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कुड़ुख (Kurukh) भाषा: भौगोलिक विस्तार, जनसांख्यिकीय गणना और भाषाई विद्वानों के दृष्टिकोण

कुड़ुख (जिसे ‘कुड़ुख’ या ‘उरांव भाषा’ भी कहा जाता है) भारत की सबसे समृद्ध और ऐतिहासिक जनजातीय भाषाओं में से एक है। यह मुख्यतः उरांव आदिवासी समुदाय द्वारा बोली जाने वाली भाषा है। भौगोलिक रूप से दक्षिण भारत से सैकड़ों किलोमीटर दूर उत्तर और पूर्व भारत में स्थित होने के बावजूद यह भाषा द्रविड़ भाषा-परिवार…
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- कुड़ुख (Kurukh) भाषा: भौगोलिक विस्तार, जनसांख्यिकीय गणना और भाषाई विद्वानों के दृष्टिकोणकुड़ुख (जिसे ‘कुड़ुख’ या ‘उरांव भाषा’ भी कहा जाता है) भारत की सबसे समृद्ध और ऐतिहासिक जनजातीय भाषाओं में से एक है। यह मुख्यतः उरांव आदिवासी समुदाय द्वारा बोली जाने वाली भाषा है। भौगोलिक रूप से दक्षिण भारत से सैकड़ों किलोमीटर दूर उत्तर और पूर्व भारत में स्थित होने के बावजूद यह भाषा द्रविड़ भाषा-परिवार… Read more: कुड़ुख (Kurukh) भाषा: भौगोलिक विस्तार, जनसांख्यिकीय गणना और भाषाई विद्वानों के दृष्टिकोण
- MMDR संशोधन अधिनियम 2026 के विरोध में JMM का 19 सितंबर को राज्यव्यापी महाधरनारांची: केंद्र सरकार के नए ‘खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026’ (MMDR Amendment Act) के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने इस कानून को राज्य के अधिकारों और स्थानीय लोगों के हितों पर हमला बताते हुए 19 सितंबर 2026 को पूरे राज्य में एक दिवसीय महाधरना… Read more: MMDR संशोधन अधिनियम 2026 के विरोध में JMM का 19 सितंबर को राज्यव्यापी महाधरना
- झारखंड में आदिवासी अधिकारों को लेकर ‘महाजुटान’: परिसीमन के नाम पर ST आरक्षण और राजनीतिक हिस्सेदारी घटाने की साजिश का आरोपरांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित मोरहाबादी मैदान में आयोजित भव्य ‘आदिवासी एकता महाजुटान’ में राज्य के जनजातीय समाज के संवैधानिक अधिकारों, जल-जंगल-जमीन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर केंद्र सरकार तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ हुंकार भरी गई। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और आदिवासी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि… Read more: झारखंड में आदिवासी अधिकारों को लेकर ‘महाजुटान’: परिसीमन के नाम पर ST आरक्षण और राजनीतिक हिस्सेदारी घटाने की साजिश का आरोप
- विश्व आदिवासी दिवस: जल, जंगल और जमीन के संरक्षकों के गौरव का दिन, झारखंड में उमड़ा उल्लासरांची (9 अगस्त, 2026): आज पूरे देश और दुनिया में ‘विश्व आदिवासी दिवस’ (International Day of the World’s Indigenous Peoples) पारंपरिक उत्साह और गौरव के साथ मनाया जा रहा है। मूल निवासियों के अधिकारों, उनकी समृद्ध संस्कृति और जल, जंगल, जमीन के संरक्षण में उनके योगदान को याद करने का यह एक ऐतिहासिक अवसर है।… Read more: विश्व आदिवासी दिवस: जल, जंगल और जमीन के संरक्षकों के गौरव का दिन, झारखंड में उमड़ा उल्लास
- Kurukh Times Web Magazine Issue 05कुंड़ुख टाइम्स का वेब मैगजिन अंक 05 प्रकाशित हो गया है। नीचे पीडीएफ में पढ़े और डाउनलोड करें।