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गुमला में ‘डहुड़ा कुद्दना हंका’ का आयोजन

दिनांक – 05/01/2025, दिन- रविवार को स्थान- पड़हा पिण्डा, छोटका सैन्दा, टूकू टोली, सिसई, गुमला में ‘डहुड़ा कुद्दना हंका’ का आयोजन हुआ। जिसका विषय – कुंड़ख़र पद्दा पंच्चा, पड़हा पंच्चा, बेल पंच्चा और सरकारी न्यायालय व्यवस्था रहा। तीन संगी पड़हा (9+6+7 = 22 पड़हा ) की प्रतिनिधियों की उपस्थिति देखी गई। मुख्य वक्ताओं में डॉ
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स्व. डॉ निर्मल मिंज की पत्नी परक्लेता मेरियन मिंज नहीं रहीं!

जीईएल के प्रथम बिशम स्व. डॉ निर्मल मिंज की पत्नी परक्लेता मेरियन मिंज नहीं रहीं। 15 सितंबर 2024, रविवार को संध्या साढे छह बजे उनका निधन हो गया। अंतिम संस्कार आज दिनांक 16 सितंबर 2024 को दोपहर 3 बजे जीईएल चर्च कब्रिस्तान (डिबडीह, रांची) में आयोजित किया जाएगा। अंतिम संस्कार कार्यक्रम को ज़ूम मीटिंग के
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‘जनजातीय भाषा शिक्षक पद सृजन का विवादित सर्वे निरस्त हुआ’

शिक्षा निदेशालय की लापरवाही से जनजातीय भाषा कुँडुख (उराँव) ,मुण्डा, हो, खड़िया, संथाली शिक्षक पद सृजन के स्थान पर नागपुरी, उड़िया, बंगला आदि क्षेत्रीय भाषा शिक्षक का पद सृजन किया गया था। जिसे लेकर कुँडुख़ भाषा संरक्षण समन्वय समिति (झारखण्ड) के पदाधिकारियों व कई विधायकों ने दिनांक 30/07/2024 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर सर्वे
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CM हेमन्त सोरेन से मिले कुँडुख़ भाषा संरक्षण समन्वय समिति के पदधारीगण

कुँडुख भाषा शिक्षक पद सृजन विषय को लेकर मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन से कुंडुख(उराँव) भाषा संरक्षण समन्वय समिति झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष अरविंद उराँव, सचिव संजीव भगत, सदस्य संतोष उराँव, सुशील उराँव ने तीन विधायक शिल्पी नेहा तिर्की, भूषण बाड़ा, जिग्गा सुसारण होरो के साथ नया विधान सभा में आज दिनांक 30/07/024 को औपचारिक तौर
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टाटा स्टील फाउंडेशन के अधिकारियों ने एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट गुमला का निरीक्षण किया

दिनांक 28/07/2024, दिन- रविवार को कईली दई कुँड़ुख आवासीय लूरकुड़िया, बेड़ो में एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट के सभी शिक्षक और समन्वयक की उपस्थिति देखी गई। टाटा स्टील फाउंडेशन के अधिकारीगण दो दिवसीय रिव्यू के लिए बेड़ो पहुंचे। एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट के अंतर्गत कार्य प्रणाली का संचालन व प्रगति स्तर का जायजा लिया। साथ ही गुमला के
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चार जिलों में एक साथ डीसी को सौंपा गया ज्ञापन : वृहद आंदोलन का संकेत

कुँडुख भाषा शिक्षक पद सृजन के स्थान पर गलत तरीके से सादरी बोली को आधार बनाकर नागपुरी का पद सृजित किया गया है। जिसे निरस्त कर पुनः सर्वे कराने की मांग को लेकर, विभिन्न संगठन ने दिनांक 26/07/2024 को गुमला, लोहरदगा ,पलामु लातेहार में डीसी को ज्ञापन सौंपा गया। कुँडुख़ भाषा को संरक्षण देने के
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लोहरदगा कॉलेज हॉस्टल में कुँडुख़ भाषा शिक्षक पद सृजन में गड़बड़ी को लेकर बैठक हुई

दिनांक 24/07/2024 को लोहरदगा कॉलेज हॉस्टल नम्बर 3 में भाषा शिक्षक पद सृजित करने में गड़बड़ी को लेकर बैठक हुई। शिक्षक संजय उरांव ने बैठक की अध्यक्षता की। पद सृजन विषय पर गहन विचार-विमर्श किया गया । पड़हा संयोजक विनोद भगत ने कहा कि कुँडुख भाषा को विलुप्त करने की साजिश बहुत तेजी से चल
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गुमला उपायुक्त को ज्ञापन : कुँड़ुख़ भाषा विषय के पद सृजन में भारी गड़बड़ी

गुमला: भाषा विषय को लेकर गुमला उपायुक्त को कुँड़ुख़ भाषा संरक्षण समिति एवं बाईस पड़हा के सदस्यों ने कुँड़ुख़ भाषा विषय के पद सृजन में भारी गड़बड़ी को लेकर सौपा ज्ञापन। कुँड़ुख़ भाषा विषय के पद सृजन को विभागीय लापरवाही के कारण जगह नहीं देना निंदनीय है, जबकि गुमला जिला पाँचवी अनुसूची क्षेत्र वा कुँड़ुख़
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वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उराँव से औपचारिक मुलाकात: कुँड़ुख शिक्षक पद सृजन में अनियमितता का मामला

कुँडुख़ समाज के विभिन्न संगठनों ने कुँडुख़ (उराँव) भाषा संरक्षण समन्वय समिति झारखंड प्रदेश के बैनर तले दिनांक 18/07/2024 को कुटमु, नगर भवन लोहरदगा में कुँडुख़ भाषा शिक्षक पद सृजन के स्थान पर गलत तरीके से नागपुरी शिक्षक का पद सृजित किए जाने पर एकसाथ नजर आए। जिसे लेकर वित मंत्री डाॅ रामेश्वर उराँव से
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भारत आदिवासी पार्टी द्वारा मुख्यसचिव को ज्ञापन : कुंडुख और मुंडारी विषयो के शिक्षकों की बहाली
BAP के सदस्य दिनांक 12.07.2024 को मुख्य सचिव से मिले और शिक्षक बहाली समस्या पर बातचीत किये।
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- ओर- करम करम करले बहीन..आईज तारीख 08 मार्च 2026 दिन एतवार के कुड़ुख़ टाइम्स डॉट कॉम कर पुनह परकाशन कर बेरा में टी आर एल ब्लॉग ले उरांव अखरा से तीन गो गावल गीत के नागपुरी भखा में बताल हय। इके धेयान देवब और गुनगुनाब अपने मन सउब – 1 ओर छोट-मोटे तेतईर गे आयो,भिंजल छांहईर गे आयो ।2।घुराल… Read more: ओर- करम करम करले बहीन..
- झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?राँची के कोर्नेलियस मिंज को लोग करन कहते हैं. उनका परिवार सरना आदिवासी था लेकिन बाद में ईसाई बन गया. हालाँकि कोर्नेलियस के घर में अब भी कई लोग सरना हैं. यह परिवार साथ में सरहुल भी मनाता है और क्रिसमस भी. आपस में शादियाँ भी होती हैं. करन कहते हैं कि जब सरना और… Read more: झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?
- झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानितरांची: आज दिनांक 21.02.2026 दिन शनिवार को प्रेस क्लब रांची में अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर अखिल झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार सम्मान 2026 झारखंड के 9 साहित्यकारों के रचनाकारों के साथ ओल चिकि लिपि के रचयिता श्रद्धेय पं रघुनाथ मुर्मू तथा वरांग चिति के रचयिता श्रद्धेय कोल लाको बोदरा को मरणोपरांत उनके वंशजों को… Read more: झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानित
- औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?आजादी के पचहत्तर साल बाद भी भारत अंग्रेज और अंग्रेजियत (औपनिवेशिक गुलामी) से मुक्त नहीं हुआ है”—इस उक्ति को यदि गहराई से समझें, तो यह किसी भौतिक गुलामी की नहीं बल्कि मानसिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक और वैचारिक गुलामी की ओर संकेत करती है। भारत ने 1947 में राजनीतिक स्वतंत्रता तो प्राप्त की, परंतु औपनिवेशिक सत्ता द्वारा… Read more: औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?
- हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते यह जानकर बहुत प्रेरणा मिलती है कि गुमला, रांची, लातेहार और लोहरदगा के युवा गणित (Maths) जैसे कठिन विषय को भी कुँड़ुख में ढाल रहे हैं। प्रसिद्ध अफ्रीकी लेखक चिंतक न्गुगी वा थ्योंगो ने हमेशा यही कहा कि – “भाषा केवल साहित्य के लिए नहीं, बल्कि विज्ञान और तर्क के लिए भी होनी चाहिए” ।… Read more: हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते