Current Affairs
Latest News & Events Update
-
परम्परागत पड़हा बिसु सेन्दरा सम्मेलन सिसई भरनो 2023 सम्पन्न

भारतीय संसद द्वारा पारित पेसा कानून 1996 (PESA ACT 1996) के Section 4 (d) के अन्तर्गत दिनांक 20 एवं 21 मई 2022 दिन शनिवार एवं रविवार को 9 पड़हा गांव, 7 पड़हा गांव एवं 6 पड़हा गांव, कुल 22 गांवों की सभा (22 गाव का पड़हा बैठक) द्वारा अपनी रूढ़ी–परम्परा के अनुसार ‘परम्परागत ग्रामसभा पड़हा
-
डॉ करमा उरांव नहीं रहे

रांची: झारखंड के जाने माने शिक्षाविद डॉ करमा उरांव नहीं रहे। रविवार (14 मई 2023) सुबह उनका निधन हो गया। डॉ करमा कुछ समय से बीमार चल रहे थे। हफ्ते में दो बार डायलिसिस चलता था। वे डायबिटीज और हाइपरटेंशन से पीडि़त थे। गत वर्ष कोरोना काल में उनके बड़े बेटे का देहांत हो गया
-
शिक्षाविद् डॉ करमा उरांव नहीं रहे

रांची: झारखंड के जाने माने शिक्षाविद डॉ करमा उरांव नहीं रहे। रविवार (14 मई 2023) सुबह उनका निधन हो गया। डॉ करमा कुछ समय से बीमार चल रहे थे। हफ्ते में दो बार डायलिसिस चलता था। वे डायबिटीज और हाइपरटेंशन से पीडि़त थे। गत वर्ष कोरोना काल में उनके बड़े बेटे का देहांत हो गया
-
धनबाद में महिलाओं का ‘चिपको’ आन्दोलन, कोयला खदान का विस्तार रोका

धनबाद:धनबाद में बीसीसीएल के पुटकी-बलिहारी एरिया में कोयला खदान विस्तार के लिए डेढ़ हजार से ज्यादा पेड़ काटने पहुंची कंपनी की टीम को ग्रामीणों का जबरदस्त विरोध झेलना पड़ा। इलाके की सैकड़ों महिलाएं पेड़ों से चिपक गईं। उन्होंने साफ कह दिया कि एक भी पेड़ कटने नहीं दिया जाएगा। नतीजा यह कि कंपनी की टीम
-
सरना धर्मगुरू प्रवीण उरांव का हृदयगति रूकने से निधन

सरना धर्म के जुझारू राष्ट्रीय धर्म गुरू व व्याख्याता डॉ प्रवीण उरांव का हृदयगति रूकने से निधन हो गया है। डॉ प्रवीण झारखंड आंदोलन के दौरान उभरे आजसू के संस्थापकों में से एक थे। उस वक्त युवाओं के आदर्श मानेजाने वाले प्रवीण एक संघर्षशील योद्धा के रूप में पहचाने जाते थे। मृत्यु के वक्त डॉ
-
महादेव टोप्पो का आदिवासी समाज द्वारा जोरदार अभिनंदन

झारखंड की माटी के साहित्यकार: कवि, लेखक, अभिनेता व पूर्व बैंककर्मी महादेव टोप्पो को साहित्य अकादमी (नई दिल्ली) का सदस्य के रूप में मनोनयन किये पर आदिवासी समाज की ओर से जोरदार अभिनंदन किया गया। 05 मार्च 2023 को करमटोली (रांची) स्थित आदिवासी कॉलेज छात्रावास के पुस्तकालय भवन भवन में दर्जनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं
-
साहित्य अकादमी का सदस्य चुने जाने पर महादेव टोप्पो का आदिवासी समाज द्वारा जोरदार अभिनंदन

झारखंड की माटी के साहित्यकार: कवि, लेखक, अभिनेता व पूर्व बैंककर्मी महादेव टोप्पो को साहित्य अकादमी (नई दिल्ली) का सदस्य के रूप में मनोनयन किये पर आदिवासी समाज की ओर से जोरदार अभिनंदन किया गया। 05 मार्च 2023 को करमटोली (रांची) स्थित आदिवासी कॉलेज छात्रावास के पुस्तकालय भवन भवन में दर्जनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं
-
जनजातीय मंत्रालय ने संसद में समुदायों को एसटी दर्जा दिए जाने संबंधी सवाल को नज़रअंदाज़ किया

नई दिल्ली: जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने सोमवार को ओडिशा के कांग्रेस सांसद सप्तगिरी शंकर उल्का द्वारा पूछे गए एक सवाल को टाल दिया, जिसमें उन्होंने पूछा था कि केंद्र सरकार और उपयुक्त अधिकरणों के पास अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे के कितने अनुरोध लंबित हैं. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, जनजातीय मामलों के
-
तोलोंग सिकि के युनिकोड विकास हेतु फॉनेटिक चार्ट अमेरिका भेजा जाएगा – डॉ उरावं

दिनांक 20.11.2022 दिन रविवार को अद्दी कुँड़ृख़ चाःला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा (अद्दी अखड़ा), राँची की मासिक बैठक अद्दी अखड़ा उप कार्यालय, चिरौन्दी, राँची में माननीय अघ्यक्ष श्री जिता उराँव की अध्यक्ष्ता में सम्पन्न हुई। इस बैठक में कुँड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि के विकास के संबंध में चर्चा हुई। बैठक में जनजातीय एवं क्षंत्रीय भाषा
-
राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संघ ने रांची विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौंपा

दिनांक 18.0.2022 दिन मंगलवार को राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संघ द्वारा रांची विश्वविद्यालय, रांची के कुलपति को ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में कुंड़ुख़ भाषा विषय के पठन-पाठन एवं विकास हेतु निम्नलिखित मांग की गई – 1. रांची विश्वविद्यालय, रांची में कुंड़ुख़ भाषा का स्वतंत्र पाठ्यक्रम तैयार किया जाए। पाठ्यक्रम समिति (सिलेबस बोर्ड) में 05 सदस्यों
Latest Posts
- ओर- करम करम करले बहीन..आईज तारीख 08 मार्च 2026 दिन एतवार के कुड़ुख़ टाइम्स डॉट कॉम कर पुनह परकाशन कर बेरा में टी आर एल ब्लॉग ले उरांव अखरा से तीन गो गावल गीत के नागपुरी भखा में बताल हय। इके धेयान देवब और गुनगुनाब अपने मन सउब – 1 ओर छोट-मोटे तेतईर गे आयो,भिंजल छांहईर गे आयो ।2।घुराल… Read more: ओर- करम करम करले बहीन..
- झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?राँची के कोर्नेलियस मिंज को लोग करन कहते हैं. उनका परिवार सरना आदिवासी था लेकिन बाद में ईसाई बन गया. हालाँकि कोर्नेलियस के घर में अब भी कई लोग सरना हैं. यह परिवार साथ में सरहुल भी मनाता है और क्रिसमस भी. आपस में शादियाँ भी होती हैं. करन कहते हैं कि जब सरना और… Read more: झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?
- झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानितरांची: आज दिनांक 21.02.2026 दिन शनिवार को प्रेस क्लब रांची में अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर अखिल झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार सम्मान 2026 झारखंड के 9 साहित्यकारों के रचनाकारों के साथ ओल चिकि लिपि के रचयिता श्रद्धेय पं रघुनाथ मुर्मू तथा वरांग चिति के रचयिता श्रद्धेय कोल लाको बोदरा को मरणोपरांत उनके वंशजों को… Read more: झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानित
- औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?आजादी के पचहत्तर साल बाद भी भारत अंग्रेज और अंग्रेजियत (औपनिवेशिक गुलामी) से मुक्त नहीं हुआ है”—इस उक्ति को यदि गहराई से समझें, तो यह किसी भौतिक गुलामी की नहीं बल्कि मानसिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक और वैचारिक गुलामी की ओर संकेत करती है। भारत ने 1947 में राजनीतिक स्वतंत्रता तो प्राप्त की, परंतु औपनिवेशिक सत्ता द्वारा… Read more: औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?
- हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते यह जानकर बहुत प्रेरणा मिलती है कि गुमला, रांची, लातेहार और लोहरदगा के युवा गणित (Maths) जैसे कठिन विषय को भी कुँड़ुख में ढाल रहे हैं। प्रसिद्ध अफ्रीकी लेखक चिंतक न्गुगी वा थ्योंगो ने हमेशा यही कहा कि – “भाषा केवल साहित्य के लिए नहीं, बल्कि विज्ञान और तर्क के लिए भी होनी चाहिए” ।… Read more: हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते