मंजु उरांव के खिलाफ समाज का तुगलकी फरमान स्‍वीकार्य नहीं, विरोध होगा : सेंगेल

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आदिवासी महिला मंजू उरांव (गुमला जिला) को  ट्रैक्टर से खेती करने के एवज में गांव वालों ने अंधविश्वास के आधार पर उनको ट्रैक्टर चलाने से मना किया, जुर्माना लगाया और बात नहीं मानने पर सामाजिक बहिष्कार करने का एकतरफा तुगलकी फरमान जारी किया है। जो संविधान कानून के खिलाफ है। स्त्री पुरुष की बराबरी के दर्जे के खिलाफ है और बिल्कुल एक अंधविश्वास वाला फरमान है। गलत है। आदिवासी सेंगेल अभियान, जिला पुलिस- प्रशासन और प्रदेश की सरकार से अविलंब मंजू उरांव को सुरक्षा और न्याय प्रदान करने की मांग करता है। बल्कि  उनको उनकी खेती और कृषि के विकास के लिए प्रोत्साहन और पूर्ण सहयोग भी सरकार को प्रदान करना चाहिए और अंधविश्वासीयों के ऊपर में अविलंब कानूनी कार्रवाई की जाए। सेंगेल के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष व पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए यह जानकारी दी है। 

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