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करम परब (2022) की शुभकानाएं!!

देश के जनजातीय / आदिवासी इलाकों में 06 सितंबर 2022 को ‘करम परब’ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर आप सबको ढ़ेर सारी बधाई और शुभकामनाएं !!!
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परम्परागत धुमकुड़िया प्रवेश दिवस (कोरना उल्ला) सम्पन्न

दिनांक 16 फरवरी 2022 दिन बुधवार को परम्परगत उरा¡व समाज द्वारा पौराणिक पारम्परिक पाठशाला धुमकुड़िया के रूप में माघ पुर्णिमा 2022 को गुमला जिला के सिसई थाना के सैन्दा ग्राम में रूढ़ी पम्परा पूजा विधि के साथ धुमकुड़िया प्रवेश दिवस मनाया गया। यह दिवस पर, ग्राम सैन्दा के बच्चे एवं बुजूर्ग उपस्थित थे। ज्ञात हो…
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नया वर्ष खुशियां लेकर आया झारखंड हॉकी के लिए
झारखंड के हॉकी खेल जगत के लिए नया साल खुशियां लेकर आया है। राज्य की छह खिलाडि़यों का चयन जूनियन इंडिया कैंप के लिये किया गया है। चयनित खिलाडि़यों में प्रमोदनी लकड़ा, रजनी केरेकेट्टा, महिमा टेटे, दीपिका सोरेंग, काजल बाड़ा और ब्यूटी डुंगडुंग शामिल हैं। सभी खिलाड़ी सिमडेगा जिले की सुदुरवर्ती गांवों की हैं। प्रमोदनी…
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बरा नाम चिहुँट ननोत (आइये हमलोग प्रयास करें)

भइया—बहीन बगारो‚ ओन्टेर कत्थाद तेंग्गइना अरा बअना र’ई का बरना 2022-2032 चान स्वदेशी भाषा ही अंतर्राष्ट्रीय दशक घोषणा मंजकी र’ई (UNESCO Regional consultation Asia on Global Action Plan for International Decade of Indigenous Languages (IDIL) 2022-2032.( 10-11 May 2021.) इदि ही पत्त नू हूं नाम कच्छनखरओत‚ योजना कमओत‚ तंगआ अयंग भखन बींड़आ, पर्दआ, बछाबआ, जोगाबआ खतरी का…
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डॉ निर्मल मिंज नहीं रहे!.. पढि़ये डॉ मिंज से 2017 में लिया गया एक इंटरव्यू..

अलग झारखंड राज्य आंदोलन को बौद्धिक मोर्चे पर दिशा देनेवाले डॉ निर्मल मिंज नहीं रहे। अलग राज्य आंदोलन में उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता है। डॉ मिंज गोस्सनर चर्च के बिशप रहे हैं। डॉ निर्मल मिंज को साहित्य अकादमी का भाषा सम्मान से नवाजा जा चुका है। कुड़ुख भाषा में लेखन और उसके लिए…
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कुँडुख भाषा की लिपि : तोलोंग सिकि

कुँडुख भाषा की लिपि : तोलोंग सिकि तोलोंग सिकि एक लिपि है। यह लिपि, भारतीय आदिवासी आंदोलन तथा झारखण्ड का छात्र आंदोलन की देन है। इस लिपि को आदिवासी कुंडुख (उराँव) समाज ने अपनी भाषा की लिपि के रूप में स्वीकार किया और पठन-पाठन में शामिल कर लिया है। इस लिपि के प्रारूपण में मध्य…
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पो:क अरा पेट्टो
ओन्टा डअ्उ पोक रहचा। आद तंगआ ख़द्द ख़र्रा गने सोंगरा परता ता झबरा बड़ा मन्न ही पा:दा गुसन रअ्आ लगिया। आद नितकिम, उल्ला बा:री बेद्दा मो:ख़ा का:ला लगिया दरा किर्रर की ख़द्दर गने रअ्आ लगिया। आ बड़ा ए:ख़ नुम ओन्टे हाथी हुँ बसा नंज्जकी रहचा। आद भर्इर उल्ला अजगो-इजगो कुद्दा-नुंग्गा की सथारआ गे बड़ा…
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A tribal village of Jharkhand challenges Corona
कोरोना को चुनौती देता झारखंड का एक आदिवासी गांव राजधानी रांची से 12 किमी पर स्थित है यह गांव जराटोली (बड़ाम, नामकोम) एक ओर जहां कोरोना वायरस से देश भर में अफरा तफरी मची है, वहीं झारखंड की राजधानी रांची के निकट एक गांव ऐसा भी है जहां लोग सरकार प्रशासन के मोहताज नहीं। ऐसा…
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आदिवासी समाज और मातृभाषा शिक्षा

परिचय: ‘‘शिक्षा और आदिवासी भाशा‘‘ एक गंभीर और संवेदनाील विशय है। इस विशय पर न तो समाज गंभीर हो सका, न ही सरकारी विभाग। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था सीधे तौर पर सरकार से संबंधित है और सरकार के पास भारतीय परिदृश्य में बहुत सारी जिम्मेदारियाँ है, जिसमें सर्वजन को समान अवसर प्रदान करने जैसी कठिन चुनौतियाँ…
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- विश्व आदिवासी दिवस: जल, जंगल और जमीन के संरक्षकों के गौरव का दिन, झारखंड में उमड़ा उल्लासरांची (9 अगस्त, 2026): आज पूरे देश और दुनिया में ‘विश्व आदिवासी दिवस’ (International Day of the World’s Indigenous Peoples) पारंपरिक उत्साह और गौरव के साथ मनाया जा रहा है। मूल निवासियों के अधिकारों, उनकी समृद्ध संस्कृति और जल, जंगल, जमीन के संरक्षण में उनके योगदान को याद करने का यह एक ऐतिहासिक अवसर है।… Read more: विश्व आदिवासी दिवस: जल, जंगल और जमीन के संरक्षकों के गौरव का दिन, झारखंड में उमड़ा उल्लास
- Kurukh Times Web Magazine Issue 05कुंड़ुख टाइम्स का वेब मैगजिन अंक 05 प्रकाशित हो गया है। नीचे पीडीएफ में पढ़े और डाउनलोड करें।
- Kurukh Times Web Magazine Issue 03कुंड़ुखटाइम्स का वेब मैगजिन अंक 03 प्रकाशित हो गया है। इसे नीचे पीडीएफ में पढ़ सकते हैं चाहें तो डाउनलोड भी कर सकते हैं।
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- Kurukh Times Web Magazine Issue 1कुंड़ुख टाइम्स त्रैमासिक वेब पत्रिका का पहला अंक प्रकाशित हो गया है। नीचे पूरा अंक पढ़ सकते हैं और चाहें तो डाउनलोड भी कर सकते हैं।
