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पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले झारखंड के तीन आदिवासी हस्तियों को राष्ट्रीय सम्मान

देश और दुनिया में प्राकृतिक और सामाजिक पर्यावरण के बढ़ते संकट पर विचार करने और इसके समाधान के उपायों को साझा करने के लिए रांची प्रेस क्लब में 29 सितंबर 2024 को सावित्रीबाई सेवा फाउंडेशन पुणे के मदद से पर्यावरण संरक्षण के मसीहा अनुपम मिश्र के याद में गोदावरी देवी फाउंडेशन, रांची की ओर से
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बसिया के स्कुली शिक्षकों ने तोलोंग सिकि के प्रभावी शिक्षण पर लिया प्रशिक्षण

दिनांक- 08/09/2024, दिन- रविवार को बसिया के स्कुली शिक्षकों ने अद्दी कुँडुख चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा, संस्था के चिरौंदी स्थित कार्यालय में आकर एक दिवसीय प्रशिक्षण ली। यह प्रशिक्षण प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की शिक्षा के लिए विशेष कुँड़ुख भाषा और तोलोंग सिकि लिपि पर हूई। अन्य विषय जैसे गणित, बाल कविताएं (चिंचो डण्डी), धुमकुड़िया
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धूमकुड़िया जमटोली बेड़ो में सीता तिर्की द्वारा बच्चों को सिखाने का प्रयास

यह विडियो दिनांक 22.08.2024 दिन वृहस्पतिवार को कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि शिक्षण केन्द्र जामटोली, बेड़ो में चल रहे केन्द्र का विडियो है। यहां टाटा स्टील फाउंडेशन जमशदेपुर तथा अद्दी कुंड़ुख़ चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा, रांची द्वारा कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि शिक्षण केन्द्र, जामटोली में चलाया जा रहा है। छोटे बच्चे पारम्परिक रूप से मौसमी राग
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कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला टी.सी.सी.जमशेदपुर में सम्पन्न

दिनांक –1 6 अगस्त से 20 अगस्त 2024 तक टाटा स्टील फाउंडेशन ,जमशेदपुर की सहयोगी संस्था अद्दी कुंडुख चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा,रांची एवं उरांव सरना समिति, चक्रधरपुर, पश्चिमी सिंहभूम द्वारा संचालित एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट के अंतर्गत “तोलोङ सिकि सह कुंडुख भाषा शिक्षक-संयोजक प्रशिक्षण” 5 दिवसीय आवासीय कार्यशाला टी॰सी॰सी॰ सोनारी(जमशेदपुर) में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ ।
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विश्व आदिवासी दिवस पर बीएस काॅलेज ऑडिटोरियम सभागार में कुँडुख़ भाषा की हुई चर्चा

दिनांक 09/08/2024 को बीएस काॅलेज लोहरदगा ऑडिटोरियम सभागार में समस्त आदिवासी संगठन लोहरदगा की ओर से भव्य विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। संजीव भगत पड़हा संयोजक ने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पुरे बुधुवीर सेना को लगाया गया था। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य -विभिन्न कुँड़ख़ संगठनो को जोड़ कर अपनी
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विश्व आदिवासी दिवस 2024 की ढ़ेर सारी बधाई और शुभकामनाएं

आदिवासी समाज अपने संगीत-नृत्य के लिये मशहूर है। ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन लगभग हर त्योहार और खास मौके पर अवश्य होता है। खास कर गांवों में तो जैसे यह दिनचर्या है। आज आदिवासी दिवस है। पूरी दुनिया में यह मौका आदिवासियों के लिये खास है। ऐसे में संगीत नृत्य न हो यह कैसे संभव है।
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जमशेदपुर एवं सरायकेला-खरसावां में एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट के भाषा शिक्षकों की परीक्षा संपन्न

दिनांक 30/07/2024 को धुमकुड़िया बिरसा नगर, जोन नंबर- 6, जमशेदपुर में संचालित सभी सेंटर के शिक्षकों की परीक्षा ली गई। वहीं दिनांक 01/08/2024 को सरायकेला/ सीनी के बाबा कार्तिक उरांव पुस्तकालय (शहरबेड़ा) में टाटा स्टील फाउंडेशन की सहकार्यता से अद्दी अखड़ा संस्था, रांची द्वारा संचालित एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया गया। जिसमें टाटा स्टील
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मातृभाषा बचाव ! आदिवासी बचाओ!! जोहार सभी साथियों को!!

लोहरदगा जिला के अंतर्गत न्यू टाउन हॉल ब्लॉक कॉलोनी सदर प्रखंड़ लोहरदगा में दिनाँक 18/07/2024 दिन गुरूवार को स्थानीय विधायक सह मंत्री माननीय डाँ रामेश्वर उराँव ने कल्याण विभाग द्धारा संचालित मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत विभिन्न परिसंपतियों का वितरण किया गया! इस कार्यक्रम समाप्त होने के बाद अलग से विभिन्न सरना आदिवासी संगठनों
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आशा आदिवासी विद्यालय बलसोता सरना टोली में आज का क्लास
यह विडियो दिनांक 13.07.2024 दिन शनिवार को आशा आदिवासी विद्यालय, बलसोता, भंडरा (लोहरदगा) का है। इस विद्यालय में तीन भाषा विषय हिन्दी, अंगरेजी और कुंड़ख़ क्रमवार देवनागरी, रोमन एवं तोलोंग सिकि लिपि में पढ़ाई होती है। यह विद्यालय 8वीं कक्षा तक संचालित है तथा यह आवासीय विद्यालय है। विडियो यहां के स्कूल के कक्षा का
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दो दिवसीय कुँड़ुख़ प्रशिक्षण कार्यक्रम साल्ट लेक कोलकाता में हुआ सम्पन्न, तोलोंग सिकि लिपि बनी माध्यम

दिनांक- 26 से 27 जून 2024 तक दो दिवसीय कुँड़ुख़ प्रशिक्षण कार्यक्रम साल्ट लेक, कोलकाता के सिधु-कान्हु भवन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम कल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट, आदिवासी विकास विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार के द्वारा आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के बर्धमान, बीरभूम तथा हुगली जिले से कुल 28 उरांव प्रशिक्षणार्थियों ने
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- ओर- करम करम करले बहीन..आईज तारीख 08 मार्च 2026 दिन एतवार के कुड़ुख़ टाइम्स डॉट कॉम कर पुनह परकाशन कर बेरा में टी आर एल ब्लॉग ले उरांव अखरा से तीन गो गावल गीत के नागपुरी भखा में बताल हय। इके धेयान देवब और गुनगुनाब अपने मन सउब – 1 ओर छोट-मोटे तेतईर गे आयो,भिंजल छांहईर गे आयो ।2।घुराल… Read more: ओर- करम करम करले बहीन..
- झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?राँची के कोर्नेलियस मिंज को लोग करन कहते हैं. उनका परिवार सरना आदिवासी था लेकिन बाद में ईसाई बन गया. हालाँकि कोर्नेलियस के घर में अब भी कई लोग सरना हैं. यह परिवार साथ में सरहुल भी मनाता है और क्रिसमस भी. आपस में शादियाँ भी होती हैं. करन कहते हैं कि जब सरना और… Read more: झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?
- झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानितरांची: आज दिनांक 21.02.2026 दिन शनिवार को प्रेस क्लब रांची में अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर अखिल झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार सम्मान 2026 झारखंड के 9 साहित्यकारों के रचनाकारों के साथ ओल चिकि लिपि के रचयिता श्रद्धेय पं रघुनाथ मुर्मू तथा वरांग चिति के रचयिता श्रद्धेय कोल लाको बोदरा को मरणोपरांत उनके वंशजों को… Read more: झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानित
- औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?आजादी के पचहत्तर साल बाद भी भारत अंग्रेज और अंग्रेजियत (औपनिवेशिक गुलामी) से मुक्त नहीं हुआ है”—इस उक्ति को यदि गहराई से समझें, तो यह किसी भौतिक गुलामी की नहीं बल्कि मानसिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक और वैचारिक गुलामी की ओर संकेत करती है। भारत ने 1947 में राजनीतिक स्वतंत्रता तो प्राप्त की, परंतु औपनिवेशिक सत्ता द्वारा… Read more: औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?
- हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते यह जानकर बहुत प्रेरणा मिलती है कि गुमला, रांची, लातेहार और लोहरदगा के युवा गणित (Maths) जैसे कठिन विषय को भी कुँड़ुख में ढाल रहे हैं। प्रसिद्ध अफ्रीकी लेखक चिंतक न्गुगी वा थ्योंगो ने हमेशा यही कहा कि – “भाषा केवल साहित्य के लिए नहीं, बल्कि विज्ञान और तर्क के लिए भी होनी चाहिए” ।… Read more: हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते