बलसोता में कुँड़ुख़-कत्थ तोलोङ सिकि हफ्ता दिवस 2025 एवं वीर बुधु भगत जयंती समारोह संपन्‍न

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दिनांक- 17 फरवरी 2025, दिन- सोमवार को टाटा स्टील फांउडेशन, जमशेदपुर एवं अद्दी कुँड़ुख़ चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा रांची के संयुक्त रूप से संचालित तोलोंङ सिकि सह कुँड़ुख़ भाषा शिक्षण केंद्र आशा आदिवासी विद्यालय बलसोता, सरना टोली, भण्डरा के प्रांगण में कुँड़ुख़ कत्थ तोलोंङ सिकि लिपि हफ्ता दिवस 2025 एवं वीर बुधु भगत जयंती समारोह मनाया गया। जिसमें लोहरदगा जिला के विभिन्न स्कूल जिसमें कुँड़ुख़ भाषा एवं तोलोङ सिकि लिपि में पढ़ाया जाता है। इसी प्रकार कई विद्यालय के छात्र- छात्रांए और शिक्षक- शिक्षिकाओं के साथ कुँड़ुख भाषा रिझवार शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त रूप से द्विप प्रज्वलित कर एवं अमर वीर बुधु भगत के फोटो पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम में सम्मिलित विभिन्न स्कुलों के बच्चों ने मौसमी राग में पारंपरिक गीतों के साथ मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। समारोह के दौरान सभी बच्चे और अभिभावकगण उत्साहित नजर आए। 
आशा आदिवासी विद्यालय, बलसोता के अध्यक्ष नागदेव उरांव ने कहा कि अपने भाषा- लिपि संस्कृति को बचाने के लिए ऐसे अगुवाई की आदिवासी समाज को अति आवश्यक है। जिला परिषद सदस्य राजमनी उरांव ने आदिवासी भाषा बचाने को कहा साथ ही घर में अपनी कुँड़ुख भाषा में ही बातचीत करने पर जागरूक किया। विवाह में डीजे का इस्तेमाल न करने से ही वर्तमान पारंपरिक नगाड़ा- मांदर के जमाने में बदलेगा। कोटवार गजेन्द्र उरांव ने कहा कि बच्चों को खेल- कूद में भाषा- परंपरा की पढ़ाई कराए। भुनेश्वर उरांव ने बताया कि सामाजिक गतिविधियां जानने के लिए कुँड़ुख टाइम्स डॉट कॉम वेबसाइट देखें। उन्होंने तोलोंग सिकि लिपि की विशेषता उपस्थित लोगों के बीच साझा की। सामाजिक अगुवा मटकु उरांव ने उच्च शिक्षा की दिशा में बढ़ने की ओर प्रेरित किया। 
कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य राजमनी उरांव, सात पड़हा देवान- शनिचरवा उरांव, बलसोता पहान- सुकरा उरांव, मसमानो पहान- रामा उरांव, भौरों पंचायत मुखिया- सुमन्ती तिग्गा, गडरपो पंचायत मुखिया- सुमित उरांव, मसमानो पंचायत मुखिया- ममता कुमारी, पूर्व भिठा पंचायत मुखिया- सरिता कुमारी तिर्की, सामाजिक कार्यकर्ता- नागदेव उरांव-बालुमाथ, राजेश उरांव- कचमची, नीतु साक्षी टोप्पो- रांची, गंगा भगत- झटनी टोली, विरेन्द्र उरांव- सैंदा, सीमा उरांव,  पंकज उरांव- बेड़ों, राजकुमार, जगजीवन उरांव, बलसोता, एतवा उरांव- विटपी, कार्तिक उरांव, डुमरी, राजेश उरांव भण्डरा, बिनोद उरांव ,भिठू उरांव कसपूर, सोमेश्वर उरांव, संजय उरांव, बिरिया गडरपो, सुकरा उरांव- नवडिहा, दिवाकर उरांव- पोडहा आदि उपस्थित हुए।
लोहरदगा जिला के आशा आदिवासी विद्यालय, बलसोता, सरना टोली, भण्डरा- रतिया उरांव; सात पड़हा कुड़ुख़ विद्यालय, पलमी – संजय उरांव; सेंटर कोडिनेटर भण्डरा – मंगरा उरांव; एंड़ खेप्पे कुँड़ुख़ लूरकुडिया इरगांव – रोशन कुजूर; बी. के इन्डिजेनस एकेडमी ओप्पा; सँवसेरा हायर सेकंडरी स्कूल रोचो- लूइस केरकेट्टा; बुधु वीर लूरकुडिया मेरले- संजिव भगत; दयाल उरांव लूरकुडिया, छलको डिप्पा – रंथु उरांव; धुमकुडिया जोरी – सुगंती कुमारी; दिल्ली विद्यालय के शिक्षिका- संगीता तिर्की, आशा तिर्की, सरीता तिर्की, सुमित उरांव, सिलवन्ती पन्ना, प्रियंका तिर्की, सुकुमारी ख़ा-ख़ा, मुक्ता उरांव, राजेश उरांव, दिप्ती उरांव, अभिभावक और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।
रिपोर्ट —-
रतिया उरांव, प्रधानध्यापक 
आशा आदिवासी विद्यालय, बलसोता, सरना टोली, भण्डरा।
 

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