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देवनागरी लिपि का आधार : एक चर्चा
यह विडियो दिनांक 30.01.2025 दिन बृहस्पतिवार को शूट किया गया है। यह विडियो कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा के वेद विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ विनय कुमार मिश्रा एवं कुड़ुख़ तोलोंग सिकि लिपि के सर्जक डॉ नारायण उरांव सैन्दा के बीच हुई बातचीत का अंश है। इस बातचीत में देवनागरी लिपि का आधार विषय पर
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गुमला में ‘डहुड़ा कुद्दना हंका’ का आयोजन

दिनांक – 05/01/2025, दिन- रविवार को स्थान- पड़हा पिण्डा, छोटका सैन्दा, टूकू टोली, सिसई, गुमला में ‘डहुड़ा कुद्दना हंका’ का आयोजन हुआ। जिसका विषय – कुंड़ख़र पद्दा पंच्चा, पड़हा पंच्चा, बेल पंच्चा और सरकारी न्यायालय व्यवस्था रहा। तीन संगी पड़हा (9+6+7 = 22 पड़हा ) की प्रतिनिधियों की उपस्थिति देखी गई। मुख्य वक्ताओं में डॉ
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TSF Tribal App में आनलाइन निबंधन हेतु प्रशिक्षण

दिनांक 10/11/2024, दिन रविवार को अद्दी अखड़ा संस्था, रांची और टाटा स्टील फाउंडेशन, जमशेदपुर के संयुक्त तत्वावधान में एजेरना FC बेड़ा प्रोजेक्ट के सभी शिक्षकों के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। यह प्रशिक्षण उपस्थित समन्वयकों द्वारा आशा आदिवासी कुँड़ुख स्कूल बलसोता, भण्डरा, लोहरदगा में दी गई। जिसमें TSF Tribal App पर डाटा डालने और अपलोड
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बिरसा नगर, जमशेदपुर में बाबा कार्तिक उरांव का 100 वॉं जयंती समारोह सम्पन्न

दिनांक 29-10-2024 को आदिवासी उराँव समाज समिति, बिरसा नगर जोन न० 6 में पंखराज साहेब बाबा कार्तिक उरांव का 100 वॉं जयंती समारोह मनाया गया। ऐसा समारोह बाबा कार्तिक उरांव जयंती के रूप में बिरसानगर में प्रत्येक वर्ष टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से जमशेदपुर के कुड़ुख़ क्लास की शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों और बिरसा नगर के
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टाटा स्टील फाउण्डेशन, जमशेदपुर द्वारा संचालित ‘‘एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट’’ प्रशिक्षण सम्पन्न

टाटा स्टील फाउण्डेशन, जमशेदपुर एवं अद्दी कुड़ुख़ चाःला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा, रांची, संस्था के संयुक्त तत्वाधान में दिनांक 21.10.2024 से 25.10.2024 तक‘‘एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट’’(कुँड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि/लिपि प्रशिक्षण कार्यक्रम) का द्वितीय कार्यशाला, ट्राइबल कल्चर सेंटर (Tribal Culture Centre) सोनारी, जमशेदपुर में 05 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न हुआ। इस कार्यशाला में भाषा शिक्षण ईकाई से
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सांस्कृतिक कार्यक्रम : 5 दिवसीय आवासीय, कुड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि लिपि प्रशिक्षण

यह विडियो, दिनांक 22.10.2024 दिन मंगलवार को ट्राइबल कल्चर सेन्टर, सोनाली, जमशेदपुर में शूट किया गया है। इस पारंपरिक गीत-नृत्य मंडली, टाटा स्टील फाउंडेशन, जमशेदपुर एवं अद्दी कुड़ुख़ चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा, रांची के संयुक्त तत्वावधान में संचालित एजेरना बेड़ा प्रोजेक्ट के अंतर्गत 5 दिवसीय आवासीय, कुड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि लिपि प्रशिक्षण आयोजित किया
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कुंड़ुख भाषा – तोलोंग सिकि लिपि पर राष्ट्रीय सेमिनार का दूसरा दिन

दिनांक 02 एवं 03 अक्टुवर 2024 को कुड़ुख़ भाषा की दशा एवं दिशा विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार, कुड़ुख़ भाषा एवं सांस्कृतिक पुनरूत्थान केन्द, बम्हनी गुमला में सम्पन्न हुआ। इस सेमिनार में दिनांक 03 अक्टुवर 2024 किये गये प्रस्तुति में से कुड़ख़ भाषा तोलोंग सिकि और उरांव समाज की भूमिका विषय किए गए प्रस्तुति
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बम्हनी, गुमला में कुड़ुख़ भाषा की दशा एवं दिशा विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार शुरू

दिनांक- 02 अक्टूबर 2024, दिन- बुधवार को गुमला जिले के कुँड़ुख भाषा एवं सांस्कृतिक पुनरूत्थान केन्द्र, बम्हनी में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार की शुरुआत हुई। प्रथम दिन की सेमिनार की अध्यक्षता कुँड़ुख विभागाध्यक्ष, डॉ नारायण भगत द्वारा किया गया। मंच संचालन कमल उरांव द्वारा किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के पुर्व
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टाटा फाउन्डेशन द्वारा संचालित तोलोंग सिकि सह कुंड़ुख भाषा शिक्षण केंद्र बलसोता के बच्चों का शैक्षिक भ्रमण संपन्न

आज दिनांक 02/09/2024 को टाटा स्टील फाउन्डेशन द्वारा संचालित तोलोंग सिकि सह कुंड़ुख भाषा शिक्षण केंद्र आशा आदिवासी विद्यालय बलसोता सरना टोली भण्डरा के बच्चों को शैक्षिक भ्रमण के लिए 130 बच्चे और 15 शिक्षण-कर्मी सुबह 8 बजे दो बस में रवाना हुए। साथ में मंदर और झांझ के साथ करम और जतरा गीतो में
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कुँड़ुख भाषा और पुथी जतरा से साहित्य की विकास की अधिक संभावना: महादेव टोप्पो

दिनांक 28/09/2024 को सुबह 10.00 बजे से 2.00 बजे तक विश्वविद्यालय कुँड़ुख विभाग, रांची विश्वविद्यालय, रांची के परिसर में ‘कुँड़ुख व्याकरणिक शब्दावली एवं शब्द रचना’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई। इस कार्यशाला में कुँड़ुख शब्द एवं व्याकरण को लेकर गहन चर्चा की गई। बैठक में में यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में
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- ओर- करम करम करले बहीन..आईज तारीख 08 मार्च 2026 दिन एतवार के कुड़ुख़ टाइम्स डॉट कॉम कर पुनह परकाशन कर बेरा में टी आर एल ब्लॉग ले उरांव अखरा से तीन गो गावल गीत के नागपुरी भखा में बताल हय। इके धेयान देवब और गुनगुनाब अपने मन सउब – 1 ओर छोट-मोटे तेतईर गे आयो,भिंजल छांहईर गे आयो ।2।घुराल… Read more: ओर- करम करम करले बहीन..
- झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?राँची के कोर्नेलियस मिंज को लोग करन कहते हैं. उनका परिवार सरना आदिवासी था लेकिन बाद में ईसाई बन गया. हालाँकि कोर्नेलियस के घर में अब भी कई लोग सरना हैं. यह परिवार साथ में सरहुल भी मनाता है और क्रिसमस भी. आपस में शादियाँ भी होती हैं. करन कहते हैं कि जब सरना और… Read more: झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?
- झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानितरांची: आज दिनांक 21.02.2026 दिन शनिवार को प्रेस क्लब रांची में अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर अखिल झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार सम्मान 2026 झारखंड के 9 साहित्यकारों के रचनाकारों के साथ ओल चिकि लिपि के रचयिता श्रद्धेय पं रघुनाथ मुर्मू तथा वरांग चिति के रचयिता श्रद्धेय कोल लाको बोदरा को मरणोपरांत उनके वंशजों को… Read more: झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानित
- औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?आजादी के पचहत्तर साल बाद भी भारत अंग्रेज और अंग्रेजियत (औपनिवेशिक गुलामी) से मुक्त नहीं हुआ है”—इस उक्ति को यदि गहराई से समझें, तो यह किसी भौतिक गुलामी की नहीं बल्कि मानसिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक और वैचारिक गुलामी की ओर संकेत करती है। भारत ने 1947 में राजनीतिक स्वतंत्रता तो प्राप्त की, परंतु औपनिवेशिक सत्ता द्वारा… Read more: औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?
- हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते यह जानकर बहुत प्रेरणा मिलती है कि गुमला, रांची, लातेहार और लोहरदगा के युवा गणित (Maths) जैसे कठिन विषय को भी कुँड़ुख में ढाल रहे हैं। प्रसिद्ध अफ्रीकी लेखक चिंतक न्गुगी वा थ्योंगो ने हमेशा यही कहा कि – “भाषा केवल साहित्य के लिए नहीं, बल्कि विज्ञान और तर्क के लिए भी होनी चाहिए” ।… Read more: हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते