वैदिक वर्णमाला और संस्‍कृत व्‍याकरण ऐसे समझिये (भाग 3/3)

cover1_1

वैदिक वर्णमाला और संस्कृत वैयाकरण विशेषज्ञों की मान्यताएं विषय पर चर्चा करना कोई आसान काम नहीं है। फिर भी इसे जानने और समझने का प्रयास किये जाने पर ही यह बातें लोगों तक पहुंच पाएंगी। जब मैं 1991-96 में आदिवासी उरांव भाषा की लिपि विषय पर कार्य कर रहा था, तब संस्कृत व्याकरण के ग्रेजुएट ने संस्कृत व्याकरण के तथ्यों एवं मान्यताओं पर प्रकाश डाला। मैं तब से अबतक इसे समझने का प्रयास कर रहा हूं। इसके संदर्भ में नयी जानकारी के साथ यह फोटो पी डी एफ देखें और पढ़ें — डॉ नारायण उरांव ‘सैन्दा

इस आलेख का अगला हिस्‍सा ठीक नीचे लिंक में देखें: 

Cover2

 

 

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *