Events
Events & Programs
-
राउरकेला में प्रथम धुमकुड़िया का दो दिवसीय सफल आयोजन, डॉ नारायण उरांव “सैंदा” ने युवाओं को प्रेरित किया

नेड्डा -29/06/2024 से 30/06/2024 को दो दिवसीय करियर काउंसलिंग कार्यक्रम के आयोजक:- सरना प्रार्थना सभा, उड़ीसा द्वारा सरना चौक निकट धुमकुड़िया भवन, उदितनगर, राउरकेला में आयोजन हुआ। कुंडुख समाज कैसे बचेगी? इसी सवाल का जवाब में- विलुप्त होती अपनी मातृभाषा कुंडुख़, पड़हा, धुमकुड़िया, अखड़ा, सारना (अध्यात्म स्त्रोत- सरना प्रार्थना सभा) सरना धरम, ने-ग चार, कुंडुख़
-
श्रद्धेय बाबा विजय उरांव के जन्मदिवस पर कुंड़ुख़ भाषा विभाग में साहित्य संगोष्ठी सम्पन्न

श्रद्धेय बाबा विजय उरांव को उनके जन्मदिवस पर उनकी जिया (आत्मा) को शत शत नमन। आज दिनांक 01 जुलाई 2024 को आयोजित बाबा FC विजय उरांव के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित साहित्य संगोष्ठी के लिए विश्वविद्यालय कुंड़ुख़ विभाग परिवार को डॉ नारायण उरांव की से हार्दिक आभार एवं बधाई। इस अवसर में आप सबों के
-
धुमकुड़िया का उद्घाटन : दिनांक 16/06/2024 : स्थान :- आताकोरा लेटंगा टोली, भरनो

भरनो :-आताकोरा लेटंगा टोली के युवाओं ने विलुप्त होती कुंडुख़ भाषा संस्कृति की संरक्षण एवं संवर्धन करने के उद्देश्य से श्रम दान कर एक धुमकुड़िया का नव निर्माण किया है । धुमकुड़िया नव निर्मित करने के बाद में एक विशेष नेग ,पूजा-अनुष्ठान- डण्डा कट्टना किया जाता है । दिनांक 16/06/2024 को आताकोरा लेटंगा टोली के
-
परम्परागत ग्रामसभा पड़हा बिसुसेन्दरा, गुमला मण्डल 2024

भारतीय संसद द्वारा पारित पेसा कानून 1996 (PESA ACT 1996 ) के Section 4(d) के तहत दिनांक 18 एवं 19 मई 2024 दिन शनिवार एवं रविवार को 9 पड़हा गांव, 7 पड़हा गांव एवं 6 पड़हा गांव, कुल 22 गांवों की सभा (22 गाव का पड़हा बैठक) द्वारा अपनी रूढ़ी-परम्परा के अनुसार ‘‘परम्परागत ग्रामसभा पड़हा
-
सियांग और सैन्दा गांव में धुमकुड़िया सवंगिया विदाई कार्यक्रम सम्पन्न

दिनांक 12 मई 2024, दिन रविवार को, झारखंड के गुमला जिला के अन्तर्गत, सिसई थाना क्षेत्र के सियांग एवं सैन्दा गांव में धुमकुड़िया सवंगिया विदाई कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। ग्राम सियांग की सयनी फगनी उरांव, पिता श्री जयमंगल उरांव, बीए Kurukh आनर्स तक की पढ़ाई पूरी की और उनके माता पिता इस वर्ष शादी करने वाले
-
कार्तिक उरांव आदिवासी कुँड़ुख स्कूल मंगलो, सिसई में खद्दी परब (सरहुल परब) धुमधाम से मनाया गया

गुमला जिले के कुड़ुख़ भाषी क्षेत्र के मंगलो ग्राम में स्थित कार्तिक उरांव आदिवासी कुँड़ुख स्कूल मंगलो,सिसई के शिक्षकों तथा छात्रों द्वारा अपनी भाषा-संस्कृति को बचाने के लिए विशेष पहल करते हुए अनोखे अंदाज में खद्दी पर्व मनाया गया। इस वर्ष का नया अंदाज यह था कि – विलुप्त होते प्राचीन गीतों का षोध-अनुसंधान कर
-
सरहुल की बहुत बधाई और शुभकामनायें!

देश के आदिवासी बहुल इलाकों में सरहुल का पर्व धूमधाम से मनाया गया। झारखंड की राजधानी रांची में सड़कों पर पुरूष महिलाओं और बच्चों का सैलाब नजर आया। आपको भी सरहुल की बहुत बधाई।
-
Kurukh Training Session at Kolkata

Refresher Training program on kurukh Language, 2024 was held from 19.03.2024 to 20.03.2024. This training program was organised by Cultural Research Institute, Kolkata, Govt of West Bengal in collaboration with Kurukh Literary Society of India Kolkata Chapter and this was sponsored by Tribal Development Department, Govt of WB. This program was held at Sidhu Kanu
-
अंतर्राष्ट्रीय धावक बुधवा उरांव को अद्दी अखड़ा रांची की ओर से श्रद्धांजलि

पूर्व अंतर्राष्ट्रीय धावक बुधवा उरांव नही रहे लम्बे समय तक उन्होंने एथेलेटिक्स में देश और दुनिया में भारत का प्रतिनिधित्व किया वर्ष 1985 में मास्को में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय एथेलेटिक्स प्रतियोगिता में 800 मीटर के दौड़ में आभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए भारत को पदक दिलाया था 1986 के ओलम्पिक क्वालीफायर में 800 मीटर के दौड़ में
Latest Posts
- ओर- करम करम करले बहीन..आईज तारीख 08 मार्च 2026 दिन एतवार के कुड़ुख़ टाइम्स डॉट कॉम कर पुनह परकाशन कर बेरा में टी आर एल ब्लॉग ले उरांव अखरा से तीन गो गावल गीत के नागपुरी भखा में बताल हय। इके धेयान देवब और गुनगुनाब अपने मन सउब – 1 ओर छोट-मोटे तेतईर गे आयो,भिंजल छांहईर गे आयो ।2।घुराल… Read more: ओर- करम करम करले बहीन..
- झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?राँची के कोर्नेलियस मिंज को लोग करन कहते हैं. उनका परिवार सरना आदिवासी था लेकिन बाद में ईसाई बन गया. हालाँकि कोर्नेलियस के घर में अब भी कई लोग सरना हैं. यह परिवार साथ में सरहुल भी मनाता है और क्रिसमस भी. आपस में शादियाँ भी होती हैं. करन कहते हैं कि जब सरना और… Read more: झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?
- झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानितरांची: आज दिनांक 21.02.2026 दिन शनिवार को प्रेस क्लब रांची में अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर अखिल झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार सम्मान 2026 झारखंड के 9 साहित्यकारों के रचनाकारों के साथ ओल चिकि लिपि के रचयिता श्रद्धेय पं रघुनाथ मुर्मू तथा वरांग चिति के रचयिता श्रद्धेय कोल लाको बोदरा को मरणोपरांत उनके वंशजों को… Read more: झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानित
- औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?आजादी के पचहत्तर साल बाद भी भारत अंग्रेज और अंग्रेजियत (औपनिवेशिक गुलामी) से मुक्त नहीं हुआ है”—इस उक्ति को यदि गहराई से समझें, तो यह किसी भौतिक गुलामी की नहीं बल्कि मानसिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक और वैचारिक गुलामी की ओर संकेत करती है। भारत ने 1947 में राजनीतिक स्वतंत्रता तो प्राप्त की, परंतु औपनिवेशिक सत्ता द्वारा… Read more: औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?
- हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते यह जानकर बहुत प्रेरणा मिलती है कि गुमला, रांची, लातेहार और लोहरदगा के युवा गणित (Maths) जैसे कठिन विषय को भी कुँड़ुख में ढाल रहे हैं। प्रसिद्ध अफ्रीकी लेखक चिंतक न्गुगी वा थ्योंगो ने हमेशा यही कहा कि – “भाषा केवल साहित्य के लिए नहीं, बल्कि विज्ञान और तर्क के लिए भी होनी चाहिए” ।… Read more: हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते
