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उपेक्षित आदिवासी भाषाएं : 58 साल की शांति खलखो के संघर्ष की कहानी

27 साल पहले NET, JRF की पात्रता पानेवाली डॉ शांति खलखो के संघर्ष की कहानी, खुद उनकी जुबानी। रांची के जनजातीय भाषा विभाग में 12 साल तक बतौर प्रोफेसर पढ़ाती रही, लेकिन कभी बदले में उन्हें एक पैसा मेहनताना नहीं मिला। अब, एक बार फिर 18 जनवरी 2021 को 58 साल की उम्र में डॉ
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सरना धर्म कोड के लिए रैली कोलकाता में

सरना धर्मगुरू बंधन तिग्गा का आव्हान् : पश्चिम बंगाल: सरना धर्म कोड की मांग करते हुए कोलकाता के नेताजी स्टेडियम में आदिवासी समाज की बड़ी रैली का आयोजन 03 जनवरी 2021 को किया गया। इस अवसर पर सरना धर्मगुरू बंधन तिग्गा ने मांग की कि प. बंगाल की राज्य सरकार सरना धर्म कोड सदन से पारित
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धुमकुडि़या दिवस 2012 : एक स्वागत गीत

यह विडियो ग्राम सैन्दा, थाना सिसर्इ, जिला गुमला में धुमकुड़िया दिवस का है। यह आयोजन डॉ0 नारायण उराँव ‘सैन्दा’ द्वारा परम्परागत सामाजिक संस्था ‘धुमकुड़िया’ को पुनर्जीवित करने के उदेश्य से दिनांक 14 जनवरी 2012 को किया गया था। इस आयोजन का उदेश्य कुड़ुख़ भाशा-संस्कृति को संरक्षण तथा संवर्द्धन करना है। साथ ही मातृभाशा के माध्यम
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मीठे बोल बचपन के : आदिवासी समाज में भाषा का रियाज़ बचपन से ही शुरू होता है

यह विडियो लिटिबीर कुड़ुख़ एकेडमी, तिलसिरी, घाघरा, गुमला का है। कोरोना लॉकडाउन के चलते बच्चे घर में ही परम्परागत गीत सीख रहे हैं। 2रा विडियो में वही बच्चे अंगरेजी कविता याद कर रहे हैं। इस विद्यालय में कुड़ुख़ भाशा-संस्कृति के माध्यम से अंगरेजी एवं हिन्दी की उंचार्इ तक पहुँचने के उदेश्य से संचालित है।
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उपन्यासकार रणेन्द्र से पत्रकार किसलय की लंबी बातचीत

श्रीलाल शुक्ल स्मृति इफ्फको सम्मान के लिए चुने गए साहित्यकार रणेन्द्र (निदेशक, डॉ रामदयाल मुन्डा जनजातीय कल्याण एवं शोध संस्थान, रांची) से पत्रकार किसलय की लंबी बातचीत की झलकियां यहां देखिये/सुनिये। पूरी बातचीत यहां सुन सकते हैं: https://youtu.be/95SDG6ExRCA
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डॉ निर्मल मिंज का संदेश : KurukhTimes.com के लोकार्पण के अवसर पर

जाने माने शिक्षाविद् व आदिवासी चिंतक डॉ निर्मल मिंज ने KurukhTimes.com के लोकार्पण के अवसर पर अपना शुभकामना संदेश रिकार्ड करवाया है। आप भी सुनें..
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Tribal society of jharkhand & their community music

झारखंड का आदिवासी समाज और भाव विभोर करनेवाले उनके कोरस संगीत! .. जरूर सुनिये..
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झारखंड के लोक संगीत का आनंद लीजिए!

झारखंड के लोक संगीत का आनंद लीजिए! Enjoy the folk music of Jharkhand!
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Children survive after migration of parents from Jharkhand

‘अयंग’ के संग (जनजातीय भाषा कुड़ख में अयंक का मतलब होता है, मां) जी नहीं, यह किसी बच्चों का जेल या सरकारी बाल सुधार गृह नहीं.. यह झारखंड के सुदूर गांव का स्कूल है। इसकी साजसज्जा या संसाधन के अभाव पर मत जाइये। इस स्कूल को चलाने की सोच और संचालकों की मानवीय संवेदना गौर
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Install Kelly Tolong – KurukhFont in PC

जनजातीय भाषा कुँड़ुख़ की लिपि तोलोंग सिकि के फॉन्ट केलि तोलोंग को कम्प्युटर में इन्स्टॉल करें !.. यहां से डाउनलोड करें केलि तोलोंग () फॉन्ट : –https://newsmailindia.com/download/ke… यहां से केलि तोलोंक का कीबोर्ड मैप डाउनलोड कर सकते हैं: –https://newsmailindia.com/download/ke… इस वीडियो पर आपकी सकारात्मक टिप्पणी हमारे लिए प्रेरक होंगी।
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- ओर- करम करम करले बहीन..आईज तारीख 08 मार्च 2026 दिन एतवार के कुड़ुख़ टाइम्स डॉट कॉम कर पुनह परकाशन कर बेरा में टी आर एल ब्लॉग ले उरांव अखरा से तीन गो गावल गीत के नागपुरी भखा में बताल हय। इके धेयान देवब और गुनगुनाब अपने मन सउब – 1 ओर छोट-मोटे तेतईर गे आयो,भिंजल छांहईर गे आयो ।2।घुराल… Read more: ओर- करम करम करले बहीन..
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