू हो रहे एएफसी महिला एशिया कप के लिए गुमला (झारखंड) के सुदूर इलाके भरनो प्रखंड के लोंडरा गांव की निवासी सुमति कुमारी का चयन हो गया है। पिछले महीने कोच्चि में कैंप में शामिल 27 खिलाड़ियों में से 23 सदस्यों को टीम में चुना गया है। एएफसी महिला एशिया कप 20 जनवरी
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हिंदू धर्म के 16 संस्कारों की परंपरा का पालन आदिवासी भी करते हैं फिर सरना धर्म कोड क्यों?

रांची: आदिवासी नेता डॉ करमा उरावं के बयान पर हमलावर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) व सहयोगी संस्थाओं ने सरना धर्म कोड की मांग के खिलाफ मोर्चा खोला है। उनका कहना है कि आदिवासी या जनजातीय समाज को अलग धर्म कोड की कोई आवश्यक्ता ही नहीं। वे तो हिंदू हैं। ‘सरना’ केवल पूजा स्थल को कहा
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डॉ रामदयाल मुण्डा की दसवीं पुण्यतिथि मनायी गई जनजातीय भाषा विभाग में

रांची : रांची विश्वविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग में आज पद्मश्री डॉ रामदयाल मुण्डा की दसवीं पुण्यतिथि मनायी गयी। विभाग के प्राध्यापकों, शोधकर्ताओं एवं छात्रों ने डॉ मुण्डा के तस्वीर पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। संचालन प्राध्यापक किशोर सुरिन ने जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ सरस्वती गागराई ने किया। मौके
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स्व. डॉ निर्मल मिंज से एक बातचीत (पुरानी रिकार्डिंग)

स्व. डॉ निर्मल मिंज और उनकी धर्मपत्नी से बातचीत। (सौजन्य: बीजू टोप्पो)
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श्रद्धांजलि : अद्दी कुँड़ख़ चाःला धुमकुडि़या पड़हा अखड़ा के कर्मठ कार्यकर्ता प्रकाश पन्ना पंकज नहीं रहे

रांची : सेवा निवृत यूनियन बैंक अधिकारी तथा अद्दी कुँड़ख़ चाःला धुमकुडि़या पड़हा अखड़ा‚ रांची के कर्मठ कार्यकर्ता का लम्बी बिमारी के बाद 30 जुलाई 2021 को दोपहर 1.30 बजे पल्स हॉस्पिटल‚ रांची में निधन हो गया। वे अपने पीछे पत्नी‚ दो बेटे एवं दो बेटियाँ छोड़ गये। वे ग्राम – लोंगा‚ पो0 – सातो‚
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साहित्य अकादेमी भाषा सम्मान (कुँड़ुख़) 2016‚ सम्मान समारोह में स्व. डॉ निर्मल मिंज का वक्तब्य

21 फरवरी 2017 को डॉ॰ निर्मल मिंज द्वारा दिया गया वक्तव्य : परम आदरणीय डॉ॰ विश्व्नाथ प्रसाद तिवारी, अध्यक्ष, साहित्य अकादेमी, डॉ॰ के॰श्रीनिवासराव, सचिव, साहित्य अकादेमी। मेरी मातृभाषा कुँड़ुख़ की छोटी सेवा के लिए इतना बड़ा भाषा सम्मान देकर, आपने मुझे और कुँड़ुख़ (उराँव) समाज को सम्मानित किया है, इसके लिए मैं आप लोंगों के
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