Personalities
Famous Persons of Society
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बाबा कार्तिक उरांव का 101वां जयंती समारोह, बिरसा नगर, जमशेदपुर में सम्पन्न

दिनांक 29-10-2025 को आदिवासी उरांव समाज समिति, बिरसा नगर जोन नंबर-06 में पंखराज साहेब बाबा कार्तिक उरांव का 101 वां जयंती 2025 समारोह हर्षोल्लास से मनाया गया। प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी बाबा कार्तिक उरांव जयंती समारोह, बिरसा नगर, जमशेदपुर में टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से मनाया गया। ज्ञात हो टाटा स्टील
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आज डॉ मुन्डा का जन्मदिन है! …नमन!

डॉ राम दयाल मुन्डा का जन्मदिन है आज। आप सबकी ओर से डॉ मुन्डा को नमन और बधाई !!!!
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गुरूजी नहीं रहे..!

झारखंड अलग प्रांत के प्रणेता और आदिवासी व मूलवासी समाज के गुरूजी अर्थात शिबु सोरेन का स्वर्गवास हो गया है। यूं तो अलग झारखंड की मांग पिछले लम्बे अरसे से चलती रही है लेकिन इस आंदोलन को जमीनी अधिकार का तेवर दिया था शिबु सोरेन ने। झारखंड ही क्यों पूरे देश का आदिवासी व बंचित
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डॉ. सोनाझरिया मिंज आवंड़ाटोली, चैनपुर, गुमला से यूनेस्को तक

डॉ. सोनाझरिया मिंज एक प्रसिद्ध आदिवासी विद्वान, अकादमिक, और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो झारखंड के गुमला जिले के ओरांव जनजाति से हैं। उनका जन्म दिसंबर 1962 में हुआ था, और वे वर्तमान में नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में स्कूल ऑफ कंप्यूटर एंड सिस्टम्स साइंसेज की प्रोफेसर हैं। उनकी कहानी संघर्ष, प्रेरणा, और
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पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले झारखंड के तीन आदिवासी हस्तियों को राष्ट्रीय सम्मान

देश और दुनिया में प्राकृतिक और सामाजिक पर्यावरण के बढ़ते संकट पर विचार करने और इसके समाधान के उपायों को साझा करने के लिए रांची प्रेस क्लब में 29 सितंबर 2024 को सावित्रीबाई सेवा फाउंडेशन पुणे के मदद से पर्यावरण संरक्षण के मसीहा अनुपम मिश्र के याद में गोदावरी देवी फाउंडेशन, रांची की ओर से
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स्व. डॉ निर्मल मिंज की पत्नी परक्लेता मेरियन मिंज नहीं रहीं!

जीईएल के प्रथम बिशम स्व. डॉ निर्मल मिंज की पत्नी परक्लेता मेरियन मिंज नहीं रहीं। 15 सितंबर 2024, रविवार को संध्या साढे छह बजे उनका निधन हो गया। अंतिम संस्कार आज दिनांक 16 सितंबर 2024 को दोपहर 3 बजे जीईएल चर्च कब्रिस्तान (डिबडीह, रांची) में आयोजित किया जाएगा। अंतिम संस्कार कार्यक्रम को ज़ूम मीटिंग के
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श्रद्धेय बाबा विजय उरांव के जन्मदिवस पर कुंड़ुख़ भाषा विभाग में साहित्य संगोष्ठी सम्पन्न

श्रद्धेय बाबा विजय उरांव को उनके जन्मदिवस पर उनकी जिया (आत्मा) को शत शत नमन। आज दिनांक 01 जुलाई 2024 को आयोजित बाबा FC विजय उरांव के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित साहित्य संगोष्ठी के लिए विश्वविद्यालय कुंड़ुख़ विभाग परिवार को डॉ नारायण उरांव की से हार्दिक आभार एवं बधाई। इस अवसर में आप सबों के
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अंतर्राष्ट्रीय धावक बुधवा उरांव को अद्दी अखड़ा रांची की ओर से श्रद्धांजलि

पूर्व अंतर्राष्ट्रीय धावक बुधवा उरांव नही रहे लम्बे समय तक उन्होंने एथेलेटिक्स में देश और दुनिया में भारत का प्रतिनिधित्व किया वर्ष 1985 में मास्को में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय एथेलेटिक्स प्रतियोगिता में 800 मीटर के दौड़ में आभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए भारत को पदक दिलाया था 1986 के ओलम्पिक क्वालीफायर में 800 मीटर के दौड़ में
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डॉ नारायण उरावं की मां सामाजिक कार्यकर्त्ता फूलमणि उरावं नहीं रहीं, 85 वर्ष में निधन

सिसई (गुमला) की बहुप्रतिष्ठित कार्यकर्ता श्री मती फूलमणि उरांव नहीं रहीं। 85 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपने सैन्दा स्थित आवास में 12 नवंबर 2023 रात्रि साढ़े ग्यारह बजे अंतिम सांस ली । मौके पर उनके पुत्र डॉ नारायण उरांव व दो पौत्र मौजूद थे। स्व. फूलमणि अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गई हैं।
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रामवृक्ष किण्डो को विनम्र श्रद्धांजलि

यह दुखद समाचार है कि ‘‘बुदो उराँव पब्लिक स्कूल, हहरी (कुँड़ुख़ इंग्लिस मिडियम स्कूल)’’ के संस्थापक सह निदेशक स्व० रामवृक्ष किण्डो, हम सबों के बीच नहीं रहे। उनका निधन दिनांक 03.09.2023, दिन रविवार को रात्रि में हुआ और दिनांक 04.09.2023 को उनका अंतिम संस्कार उनके पैत्रिक गांव ईचा बेती, घाघरा (गुमला) में हुआ। वे 44
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- ओर- करम करम करले बहीन..आईज तारीख 08 मार्च 2026 दिन एतवार के कुड़ुख़ टाइम्स डॉट कॉम कर पुनह परकाशन कर बेरा में टी आर एल ब्लॉग ले उरांव अखरा से तीन गो गावल गीत के नागपुरी भखा में बताल हय। इके धेयान देवब और गुनगुनाब अपने मन सउब – 1 ओर छोट-मोटे तेतईर गे आयो,भिंजल छांहईर गे आयो ।2।घुराल… Read more: ओर- करम करम करले बहीन..
- झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?राँची के कोर्नेलियस मिंज को लोग करन कहते हैं. उनका परिवार सरना आदिवासी था लेकिन बाद में ईसाई बन गया. हालाँकि कोर्नेलियस के घर में अब भी कई लोग सरना हैं. यह परिवार साथ में सरहुल भी मनाता है और क्रिसमस भी. आपस में शादियाँ भी होती हैं. करन कहते हैं कि जब सरना और… Read more: झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?
- झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानितरांची: आज दिनांक 21.02.2026 दिन शनिवार को प्रेस क्लब रांची में अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर अखिल झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार सम्मान 2026 झारखंड के 9 साहित्यकारों के रचनाकारों के साथ ओल चिकि लिपि के रचयिता श्रद्धेय पं रघुनाथ मुर्मू तथा वरांग चिति के रचयिता श्रद्धेय कोल लाको बोदरा को मरणोपरांत उनके वंशजों को… Read more: झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानित
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