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कुंड़ुंख भाषा की लिपि तोलोंग सिकि को बीए/एमए में शामिल करने हेतु Ranchi Univ के VC से मिला आदिवासी प्रतिनिधिमंडल

BA एवं MA के कुँडुख़-भाषा विषय के पाठ्यक्रम में कुँडुख़ भाषा की लिपि तोलोंग-सिकि को शामिल कराने तथा पठन- पाठन कराने के लिए पारंपारिक स्वशासन पड़हा व्यवस्था गुमला, लोहरदगा, रांची के बेल राजाओं एवं सदस्यों ने कुलपति, रांची विश्वविद्यालय (रांची) से मुलाकात की। कुलपति महोदय ने अपनी व्यस्तता के बावजूद काफी समय निकाल कर प्रतिनिधिमंडल
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डॉ नारायण उरावं की मां सामाजिक कार्यकर्त्ता फूलमणि उरावं नहीं रहीं, 85 वर्ष में निधन

सिसई (गुमला) की बहुप्रतिष्ठित कार्यकर्ता श्री मती फूलमणि उरांव नहीं रहीं। 85 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपने सैन्दा स्थित आवास में 12 नवंबर 2023 रात्रि साढ़े ग्यारह बजे अंतिम सांस ली । मौके पर उनके पुत्र डॉ नारायण उरांव व दो पौत्र मौजूद थे। स्व. फूलमणि अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गई हैं।
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रामवृक्ष किण्डो को विनम्र श्रद्धांजलि

यह दुखद समाचार है कि ‘‘बुदो उराँव पब्लिक स्कूल, हहरी (कुँड़ुख़ इंग्लिस मिडियम स्कूल)’’ के संस्थापक सह निदेशक स्व० रामवृक्ष किण्डो, हम सबों के बीच नहीं रहे। उनका निधन दिनांक 03.09.2023, दिन रविवार को रात्रि में हुआ और दिनांक 04.09.2023 को उनका अंतिम संस्कार उनके पैत्रिक गांव ईचा बेती, घाघरा (गुमला) में हुआ। वे 44
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सिसई/गुमला/झारखंड में विश्व आदिवासी दिवस (9 अगस्त 2023) आयोजन
यह विडियो दिनांक 9 अगस्त 2023 को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर कार्तिक उरांव आदिवासी कुंड़ुख़ विद्यालय मंगलो सिसई गुमला शूट किया गया विडियो है । इस विद्यालय में कुंड़ुख़ भाषा की पढ़ाई कुंड़ुख़ की अपनी लिपि तोलोंग सिकि में होती है। इस विद्यालय में पारम्परिक गीत, मौसमी राग में सिखलाया जाता है। यह
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लोकहित के लिए राजभवन हमेशा खुला है : महामहिम राज्यपाल

दिनांक 09.08.2023 दिन बुधवार को महामहिम राज्यपाल का आवास अर्थात राजभवन में विश्व आदिवासी दिवस 2023 हर्सोल्लास के साथ मनाया गया। ज्ञात हो कि राजभवन में यह आयोजन पहली बार हुआ है। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत प्राध्यापक एवं चिकित्सक लगभग 20-25 की संख्या में आमंत्रित थे। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रधान सचिव
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बिहार के रोहतास जिले में पहला तोलोंग सिकि प्रशिक्षण केंद्र शुरू हुआ

रोहतास (बिहार), 20 जुलाई – आज दिनांक 20 जुलाई 2023, दिन गुरूवार को रोहतास प्रखंड अंतर्गत रोहतासगढ़ पंचायत के ग्राम माधा में कुंड़ुख़ भाषा की तोलोंग सिकी (लिपि) प्रशिक्षण केंद्र का शुरुआत किया गया। इस कुंड़ुख़ भाषा-लिपि प्रशिक्षण केंद्र में आज शुरुआत करने के बाद प्रत्येक दिन आदिवासी बच्चे बच्चियों को पढ़ने का अवसर मिलेगा।
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जमशेदपुर में तोलोंग सिकि प्रशिक्षण शिविर का अनुभव साझा किया रोहतास (बिहार) के आदिवासियों ने..

यह मार्मिक आलेख एक प्रशिक्षु का है जिन्होंने पिछले दिनों जमशेदुपर में आयोजित तोलोंग सिकि प्रशिक्षण शिविर में अपनी मंडली के साथ हिस्सा लेकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। जरूर पढि़ये और अपनी प्रतिक्रिया दीजिये.. मोबाईल तथा इंटरनेट के माध्यम से ज्ञात हुआ कि उरांव जाति की भाषा कुंड़ुख़ की लिपि तोलोंग सिकि
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मणिपुर हिंसा : आदिवासियों को खत्म करने की साजिश! | ‘सरना धर्मकोड नहीं, तो 2024 मोदी को भारी पड़ेगा’
तभी शांत होगा मणिपुर – पूरे देश में जनजाति सूची में नई जातियों के शामिल करने पर 30 वर्षों के लिये रोक लगायी जाए और इसकी घोषणा तुरंत की जाए : सालखन मुर्मू। पूर्व सांसद व सेंगेल नेता सालखन मुर्मू से बातचीत। जेएमएम ने आदिवासियों को बेचा है: सालखन। सालखन की घोषणा: 2024 आम चुनाव
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- ओर- करम करम करले बहीन..आईज तारीख 08 मार्च 2026 दिन एतवार के कुड़ुख़ टाइम्स डॉट कॉम कर पुनह परकाशन कर बेरा में टी आर एल ब्लॉग ले उरांव अखरा से तीन गो गावल गीत के नागपुरी भखा में बताल हय। इके धेयान देवब और गुनगुनाब अपने मन सउब – 1 ओर छोट-मोटे तेतईर गे आयो,भिंजल छांहईर गे आयो ।2।घुराल… Read more: ओर- करम करम करले बहीन..
- झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?राँची के कोर्नेलियस मिंज को लोग करन कहते हैं. उनका परिवार सरना आदिवासी था लेकिन बाद में ईसाई बन गया. हालाँकि कोर्नेलियस के घर में अब भी कई लोग सरना हैं. यह परिवार साथ में सरहुल भी मनाता है और क्रिसमस भी. आपस में शादियाँ भी होती हैं. करन कहते हैं कि जब सरना और… Read more: झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?
- झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानितरांची: आज दिनांक 21.02.2026 दिन शनिवार को प्रेस क्लब रांची में अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर अखिल झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार सम्मान 2026 झारखंड के 9 साहित्यकारों के रचनाकारों के साथ ओल चिकि लिपि के रचयिता श्रद्धेय पं रघुनाथ मुर्मू तथा वरांग चिति के रचयिता श्रद्धेय कोल लाको बोदरा को मरणोपरांत उनके वंशजों को… Read more: झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानित
- औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?आजादी के पचहत्तर साल बाद भी भारत अंग्रेज और अंग्रेजियत (औपनिवेशिक गुलामी) से मुक्त नहीं हुआ है”—इस उक्ति को यदि गहराई से समझें, तो यह किसी भौतिक गुलामी की नहीं बल्कि मानसिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक और वैचारिक गुलामी की ओर संकेत करती है। भारत ने 1947 में राजनीतिक स्वतंत्रता तो प्राप्त की, परंतु औपनिवेशिक सत्ता द्वारा… Read more: औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?
- हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते यह जानकर बहुत प्रेरणा मिलती है कि गुमला, रांची, लातेहार और लोहरदगा के युवा गणित (Maths) जैसे कठिन विषय को भी कुँड़ुख में ढाल रहे हैं। प्रसिद्ध अफ्रीकी लेखक चिंतक न्गुगी वा थ्योंगो ने हमेशा यही कहा कि – “भाषा केवल साहित्य के लिए नहीं, बल्कि विज्ञान और तर्क के लिए भी होनी चाहिए” ।… Read more: हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते