KURUX PHONETIC READER कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिए

यह पुस्तक KURUX PHONETIC READER के नाम से मई 1985 में CIIL MYSORE द्वारा प्रकाशित हुआ है। इसका प्रथम संस्करण का समय, 40 वर्ष एवं 10 महीने से अधिक है। आदिवासी भाषा में शोध कर रहे शोधकर्ताओं द्वारा इस पुस्तक की मांग को देखते हुए कुड़ुख़ भाषा विज्ञान की इस आधार स्तंभ पुस्तक को सामान्य सगा-जनों तक पहुंचने के उद्देश्य से कुड़ुख़ टाइम्स ने इस पुस्तक के पीडीएफ रुप को आप पाठकों के लिए प्रस्तुत प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। आइए, कुड़ुख़ भाषा एवं व्याकरण को समझने के लिए अंग्रेजी में लिखित भाषा विज्ञान अथवा कुड़ुख़ ध्वनि विज्ञान को समझने के लिए पी डी एफ का आनंद लें।

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